फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Ancient mound sunken due to illegal mining and rain, cracks in tehsil building

Farrukhabad News: अवैध खनन और बारिश से धंसा प्राचीन टीला, तहसील भवन में दरारें

Mon, 23 Sep 2024 04:44 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2024 04:44 AM IST
विज्ञापन
Ancient mound sunken due to illegal mining and rain, cracks in tehsil building
फर्रुखाबाद। अफसरों की अनदेखी से हुए अवैध मिट्टी खनन और फिर बारिश से प्राचीन टीला धंसने लगा है। उस पर 15 साल पहले बने सदर तहसील के भवन में दरारें आ गईं। रविवार को मीटिंग हॉल, रिकार्ड रूम, कलेक्शन रूम और प्रथम तल पर जाने वाली सीढि़यों पर यह दरारें साफ दिखने लगीं। अफसरों ने रातों रात भवन खाली कराना भी शुरू कर दिया।
विज्ञापन

टाउन हाॅल स्थित करीब 50 फीट ऊंचे टीले पर कई वर्षों से सदर तहसील है। 15 साल पहले इसी स्थान पर तहसील के लिए नया भवन बनाया गया। टीले के नीचे चारों ओर कई मकान हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते स्थानीय लोग जरूरत पर टीले से अवैध रूप से खनन कर मिट्टी ले जाते हैं। खनन व अधिक बरसात से टीले की मिट्टी खिसकने लगी। लिहाजा चार दिन पहले तहसील के नए भवन में दरारें पड़ गईं।
विज्ञापन




शनिवार को पीडब्ल्यूडी के दोनों खंडों और आरईएस के इंजीनियरों की टीम ने भवन की जांच की। इंजीनियरों की टीम ने रविवार को रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। इससे अफसरों में खलबली मच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


देर शाम एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति, एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय इंजीनियरिंग विभाग के अफसरों संग पहुंचे। उन्होंने दो मंजिला भवन के पिछले हिस्से में बने रिकाॅर्ड रूम, कलेक्शन रूम, मीटिंग हॉल को खाली कराने का फैसला लिया। नगर पालिका और राजस्व विभाग के कर्मियों को बुलाकर सामान निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। देर रात तक अधिकारी मौके पर ही मुस्तैद हैं।



--

सदर तहसील भवन में दरारें पड़ी हैं। इंजीनियरों की टीम ने जांच के बाद भवन को खतरा बताया है। लिहाजा भवन में गैलरी से पीछे के सभी कमरे खाली कराए जा रहे हैं। भवन में इतनी जल्दी दरारें आने की विस्तृत जांच की जाएगी।




-सुभाष चंद्र प्रजापति, एडीएम, फर्रुखाबाद।

- शनिवार को जांच करने गए थे। टीला काफी प्राचीन है। बारिश अधिक होने से उसके नीचे से मिट्टी खिसकने लगी है। भवन को खतरा हो गया है। रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।



- मुरलीधर, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed