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लेखपाल अनिश्चितकाल हड़ताल पर
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 18 May 2015 11:48 PM IST
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कायमगंज तहसील के लेखपाल के साथ पिछले दिनों हुई मारपीट से आक्रोशित जिले
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भर के लेखपालों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। लेखपालों ने सोमवार
को धरना-प्रदर्शन कर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। चेतावनी दी कि अगर
प्रशासन न चेता तो दूसरे कर्मचारी संगठनों से भी समर्थन का आग्रह किया
जाएगा।तीनों तहसीलों के लेखपालों ने कायमगंज के साथी लेखपाल के साथ हुई
मारपीट की घटना के विरोध में सोमवार को सदर
तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सैदमीर खां ने कहा कि साथी लेखपालों का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। उनके मान-सम्मान के लिए हर स्तर की लड़ाई लड़ी जाएगी। कहा कि लेखपाल के सार्थ मारपीट के आरोपी खुले घूम रहे हैं। कहा कि जब तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जिला मंत्री शिवकुमार ने कहा कि जनता की सेवा के लिए लेखपाल मेहनत करते हैं। वैसे ही जिले में लेखपालों की कमी है। तमाम लेखपालों को क्षेत्रों
से हटाकर दफ्तरों से संबद्ध कर दिया गया है। एक-एक लेखपाल कई क्षेत्रों का काम संभाल रहे हैं। तहसील सदर अध्यक्ष बलवीर सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर पीड़ित लेखपाल को न्याय दिलाए। श्यामबाबू ने भी घटना की निंदा की। जगदीप बाबू और संजय कुमार ने कहा कि सम्मान के लिए लेखपाल एकजुट रहें। इस अवसर पर रामेंद्र मौर्य, संजय कुमार, जाहर सिंह, रंजीत कुमार, अजीत द्विवेदी, सर्वेश अंबेडकर, रमाकांत गुप्ता, विजय पाठक, विजय पाल, राहुल सिंह, जाकिर हुसैन और आबिद खां आदि मौजूद रहे।
इन पर पड़ा असर
खतौनी, आय-जाति, सामान्य निवास प्रमाण पत्र जांच, पारिवारिक लाभ योजना के आवेदनों की जांच, मुख्यमंत्री कार्यालय संदर्भ कार्य, जनता दर्शन संदर्भ, तहसील दिवस प्रार्थनापत्रों की जांच, मेड़बंदी, जमीनों की पैमाइश और मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य।
तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सैदमीर खां ने कहा कि साथी लेखपालों का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। उनके मान-सम्मान के लिए हर स्तर की लड़ाई लड़ी जाएगी। कहा कि लेखपाल के सार्थ मारपीट के आरोपी खुले घूम रहे हैं। कहा कि जब तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जिला मंत्री शिवकुमार ने कहा कि जनता की सेवा के लिए लेखपाल मेहनत करते हैं। वैसे ही जिले में लेखपालों की कमी है। तमाम लेखपालों को क्षेत्रों
से हटाकर दफ्तरों से संबद्ध कर दिया गया है। एक-एक लेखपाल कई क्षेत्रों का काम संभाल रहे हैं। तहसील सदर अध्यक्ष बलवीर सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर पीड़ित लेखपाल को न्याय दिलाए। श्यामबाबू ने भी घटना की निंदा की। जगदीप बाबू और संजय कुमार ने कहा कि सम्मान के लिए लेखपाल एकजुट रहें। इस अवसर पर रामेंद्र मौर्य, संजय कुमार, जाहर सिंह, रंजीत कुमार, अजीत द्विवेदी, सर्वेश अंबेडकर, रमाकांत गुप्ता, विजय पाठक, विजय पाल, राहुल सिंह, जाकिर हुसैन और आबिद खां आदि मौजूद रहे।
इन पर पड़ा असर
खतौनी, आय-जाति, सामान्य निवास प्रमाण पत्र जांच, पारिवारिक लाभ योजना के आवेदनों की जांच, मुख्यमंत्री कार्यालय संदर्भ कार्य, जनता दर्शन संदर्भ, तहसील दिवस प्रार्थनापत्रों की जांच, मेड़बंदी, जमीनों की पैमाइश और मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य।