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राजेपुर ब्लाक में कई स्कूल खुले ही नहीं
Farrukhabad
Updated Sun, 29 Jul 2012 12:00 PM IST
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अमृतपुर। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते ब्लाक राजेपुर में कई पूर्व माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालय बंद चल रहे हैं। शिक्षण व्यवस्था शिक्षामित्रों व एकल अध्यापकों के सहारे चल रही है।
ब्लाक राजेपुर क्षेत्र के पूर्व माध्यामिक विद्यालय खरगपुर, माखननगला, सबासी, गोपालपुर, प्राथमिक विद्यालय नगला माखन बंद चल रहे हैं। इन विद्यालयों का शिक्षण कार्य सिर्फ कागजों पर चल रहा है। नया शिक्षासत्र शुरू हुए काफी समय हो गया है लेकिन इन स्कूलों को खुलवाने की किसी भी अधिकारी ने जहमत नहीं उठाई है। यहीं के बच्चे कक्षा पांच पास करके अगली कक्षा में प्रवेश पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय कमालुद्दीनपुर, कटरी, सथरा, जिठौली शिक्षामित्रों के सहारे चल रहे हैं। इनमें अभी तक किसी भी शिक्षक की तैनाती नहीं हुई है, जबकि इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को दूसरे ब्लाकों में भेज दिया गया है। इस कारण शिक्षण व्यवस्था दिनों-दिन चौपट होती जा रही है। प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव परतापुर में शिक्षिका रश्मि अरोड़ा की नियुक्ति है लेकिन इसके बावजूद विद्यालय शिक्षामित्र के हवाले है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुम्हरौर की छात्र संख्या 205 है और सिर्फ प्रधानाध्यापिका उपासनादत्त पर इन बच्चों का भविष्य निर्भर है। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि अपने विभाग के अधिकारियों से शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कई बार लिख चुकी हूं लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि एनपीआरसी का अतिरिक्त चार्ज भी उनके पास है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय ऊधरनपुर लीलापुर के प्रधानाध्यापक रामबाबू द्विवेदी ने बताया कि विद्यालय में 125 छात्र हैं। लेकिन दूसरा अध्यापक न होने की वजह से शिक्षण कार्य सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है। शिक्षा विभाग की लचर व्यवस्था के चलते बच्चों का भविष्य चौपट होने की संभावना है। खंड शिक्षाधिकारी प्रवीण शुक्ला ने बताया कि एक भी विद्यालय बंद नहीं है। सभी बंद विद्यालय खुलवा दिए गए हैं। एकल अध्यापक एवं शिक्षामित्र वाले स्कूलों में शिक्षकों को भेजा जा रहा है।
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ब्लाक राजेपुर क्षेत्र के पूर्व माध्यामिक विद्यालय खरगपुर, माखननगला, सबासी, गोपालपुर, प्राथमिक विद्यालय नगला माखन बंद चल रहे हैं। इन विद्यालयों का शिक्षण कार्य सिर्फ कागजों पर चल रहा है। नया शिक्षासत्र शुरू हुए काफी समय हो गया है लेकिन इन स्कूलों को खुलवाने की किसी भी अधिकारी ने जहमत नहीं उठाई है। यहीं के बच्चे कक्षा पांच पास करके अगली कक्षा में प्रवेश पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय कमालुद्दीनपुर, कटरी, सथरा, जिठौली शिक्षामित्रों के सहारे चल रहे हैं। इनमें अभी तक किसी भी शिक्षक की तैनाती नहीं हुई है, जबकि इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को दूसरे ब्लाकों में भेज दिया गया है। इस कारण शिक्षण व्यवस्था दिनों-दिन चौपट होती जा रही है। प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव परतापुर में शिक्षिका रश्मि अरोड़ा की नियुक्ति है लेकिन इसके बावजूद विद्यालय शिक्षामित्र के हवाले है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुम्हरौर की छात्र संख्या 205 है और सिर्फ प्रधानाध्यापिका उपासनादत्त पर इन बच्चों का भविष्य निर्भर है। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि अपने विभाग के अधिकारियों से शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कई बार लिख चुकी हूं लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि एनपीआरसी का अतिरिक्त चार्ज भी उनके पास है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय ऊधरनपुर लीलापुर के प्रधानाध्यापक रामबाबू द्विवेदी ने बताया कि विद्यालय में 125 छात्र हैं। लेकिन दूसरा अध्यापक न होने की वजह से शिक्षण कार्य सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है। शिक्षा विभाग की लचर व्यवस्था के चलते बच्चों का भविष्य चौपट होने की संभावना है। खंड शिक्षाधिकारी प्रवीण शुक्ला ने बताया कि एक भी विद्यालय बंद नहीं है। सभी बंद विद्यालय खुलवा दिए गए हैं। एकल अध्यापक एवं शिक्षामित्र वाले स्कूलों में शिक्षकों को भेजा जा रहा है।
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