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Farrukhabad News: तहसीलदार के सामने भाकियू नेता ने खाया जहर, हालत गंभीर

Thu, 11 Apr 2024 12:41 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2024 12:41 AM IST
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BKU leader consumed poison in front of Tehsildar, condition critical
फर्रुखाबाद/राजेपुर। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (आरसीसी) निर्माण स्थल की जमीन के विवाद को लेकर निर्माण कार्य शुरू होने से परेशान होकर भाकियू नेता ने तहसीलदार अमृतपुर करमवीर सिंह के सामने जहर निगल लिया। तहसीलदार ने किसान नेता को कार से सीएचसी में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर लोहिया अस्पताल में लाया गया।
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भाकियू मंडल उपाध्यक्ष की सीएचसी में तहसीलदार और लोहिया अस्पताल में सीएमओ से तीखी नोकझोंक हुई। सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी ने बमुश्किल समझाकर मामला शांत कराया। परिजनों व भाकियू नेताओं के विरोध के बावजूद प्रशासन ने पुलिस के साथ भाकियू नेता को एंबुलेंस से हायर सेंटर भेज दिया। वहां हालत में सुधार बताया जा रहा है।
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राजेपुर थाने के गांव कमालउद्दीनपुर में बनने वाले आरआरसी के जमीन को लेकर ग्राम प्रधान रीतू पाठक और भाकियू नेता रामनारायण पांडेय में कई महीने से विवाद चल रहा है। प्रधान जिस जमीन को ग्रामसभा की बता रही हैं, उसे भाकियू नेता अपनी बता रहे हैं। इसको लेकर प्रशासन से कई बार शिकायत के बाद जांच भी हो चुकी है। दो दिन पहले मौके पर निर्माण सामग्री पहुंचा दी गई थी। बुधवार सुबह करीब 11 बजे तहसीलदार करमवीर सिंह, कानूनगो अजय शुक्ला, लेखपाल सावंत कुमार ने कई मजदूर लगाकर काम शुरू करवा दिया।
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इसका रामनारायण ने विरोध किया, तो वहां हल्की धक्का-मुक्की हो गई। बताया जाता है कि इसी दौरान रामनारायण घर की तरफ गए। उन्होंने तहसीलदार के सामने जहर निगल लिया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में तहसीलदार अपनी कार से सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां भाकियू मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा, अधिवक्ता विजय कटियार पहुंचे। भाकियू नेताओं ने तहसीलदार पर कार्यकर्ता को मरवा देने का आरोप लगाया। इस पर तहसीलदार और भाकियू नेताओं में तीखी नोकझोंक हो गई। डॉ. आरिफ सिद्दीकी ने रामनारायण को रेफर कर दिया।
दोपहर करीब पौने 12 बजे एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार की देखरेख में सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज पांडेय, चेस्ट फिजीशियन डॉ. ध्रुवराज सिंह आदि ने इलाज शुरू किया। काफी प्रयास के बावजूद ऑक्सीजन लेबल 68 से ऊपर नहीं बढ़ा। तब तक भाकियू जिला सुशील कटियार, बीएसपी नेता विजय कटियार, प्रभाकांत मिश्रा, अजय कटियार समेत बड़ी संख्या में भाकियू नेता पहुंच गए। सीएमओ ने रेफर करने की बात कही, तो भाकियू नेता प्रभाकांत मिश्रा की जमकर तकरार हो गई। हाथापाई की नौबत आते देख सीएमओ इमरजेंसी कक्ष से बाहर चले गए। उन्होंने अफसरों को सूचना दी। कुछ ही देर में सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल, सीओ सिटी प्रदीप सिंह, कादरीगेट पुलिस पहुंच गई।
उन्होंने परिजनों को समझाया। परिजन रामनारायण का यहीं इलाज कराना चाहते थे, मगर अफसरों ने पुलिस बल के साथ एंबुलेंस से हायर सेंटर भेज दिया। रामनारायण की पत्नी नीता भी विरोध करती रहीं। उनके साथ एंबुलेंस से कोई भी परिजन नहीं गया।
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आरोप निराधार, निर्माण नहीं जांच के लिए गई थी टीम
तहसीलदार करमवीर का कहना है कि रामनारायण पांडे ने 16 फरवरी को प्रार्थना पत्र दिया गया था। उसी के निस्तारण के लिए एसडीएम ने पांच सदस्यीय टीम बनाई थी। टीम ने जांच रिपोर्ट भी दी थी। ग्राम प्रधान की ओर से जिस स्थान पर कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया जा रहा है, उसी के निस्तारण के लिए गए थे। दोनों पक्षों में समझौते का प्रयास कर रहे थे। उसी दौरान रामनारायण ने जहर खा लिया। वह अपनी कार से अस्पताल ले गए थे। किसी का मकान गिराने व कोई निर्माण कराने नहीं गए थे।
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दोनों पक्षों में हो रहा था समझौते का प्रयास
अमृतपुर एसडीएम रवींद्र सिंह ने बताया कि तहसीलदार करमवीर सिंह, कानूनगो व लेखपाल दोनों पक्षों से मिलकर समझौता कराने का प्रयास कराने गए थे। वहां जो भी हुआ, उसकी जांच कार्रवाई की जाएगी।
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विवादित लेखपाल को नहीं हटा रहे जिम्मेदार
अमृतपुर। राजेपुर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत कमालुद्दीनपुर में कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाने का विवाद कई महीने पुराना है। भाकियू (टिकैत गुट) के मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा ने बताया कि वह कई बार अफसरों को विवाद कराने वाले लेखपाल को हटाने की मांग कर चुके हैं, मगर जानबूझ कर उसे नहीं हटाया गया। एसडीएम को भी हटाने का पत्र दे चुके हैं, फिर भी उसे अभयदान दिया गया है। प्रभाकांत ने कहा कि वह एडीएम के यहां ग्रामसभा के नौ सदस्यों को लेकर गए थे। वहां किसी भी तरह का काम न होने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद आचार संहिता में नया काम शुरू करवा दिया गया। इसमें जिम्मेदारों की साजिश है। एसडीएम रवींद्र सिंह ने बताया कि ई-खसरा पड़ताल का काम चल रहा था। उसके बाद आचार संहिता लागू हो गई। इस कारण नहीं हटा पाया।

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पत्नी ने दी तहरीर, भाकियू की थाने में पंचायत शुरू
फोटो- 21,
राजेपुर। कमालुद्दीनपुर में हुई घटना के बाद जहर पीने से गंभीर रामनारायण पांडेय की पत्नी रीता पांडेय ने थाने में तहरीर दी। कहा कि आरोपियों ने उनके पति को आत्महत्या के लिए उकसाया है। उन्होंने पूरे मामले में नामजदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद भाकियू के जिला और मंडल पदाधिकारियों के साथ थाने में दरी बिछाकर पंचायत शुरू कर दी गई है। पत्नी ने कहा कि पति की हालत चिंताजनक है। पुलिस प्रशासन ने बिना परिजनों की राय के ही जबरन उन्हें भेज दिया है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। राजेपुर थानाध्यक्ष रणविजय सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर धरना स्थगित कर दिया गया। (संवाद)
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