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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव के नाम पर वसूली
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 11 Aug 2015 11:11 PM IST
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कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव के नाम पर अवैध वसूली की जा
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रही है।कर्मचारियों के साथ-साथ एंबुलेंस चालक भी पैसे लेने में परहेज नहीं
करते हैं। सुविधा शुल्क न मिलने पर कर्मचारी परिजनों से बदसलूकी तक कर देते
हैं। इससे अस्पताल प्रशासन भी वाकिफ है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की
जा रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसूताओं की देखरेख की जिम्मेदारी निभाने वाली आशाएं ही इनसे वसूली में मध्यस्थता करती हैं। गर्भवती के साथ आने वाली आशाएं परिजनों को एंबुलेंस चालक तथा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को अवैध रूप से पैसा देने के लिए मजबूर करती हैं। देवरान गढ़िया निवासी विमला देवी का कहना है कि 4 अगस्त को पुत्रवधू बबली को
प्रसव पीड़ा हुई। इसकी सूचना उन्होंने आशा को दी। आशा उसे 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गईं । यहां एंबुलेंस से उतरते ही आशा ने उससे 50 रुपये एंबुलेंस चालक को दिलवाए । पूछने पर आशा ने कहा कि यह रुपये देने ही होते हैं। आरोप है कि भर्ती करने के बाद तैनात कर्मचारियों ने उससे 400 रुपये की मांग की। विरोध करने पर आशा ने
कहा कि पैसे दे दो, काम सही हो जाएगा। उसने 400 रुपये भी दे दिए। वहीं सेंट्रल जेल गढ़िया निवासी शकुंतला देवी ने बताया कि वह अपनी पुत्री सरस्वती को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर आई थीं। यहां तैनात कर्मचारियों ने उनसे 400 रुपये ले लिए। इसके बाद भर्ती किया। इकुछ देर बाद एक चाय वाला आ गया। सभी कर्मचारियों
चाय पी। चाय के 30 रुपये भी उससे दिलवाए। कल्लू नगला निवासी कांति ,राजेपुर भूड़ निवासी सोनू की पत्नी रश्मि तथा कतरौली निवासी गौतम की पत्नी सरोजनी ने भी वसूली की शिकायत की। इनका कहना है कि सुविधा शुल्क न मिलने पर कर्मचारी परिजनों से बदसलूकी करते हैं।
जमीन पर लिटा दिए बच्चे
विमला देवी तथा शकुंतला के नवजात बरामदे में जमीन पर लेटे थे। पूछने पर इन्होंने बताया कि नए मरीज आने पर उन्हें दूसरी मंजिल पर जाने के लिए कहा गया। वहां गंदगी थी। इससे वहां नहीं गईं।
अस्पताल में जगह जगह मेरा मोबाइल नंबर लिखा है । अगर कोई कर्मचारी गलत तरीके से पैसा मांगता है तो उसकी शिकायत करें। कार्रवाई की जाएगी ।- डा. मान सिंह वर्मा , प्रभारी चिकित्साधिकारी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसूताओं की देखरेख की जिम्मेदारी निभाने वाली आशाएं ही इनसे वसूली में मध्यस्थता करती हैं। गर्भवती के साथ आने वाली आशाएं परिजनों को एंबुलेंस चालक तथा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को अवैध रूप से पैसा देने के लिए मजबूर करती हैं। देवरान गढ़िया निवासी विमला देवी का कहना है कि 4 अगस्त को पुत्रवधू बबली को
प्रसव पीड़ा हुई। इसकी सूचना उन्होंने आशा को दी। आशा उसे 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गईं । यहां एंबुलेंस से उतरते ही आशा ने उससे 50 रुपये एंबुलेंस चालक को दिलवाए । पूछने पर आशा ने कहा कि यह रुपये देने ही होते हैं। आरोप है कि भर्ती करने के बाद तैनात कर्मचारियों ने उससे 400 रुपये की मांग की। विरोध करने पर आशा ने
कहा कि पैसे दे दो, काम सही हो जाएगा। उसने 400 रुपये भी दे दिए। वहीं सेंट्रल जेल गढ़िया निवासी शकुंतला देवी ने बताया कि वह अपनी पुत्री सरस्वती को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर आई थीं। यहां तैनात कर्मचारियों ने उनसे 400 रुपये ले लिए। इसके बाद भर्ती किया। इकुछ देर बाद एक चाय वाला आ गया। सभी कर्मचारियों
चाय पी। चाय के 30 रुपये भी उससे दिलवाए। कल्लू नगला निवासी कांति ,राजेपुर भूड़ निवासी सोनू की पत्नी रश्मि तथा कतरौली निवासी गौतम की पत्नी सरोजनी ने भी वसूली की शिकायत की। इनका कहना है कि सुविधा शुल्क न मिलने पर कर्मचारी परिजनों से बदसलूकी करते हैं।
जमीन पर लिटा दिए बच्चे
विमला देवी तथा शकुंतला के नवजात बरामदे में जमीन पर लेटे थे। पूछने पर इन्होंने बताया कि नए मरीज आने पर उन्हें दूसरी मंजिल पर जाने के लिए कहा गया। वहां गंदगी थी। इससे वहां नहीं गईं।
अस्पताल में जगह जगह मेरा मोबाइल नंबर लिखा है । अगर कोई कर्मचारी गलत तरीके से पैसा मांगता है तो उसकी शिकायत करें। कार्रवाई की जाएगी ।- डा. मान सिंह वर्मा , प्रभारी चिकित्साधिकारी