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सीएचसी में नहीं मिला इलाज, छात्र ने तड़पकर दम तोड़ा
farrukhabad
Updated Sun, 09 Dec 2018 10:52 PM IST
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अस्पताल में भर्ती बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
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कंपिल रोड स्थित गांव जिजपुरा के पास सड़क हादसे में घायल छात्र ने रविवार को सीएचसी की इमरजेंसी में इलाज के अभाव में तड़प तड़पकर दम तोड़ दिया। परिजनों ने सीएचसी में हंगामा काटा। इस पर पुलिस फोर्स पहुंच गया। छात्र के चाचा ने ड्यूटी ने नदारद डॉक्टर के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। विधायक अमर सिंह खटिक व पालिका चेयरमैन सुनील चक वहां पहुंच गए। इमरजेंसी में डॉक्टर न होने की वजह से मौत होने पर नाराजगी जताते हुए डीएम को फोनकर कहा कि ऐसे अस्पताल में वह खुद ताला डाल देंगे। जो किसी के काम का नहीं है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी सतीश चंद्र गुप्ता का पुत्र सुमित (18) एसएनएम इंटर कालेज में कक्षा आठ का छात्र था। रविवार को उसकी मां सुमन देवी अपनी बहन के यहां एटा जनपद के जैथरा जा रही थीं। सुमित बाइक से उन्हें ट्रांसपोर्ट चौराहे बस स्टाप पर छोड़कर लौट रहा था। गांव जिजपुरा के पास मुड़ रहे तांगे से भिड़ गया। इससे वह गंभीर घायल हो गया। उसको सीएचसी लाया गया। वहां इमरजेंसी ड्यूटी पर कोई डॉक्टर नहीं मिला। कुछ देर बाद छात्र के मामा राजकिशोर गुप्ता पहुंच गए। फार्मासिस्ट अजय पाल ने कहा प्राइवेट अस्पताल ले जाओ। यहां कोई डॉक्टर नहीं है। इसी बीच छात्र इमरजेंसी के बेड पर इलाज के अभाव में तड़पता रहा और करीब आधा घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया।
परिजन हंगामा करने लगे। उनका कहना था। यदि समय से इलाज मिल गया होता तो शायद छात्र की जान बच जाती। हंगामा देखकर फार्मासिस्ट ने अधीक्षक डा. अनुराग वर्मा को सूचना दी। इसके बाद संविदा डॉक्टर नदीम इकबाल वहां पहुंचे। उन्होंने छात्र के परिजनों से इमरजेंसी रजिस्टर में हस्ताक्षर करने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। हंगामा देखकर डॉक्टर वहां से खिसक लिए। रजिस्टर में ब्राड डेड अंकित कर दिया गया। कोतवाली में छात्र को मृत लाए का मेमो भेजा गया। काफी देर तक सीएचसी में हंगामा चलता रहा।
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सूचना पर इंस्पेक्टर जसवंत सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। छात्र की मां सुमन व भाई, बहन भी सीएचसी पहुंच गए। छात्र के तीन भाई व एक छोटी बहन हैं। जानकारी मिलने पर विधायक अमर सिंह खटिक व पालिका चेयरमैन सुनील चक वहां पहुंच गए। उन्होंने घटना को लेकर नाराजगी जताई और डीएम से फोन पर वार्ता की। कहा कि यदि डॉक्टर नहीं हैं तो ऐसे अस्पताल में वह खुद ताला डाल देंगे। इसके बाद उन्होंने सीएमओ से भी कड़क लहजे में बातचीत की। इसी दौरान एक स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि उन्हें अधिकारियों ने कहा कि छात्र की ब्राड डेड में एंट्री कर दो। इस पर विधायक और भी भड़क गए। कुछ देर बाद एसडीएम अनिल कुमार वहां पहुंचे। बताया गया कि सीएचसी में अधीक्षक सहित दो डॉक्टर हैं। जो आज गायब हैं। एसडीएम ने भी सीएचसी के हालात देखकर लापरवाही मानी। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में डॉक्टर चौबीस घंटे रहना चाहिए। जानकारी मिलने पर इंस्पेक्टर राधेश्याम, कस्बा चौकी प्रभारी बलराज भाटी, एसआई मुनेंद्र सिंह, नरसिंह, महिला दरोगा मीनेश पचौरी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पांच घंटे बाद शव का पंचनामा भरा गया।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी सतीश चंद्र गुप्ता का पुत्र सुमित (18) एसएनएम इंटर कालेज में कक्षा आठ का छात्र था। रविवार को उसकी मां सुमन देवी अपनी बहन के यहां एटा जनपद के जैथरा जा रही थीं। सुमित बाइक से उन्हें ट्रांसपोर्ट चौराहे बस स्टाप पर छोड़कर लौट रहा था। गांव जिजपुरा के पास मुड़ रहे तांगे से भिड़ गया। इससे वह गंभीर घायल हो गया। उसको सीएचसी लाया गया। वहां इमरजेंसी ड्यूटी पर कोई डॉक्टर नहीं मिला। कुछ देर बाद छात्र के मामा राजकिशोर गुप्ता पहुंच गए। फार्मासिस्ट अजय पाल ने कहा प्राइवेट अस्पताल ले जाओ। यहां कोई डॉक्टर नहीं है। इसी बीच छात्र इमरजेंसी के बेड पर इलाज के अभाव में तड़पता रहा और करीब आधा घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया।
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परिजन हंगामा करने लगे। उनका कहना था। यदि समय से इलाज मिल गया होता तो शायद छात्र की जान बच जाती। हंगामा देखकर फार्मासिस्ट ने अधीक्षक डा. अनुराग वर्मा को सूचना दी। इसके बाद संविदा डॉक्टर नदीम इकबाल वहां पहुंचे। उन्होंने छात्र के परिजनों से इमरजेंसी रजिस्टर में हस्ताक्षर करने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। हंगामा देखकर डॉक्टर वहां से खिसक लिए। रजिस्टर में ब्राड डेड अंकित कर दिया गया। कोतवाली में छात्र को मृत लाए का मेमो भेजा गया। काफी देर तक सीएचसी में हंगामा चलता रहा।
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सूचना पर इंस्पेक्टर जसवंत सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। छात्र की मां सुमन व भाई, बहन भी सीएचसी पहुंच गए। छात्र के तीन भाई व एक छोटी बहन हैं। जानकारी मिलने पर विधायक अमर सिंह खटिक व पालिका चेयरमैन सुनील चक वहां पहुंच गए। उन्होंने घटना को लेकर नाराजगी जताई और डीएम से फोन पर वार्ता की। कहा कि यदि डॉक्टर नहीं हैं तो ऐसे अस्पताल में वह खुद ताला डाल देंगे। इसके बाद उन्होंने सीएमओ से भी कड़क लहजे में बातचीत की। इसी दौरान एक स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि उन्हें अधिकारियों ने कहा कि छात्र की ब्राड डेड में एंट्री कर दो। इस पर विधायक और भी भड़क गए। कुछ देर बाद एसडीएम अनिल कुमार वहां पहुंचे। बताया गया कि सीएचसी में अधीक्षक सहित दो डॉक्टर हैं। जो आज गायब हैं। एसडीएम ने भी सीएचसी के हालात देखकर लापरवाही मानी। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में डॉक्टर चौबीस घंटे रहना चाहिए। जानकारी मिलने पर इंस्पेक्टर राधेश्याम, कस्बा चौकी प्रभारी बलराज भाटी, एसआई मुनेंद्र सिंह, नरसिंह, महिला दरोगा मीनेश पचौरी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पांच घंटे बाद शव का पंचनामा भरा गया।