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कालेजों के पास नहीं बिकेंगे जंक फूड
Farrukhabad
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। किशोरों को जंक फूड की आदत से छुटकारा दिलाने के लिए नई पहल की जा रही है। अब इंटर कालेजों की कैंटीन व उसके आसपास जंक फूड की बिक्री को रोका जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक आरपी शर्मा ने जिले के माध्यमिक कालेजों को ऐसी कार्रवाई करने के लिए चिट्ठी भेजी है। छात्र छात्राओं को इनसे होने वाले नुकसानों के बारे में बताने के लिए कालेजों में जागरूकता अभियान भी चलेंगे।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय व भारतीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड मंडल ने कालेजों के छात्र छात्राओं के स्वास्थ्य को बचाने के लिए मसौदा बनाया है।
इसके तहत राजकीय, अशासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व इंटरमीडिएट कालेजों की कैंटीनों में जंक फूड व कार्बोनेटिड पेय पदार्थ नहीं बेंचे जा सकेंगे। इसके साथ ही कालेजों के आसपास की दुकानों पर इनकी बिक्री नहीं होने दी जाएगी। छात्र छात्राओं को इनसे होने वाले नुकसानों से भी वाकिफ कराया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक आरपी शर्मा ने जिले के कालेजों को इस फरमान को लागू करवाने के लिए चिट्ठी भिजवाई हैं।
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पत्र मंे उन्होंने कहा है कि शहरी इलाके में 50 फीसदी से ज्यादा छात्र छात्राएं जंक फूड खाते हैं। इनमें से छात्राओं का प्रतिशत 65 से भी ऊपर है। जंक फूड व कार्बोनेटिड पेय पदार्थों के इस्तेमाल से इनमें डायविटीज व हाइपरटेंशन की समस्या बढ़ रही है। इनसे इन्हें वसा व कैलोरी तो मिल जाती है लेकिन विटामिन व खनिल लवण नहीं मिल पाते हैं। इससे यह कुपोषण के दायरे में आने लगते हैं।
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भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय व भारतीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड मंडल ने कालेजों के छात्र छात्राओं के स्वास्थ्य को बचाने के लिए मसौदा बनाया है।
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इसके तहत राजकीय, अशासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व इंटरमीडिएट कालेजों की कैंटीनों में जंक फूड व कार्बोनेटिड पेय पदार्थ नहीं बेंचे जा सकेंगे। इसके साथ ही कालेजों के आसपास की दुकानों पर इनकी बिक्री नहीं होने दी जाएगी। छात्र छात्राओं को इनसे होने वाले नुकसानों से भी वाकिफ कराया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक आरपी शर्मा ने जिले के कालेजों को इस फरमान को लागू करवाने के लिए चिट्ठी भिजवाई हैं।
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पत्र मंे उन्होंने कहा है कि शहरी इलाके में 50 फीसदी से ज्यादा छात्र छात्राएं जंक फूड खाते हैं। इनमें से छात्राओं का प्रतिशत 65 से भी ऊपर है। जंक फूड व कार्बोनेटिड पेय पदार्थों के इस्तेमाल से इनमें डायविटीज व हाइपरटेंशन की समस्या बढ़ रही है। इनसे इन्हें वसा व कैलोरी तो मिल जाती है लेकिन विटामिन व खनिल लवण नहीं मिल पाते हैं। इससे यह कुपोषण के दायरे में आने लगते हैं।