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पचास हजार का इनामी चेन्नई से गिरफ्तार
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फर्रुखाबाद। नेत्र परीक्षक हत्याकांड में पचास हजार के इनामी मुख्य आरोपी को एसओजी व कायमगंज पुलिस ने संयुक्त अभियान में चेन्नई से गिरफ्तार किया। वह हत्या, जानलेवा हमले व गैंगस्टर के तीन मुकदमों में वांछित चल रहा था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव यहियापुर निवासी नेत्र परीक्षक बिलाल 30 अगस्त 2019 को अपने क्लीनिक में बैठे थे। तभी हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बिलाल के पिता खालिद खां ने दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। विवेचना में सामने आया कि चचेरे भाई समी ने भूमि विवाद में सुपारी देकर हत्या करवाई है। जिसमें समी समेत छह के नाम सामने आए। अलीगढ़ के अकराबाद के टुआमई गांव निवासी राम औतार को दो अक्तूबर 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। चार अक्तूबर को अलीगंज रोड के गांव बलीपुर के सामने मुठभेड़ में आरोपी राहुल यादव को गिरफ्तार किया गया। आरोपी सौरभ व देवेंद्र कोर्ट में हाजिर हो हो गए। आरोपी अंशुल व भूरा भी जेल चले गए। समी का बाउंसर आशीष भी गिरफ्तार हो गया। बस मुख्य आरोपी समी फरार था। तत्कालीन एसपी ने 25 हजार का इनाम रखा था। उसकी तलाश की जा रही थी। साथ ही इनाम भी पचार हजार कर दिया गया।
लगभग 15 दिन पहले समी ने बिलाल के साले को मोबाइल से फोन कर मुकदमे में समझौता करने की धमकी दी थी। पीड़ित ने इसकी सूचना कायमगंज कोतवाली में दी। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि एसओजी प्रभारी जेपी शर्मा व कायमगंज के दरोगा संतोष कुमार को इनामी को पकड़ने के लिए लगाया गया। टीम ने चेन्नई के अन्नानगर के थाना अमजी में समी को स्थानीय पुलिस के सहयोग से पकड़ा। बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि विलाल की हत्या समेत तीन मुकदमों में वांछित पचास हजार का इनामी चेन्नई से गिरफ्तार किया गया।
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कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव यहियापुर निवासी नेत्र परीक्षक बिलाल 30 अगस्त 2019 को अपने क्लीनिक में बैठे थे। तभी हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बिलाल के पिता खालिद खां ने दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। विवेचना में सामने आया कि चचेरे भाई समी ने भूमि विवाद में सुपारी देकर हत्या करवाई है। जिसमें समी समेत छह के नाम सामने आए। अलीगढ़ के अकराबाद के टुआमई गांव निवासी राम औतार को दो अक्तूबर 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। चार अक्तूबर को अलीगंज रोड के गांव बलीपुर के सामने मुठभेड़ में आरोपी राहुल यादव को गिरफ्तार किया गया। आरोपी सौरभ व देवेंद्र कोर्ट में हाजिर हो हो गए। आरोपी अंशुल व भूरा भी जेल चले गए। समी का बाउंसर आशीष भी गिरफ्तार हो गया। बस मुख्य आरोपी समी फरार था। तत्कालीन एसपी ने 25 हजार का इनाम रखा था। उसकी तलाश की जा रही थी। साथ ही इनाम भी पचार हजार कर दिया गया।
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लगभग 15 दिन पहले समी ने बिलाल के साले को मोबाइल से फोन कर मुकदमे में समझौता करने की धमकी दी थी। पीड़ित ने इसकी सूचना कायमगंज कोतवाली में दी। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि एसओजी प्रभारी जेपी शर्मा व कायमगंज के दरोगा संतोष कुमार को इनामी को पकड़ने के लिए लगाया गया। टीम ने चेन्नई के अन्नानगर के थाना अमजी में समी को स्थानीय पुलिस के सहयोग से पकड़ा। बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि विलाल की हत्या समेत तीन मुकदमों में वांछित पचास हजार का इनामी चेन्नई से गिरफ्तार किया गया।
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