{"_id":"57c5bd264f1c1b0b4b2cbfdc","slug":"bill-revision-playing-the-receipt-of-25-thousand-to-14-thousands","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिल रिवीजन में खेल : 25 हजार लेकर 14 हजार की दी रसीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिल रिवीजन में खेल : 25 हजार लेकर 14 हजार की दी रसीद
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Tue, 30 Aug 2016 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बकाएदारी में कनेक्शन कटने के बाद बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं के साथ ठगी की गई है। रिवाइज बिल 25 हजार रुपये का दिखाकर उपभोक्ता से रुपये लेने के बाद 14 हजार की रसीद दी गई। इस फर्जीवाड़े की शिकायत मिलने पर एक्सईएन अमर सिंह ने एसडीओ द्वितीय और लेखाधिकारी को जांच सौंपी है।
जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर लिपिक के खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
जहानगंज विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता अजय सिंह ने गांव अजीजलपुर और जहांगीरपुर के बकाएदारी में करीब 12 बिजली उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इससे नाराज ग्रामीण एक्सईएन से मिले और कहा कि वर्ष 2007-08 में रिलायंस कंपनी की ओर से गांव में विद्युतीकरण के नाम पर खिलवाड़ किया गया था।
पोल और ट्रांसफार्मर लगाने के बाद तार नहीं बिछाए गए थे। गांव के लोगों का कनेक्शन कागजों में कर दिया गया। वर्ष 2014 तक एक दिन भी बिजली जलाने को नहीं मिली। फिर भी लगातार बिल जारी किए गए। एक्सईएन अमर सिंह ने वर्ष 2014 में जब से बिजली सप्लाई गांव में शुरू हुई तब से बिजली बिल बनाकर उपभोक्ताओं को दिए जाने का आदेश दिया।
विज्ञापन
एसडीओ द्वितीय कार्यालय के लिपिक ने उपभोक्ताओं के बिल रिवीजन किए और लगभग 25 से 26 हजार रुपये का बिल होने की जानकारी दी। बकाएदारी जमा करने के लिए पांच-छह उपभोक्ताओं से 25-25 हजार रुपये लिए और 14-14 हजार रुपये की रसीद काट कर दी। एक उपभोक्ता ने 25 हजार के स्थान पर 14 हजार रुपयों की रसीद दिए जाने का विरोध किया तो लिपिक ने उसको टरका दिया।
इसकी शिकायत एक्सईएन से की गई। एक्सईएन अमर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेकर एसडीओ द्वितीय संतोष प्रसाद और लेखाधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। एक्सईएन अमर सिंह ने बताया कि जांच आख्या में अगर आरोपों की पुष्टि होती है तो लिपिक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर लिपिक के खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
जहानगंज विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता अजय सिंह ने गांव अजीजलपुर और जहांगीरपुर के बकाएदारी में करीब 12 बिजली उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इससे नाराज ग्रामीण एक्सईएन से मिले और कहा कि वर्ष 2007-08 में रिलायंस कंपनी की ओर से गांव में विद्युतीकरण के नाम पर खिलवाड़ किया गया था।
विज्ञापन
पोल और ट्रांसफार्मर लगाने के बाद तार नहीं बिछाए गए थे। गांव के लोगों का कनेक्शन कागजों में कर दिया गया। वर्ष 2014 तक एक दिन भी बिजली जलाने को नहीं मिली। फिर भी लगातार बिल जारी किए गए। एक्सईएन अमर सिंह ने वर्ष 2014 में जब से बिजली सप्लाई गांव में शुरू हुई तब से बिजली बिल बनाकर उपभोक्ताओं को दिए जाने का आदेश दिया।
विज्ञापन
एसडीओ द्वितीय कार्यालय के लिपिक ने उपभोक्ताओं के बिल रिवीजन किए और लगभग 25 से 26 हजार रुपये का बिल होने की जानकारी दी। बकाएदारी जमा करने के लिए पांच-छह उपभोक्ताओं से 25-25 हजार रुपये लिए और 14-14 हजार रुपये की रसीद काट कर दी। एक उपभोक्ता ने 25 हजार के स्थान पर 14 हजार रुपयों की रसीद दिए जाने का विरोध किया तो लिपिक ने उसको टरका दिया।
इसकी शिकायत एक्सईएन से की गई। एक्सईएन अमर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेकर एसडीओ द्वितीय संतोष प्रसाद और लेखाधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। एक्सईएन अमर सिंह ने बताया कि जांच आख्या में अगर आरोपों की पुष्टि होती है तो लिपिक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।