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Farrukhabad News: फर्जी निवास व आधारकार्ड से बैंक डायरेक्टर ने बनाया लाइसेंस
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फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद थाने के गांव अरसानी निवासी कोऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर ने फर्जी मूल निवास और आधारकार्ड बनवाकर राइफल का लाइसेंस बनवा लिया। मोहम्मदाबाद थाने में चोरी के मुकदमे में चार्जशीट होने के बावजूद शहर कोतवाली पुलिस ने झूठी रिपोर्ट लगा दी। इसकी स्थानीय स्तर पर हुई शिकायतें सत्ताधारी माननीयों की सिफारिश से दबती गईं। अब मुख्यमंत्री से गुहार लगाई गई है।
अरसानी निवासी प्रदीप सिंह उर्फ शंकर लंबे समय से फतेहगढ़ में रहते हैं। सत्ता में पकड़ के चलते पिछले महीने कोऑपरेटिव बैंक का डायरेक्टर पद हासिल कर लिया। गांव के ही विनोद सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। जिसमें कहा कि प्रदीप उर्फ शंकर सिंह पर मोहम्मदाबाद कोतवाली में वर्ष 2013 में चोरी का मुकदमा हुआ था। इसमें पुलिस ने चोरी की बाइक बरामद कर चार्जशीट लगा दी थी। फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
शंकर सिंह ने 20 सितंबर 2021 को राइफल का लाइसेंस जारी कराया। इसमें मूल निवास और आधार कार्ड जिस मकान का दिखाया, वह एक माननीय के परिजन का है। चोरी के मुकदमे में कोर्ट में जो आधार कार्ड लगाया, वह अरसानी का है। दोनों ही आधार कार्ड के नंबर एक ही हैं।
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लाइसेंस के आवेदन पर शहर कोतवाली पुलिस के आवास-विकास चौकी के तत्कालीन प्रभारी विशेष कुमार ने लगाई रिपोर्ट में कोई मुकदमा न होना दिखाया। उसी पर तत्कालीन कोतवाली प्रभारी ने भी अपनी रिपोर्ट लगा दी जबकि कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन था। पीड़ित ने जिले के अफसरों को भी शिकायत की मगर माननीयों की सिफारिश के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। डायरेक्टर शंकर सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता से प्रधानी की रंजिश चल रही है। पहले भी शिकायत की। यह फर्जी शिकायतें करते हैं। प्रशासन खुद जांच कराएगा।
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अरसानी निवासी प्रदीप सिंह उर्फ शंकर लंबे समय से फतेहगढ़ में रहते हैं। सत्ता में पकड़ के चलते पिछले महीने कोऑपरेटिव बैंक का डायरेक्टर पद हासिल कर लिया। गांव के ही विनोद सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। जिसमें कहा कि प्रदीप उर्फ शंकर सिंह पर मोहम्मदाबाद कोतवाली में वर्ष 2013 में चोरी का मुकदमा हुआ था। इसमें पुलिस ने चोरी की बाइक बरामद कर चार्जशीट लगा दी थी। फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
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शंकर सिंह ने 20 सितंबर 2021 को राइफल का लाइसेंस जारी कराया। इसमें मूल निवास और आधार कार्ड जिस मकान का दिखाया, वह एक माननीय के परिजन का है। चोरी के मुकदमे में कोर्ट में जो आधार कार्ड लगाया, वह अरसानी का है। दोनों ही आधार कार्ड के नंबर एक ही हैं।
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लाइसेंस के आवेदन पर शहर कोतवाली पुलिस के आवास-विकास चौकी के तत्कालीन प्रभारी विशेष कुमार ने लगाई रिपोर्ट में कोई मुकदमा न होना दिखाया। उसी पर तत्कालीन कोतवाली प्रभारी ने भी अपनी रिपोर्ट लगा दी जबकि कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन था। पीड़ित ने जिले के अफसरों को भी शिकायत की मगर माननीयों की सिफारिश के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। डायरेक्टर शंकर सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता से प्रधानी की रंजिश चल रही है। पहले भी शिकायत की। यह फर्जी शिकायतें करते हैं। प्रशासन खुद जांच कराएगा।