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Farrukhabad News: सीबीआई ने संकिसा ग्रामीण बैंक के प्रबंधक व बैंक मित्र को घूस लेते पकड़ा
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फर्रुखाबाद। केसीसी की लिमिट बढ़ाने के बदले किसान से 30 हजार की रिश्वत लेते समय सीबीआई ने संकिसा ग्रामीण बैंक के प्रबंधक और बैंक मित्र को गिरफ्तार कर लिया।
मौके पर बैंक के रीजनल अधिकारी भी पहुंचे। सीबीआई ने करीब छह घंटे तक जाल बिछाने के बाद सफलता हासिल की। मेरापुर थाने के गांव पमरखिरिया निवासी छेदालाल यादव का संकिसा स्थित उप्र ग्रामीण बैंक में 2.40 लाख रुपये का केसीसी बना था। वह उसकी लिमिट छह लाख कराने के लिए बैंक प्रबंधक नारायण सिंह सोलंकी से मिले।
आरोप हैं कि क्षेत्र के गांव भाननगर निवासी बैंक मित्र चंदन के माध्यम से छेदालाल से 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। बैंक के जिम्मेदार उन्हें टहला रहे थे। परेशान होकर छेदालाल ने सीबीआई से संपर्क साधा। सभी साक्ष्य लेने के बाद सीबीआई ने नौ सितंबर को मामला अपने यहां दर्ज कर लिया।
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बुधवार दोपहर 12 बजे से करीब 15 सदस्यीय टीम ने बैंक के आसपास जाल बिछा दिया। बैंक के अंदर, गेट और बाहर अधिकारी निगरानी करने लगे। शाम के वक्त सीबीआई के तकनीकी अफसरों की देखरेख में छेदालाल से बैंक कर्मी को फोन कराया गया। सूत्र बताते हैं कि बातचीत की रिकॉर्डिंग होने के बाद छेदालाल बैंक गए।
वहां सीबीआई के अफसरों ने 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते बैंक प्रबंधक नारायण सिंह सोलंकी और बैंक मित्र चंदन को गिरफ्तार कर लिया। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय प्रबंधक समेत बैंक के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर रात तक मौके पर जांच पड़ताल चल रही।
सीबीआई अधिकारियों ने जारी प्रेसनोट में 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते बैंक प्रबंधक और सहयोगी के गिरफ्तार होने की जानकारी दी। देर रात तक विभागीय अधिकारी बैंक में ही जमे थे। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक को फोन करके जानकारी चाही गई, मगर रिसीव नहीं हुआ।
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मौके पर बैंक के रीजनल अधिकारी भी पहुंचे। सीबीआई ने करीब छह घंटे तक जाल बिछाने के बाद सफलता हासिल की। मेरापुर थाने के गांव पमरखिरिया निवासी छेदालाल यादव का संकिसा स्थित उप्र ग्रामीण बैंक में 2.40 लाख रुपये का केसीसी बना था। वह उसकी लिमिट छह लाख कराने के लिए बैंक प्रबंधक नारायण सिंह सोलंकी से मिले।
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आरोप हैं कि क्षेत्र के गांव भाननगर निवासी बैंक मित्र चंदन के माध्यम से छेदालाल से 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। बैंक के जिम्मेदार उन्हें टहला रहे थे। परेशान होकर छेदालाल ने सीबीआई से संपर्क साधा। सभी साक्ष्य लेने के बाद सीबीआई ने नौ सितंबर को मामला अपने यहां दर्ज कर लिया।
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बुधवार दोपहर 12 बजे से करीब 15 सदस्यीय टीम ने बैंक के आसपास जाल बिछा दिया। बैंक के अंदर, गेट और बाहर अधिकारी निगरानी करने लगे। शाम के वक्त सीबीआई के तकनीकी अफसरों की देखरेख में छेदालाल से बैंक कर्मी को फोन कराया गया। सूत्र बताते हैं कि बातचीत की रिकॉर्डिंग होने के बाद छेदालाल बैंक गए।
वहां सीबीआई के अफसरों ने 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते बैंक प्रबंधक नारायण सिंह सोलंकी और बैंक मित्र चंदन को गिरफ्तार कर लिया। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय प्रबंधक समेत बैंक के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर रात तक मौके पर जांच पड़ताल चल रही।
सीबीआई अधिकारियों ने जारी प्रेसनोट में 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते बैंक प्रबंधक और सहयोगी के गिरफ्तार होने की जानकारी दी। देर रात तक विभागीय अधिकारी बैंक में ही जमे थे। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक को फोन करके जानकारी चाही गई, मगर रिसीव नहीं हुआ।