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पुलिस मौजूदगी में बंदी संदीप के शव का हुआ अंतिम संस्कार
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संकिसा (फर्रुखाबाद)। जिला जेल के बंदी संदीप का रविवार शाम शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने जेल में पीट-पीटकर संदीप की हत्या करने का आरोप लगाया। मुकदमे के आश्वासन पर पुलिस मौजूदगी में सोमवार को शव का अंतिम संस्कार किया गया।
गांव बिराहिमपुर निवासी जिला जेल के बंदी संदीप यादव की सैफई मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। रविवार देर शाम उसका शव गांव पहुंचा। गांव के लोग शव देखने के लिए रनवीर यादव के घर पहुंच गए। इससे वहां भीड़ लग गई। इस दौरान लोग जेल प्रशासन को कोसते रहे। कहा कि संदीप को यदि समय से इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। पिता रनवीर सिंह ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र संदीप की जेल में पीट-पीटकर हत्या की गई है। उसकी पीठ पर मारपीट के निशान हैं। भाई कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि 22 नवंबर को संदीप की जमानत की सुनवाई तारीख थी। तब तक जेल प्रशासन ने कोई खुन्नस निकालकर मारपीट कर दी। हालत खराब होने पर उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में सैफई मेडिकल कालेज भेजकर अपना पल्ला झाड़ लिया। मां मीरा देवी ने भी रो-रोकर जेल प्रशासन को कोसा। परिजनों की चीत्कार से गांव में मातम छा गया।
दूसरी ओर गांव में सभी रास्तों पर पुलिस कर्मी तैनात कर नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस पूछताछ के बाद ही लोगों को गांव में प्रवेश दे रही थी। परिजन शव के दाह संस्कार से पहले दोषियों के खिलाफ मुकदमा लिखाने की जिद पर अड़े थे। इसकी सूचना पर एसडीएम कायमगंज गौरव शुक्ला व क्षेत्राधिकारी सोहराब आलम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर परिजन माने। सोमवार सुबह 11.20 बजे छोटे भाई कौशलेंद्र ने खेत में संदीप के शव का दाह संस्कार किया। प्रधान सुनील कुमार, पूर्व प्रधान राजवीर सिंह, हरिओम यादव सहित काफी संख्या में ग्रामीणों के अलावा पुलिस फोर्स मौजूद रहा।
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गांव बिराहिमपुर निवासी जिला जेल के बंदी संदीप यादव की सैफई मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। रविवार देर शाम उसका शव गांव पहुंचा। गांव के लोग शव देखने के लिए रनवीर यादव के घर पहुंच गए। इससे वहां भीड़ लग गई। इस दौरान लोग जेल प्रशासन को कोसते रहे। कहा कि संदीप को यदि समय से इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। पिता रनवीर सिंह ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र संदीप की जेल में पीट-पीटकर हत्या की गई है। उसकी पीठ पर मारपीट के निशान हैं। भाई कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि 22 नवंबर को संदीप की जमानत की सुनवाई तारीख थी। तब तक जेल प्रशासन ने कोई खुन्नस निकालकर मारपीट कर दी। हालत खराब होने पर उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में सैफई मेडिकल कालेज भेजकर अपना पल्ला झाड़ लिया। मां मीरा देवी ने भी रो-रोकर जेल प्रशासन को कोसा। परिजनों की चीत्कार से गांव में मातम छा गया।
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दूसरी ओर गांव में सभी रास्तों पर पुलिस कर्मी तैनात कर नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस पूछताछ के बाद ही लोगों को गांव में प्रवेश दे रही थी। परिजन शव के दाह संस्कार से पहले दोषियों के खिलाफ मुकदमा लिखाने की जिद पर अड़े थे। इसकी सूचना पर एसडीएम कायमगंज गौरव शुक्ला व क्षेत्राधिकारी सोहराब आलम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर परिजन माने। सोमवार सुबह 11.20 बजे छोटे भाई कौशलेंद्र ने खेत में संदीप के शव का दाह संस्कार किया। प्रधान सुनील कुमार, पूर्व प्रधान राजवीर सिंह, हरिओम यादव सहित काफी संख्या में ग्रामीणों के अलावा पुलिस फोर्स मौजूद रहा।
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