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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Blind , the finger is cut out of the aadhar card will

अंधे हैं, उंगली कटी है तो रहेंगे आधार कार्ड से वंचित

Fri, 19 Dec 2014 11:34 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Fri, 19 Dec 2014 11:34 PM IST
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फर्रुखाबाद। अंधे हैं, उंगली किसी वजह से नहीं है या कटी है तो आधार कार्ड
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से वंचित रहना होगा। कुछ ऐसी समस्या से तमाम लोग रोज रूबरू हो रहे हैं और कैंप से लौटाए जा रहे हैं। इनके आधारकार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। इससे पहले अंधे व कटी उंगली वाले लोगों के आधारकार्ड पुराने सॉफ्टवेयर में ही बनाए गए थे।

बगैर आधारकार्ड के किसी भी योजना का लाभ न मिलने की खबर से आधारकार्ड बनवाने के लिए कैंपों पर भीड़ उमड़ रही है। जिले भर में यूआईडी कंपनी की ओर से कैंप लगाए गए हैं लेकिन वे लोग जिनकी उंगलियां नहीं हैं या फिर वह अंधे हैं को कैंप से लौटाया जा रहा है।

इनके लिए पुराना सॉफ्टवेयर मुसीबत बना है। पुराने सॉफ्टवेयर से ऐसे लोगों के आधारकार्ड बन जाते थे। पर अब ऐसा नहीं हो रहा है। 21 मई 2014 से उंगली कटे और आंखों में जरा सी खराबी होने वाले लोगों के आधारकार्ड नहीं बन पा रहे हैं। कांशीराम कालोनी की मनोरमा देवी कहती हैं कि जब वह कैप आईं तो आईरस मशीन ने उनकी आंख को रिजेक्ट कर दिया।

कैंप कर्मियों ने उन्हें बताया कि मोतियाबिंद होने से मशीन उनकी आंख एक्सेप्ट नहीं कर रही है। इसी तरह बजरिया के भोला ने बताया कि उनकी दो उंगलियां नहीं हैं तो उनका भी आधारकार्ड नहीं बना। जिले भर में लगे कैंपों में ऐसे सैकड़ों लोग रोज आते हैं और निराश होकर लौट जाते हैं।

ये है दिक्कत की वजह
फर्रुखाबाद। आधारकार्ड बनाने का ठेका लिए कमाल खां ने बताया कि यूआईडी कंपनी ने जो सॉफ्टवेयर डाल रखा है उसमें 31 मार्च 2014 तक उंगली कटे और खराब आंख वाले लोगों के आधारकार्ड बनाए जा रहे थे।  तब कैंप में सुपरवाइजर की नियुक्ति होती थी और उसकी अलग से आईडी बनाई जाती थी।

ऐसे में अगर किसी की एक हाथ की उंगलियां कटी हैं तो उसका एक हाथ ही फिंगरप्रिंट मशीन पर रखवाया जाता था और दूसरा हाथ सुपरवाइजर अपना फिंगर प्रिंट मशीन पर रखता था। इस पर सॉफ्टवेयर उंगलियां एक्सपेक्ट कर लेता था। ऐसा ही आईरस मशीन में होता था।

अगर किसी की एक आंख खराब है तो दूसरी आंख सुपरवाइजर अपनी आईरस में देखता था, जिसे सॉफ्टवेयर एक्सेप्ट कर लेता था। इस तरह से कार्ड बन जाते थे।  1 अप्रैल से सुपरवाइजर का पद खत्म कर उन्हें कंप्यूटर आपरेटर बना दिया गया और उनकी दूसरी आईडी बना दी गई लेकिन सॉफ्टवेयर पुराना ही रखा गया।

इसके चलते 21 मई 2014 से बनाए जा रहे आधारकार्डों में उंगली कटे व आंख खराब वाले लोगों के आधारकार्ड नहीं बन पा रहे हैं। इसका कोई विकल्प भी अभी यूआईडी कंपनी से नहीं आया है और न ही नया सॉफ्टवेयर डाला गया है। इसके आधारकार्ड बनाने में समस्या आ रही है। यह समस्या फर्रुखाबाद जिले में ही नहीं, बल्कि कई जिलों में आ रही है।

आधारकार्ड बनाने में हैं यह नियम
आधारकार्ड बनाने में यह नियम रखा गया है कि जिनकी 10 उंगलियां और दोनों आंखें बिल्कुल सही होंगी उन्हीं लोगों के आधारकार्ड बनाए जा सकेंगे।
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