{"_id":"34-191053","slug":"Farrukhabad-191053-34","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईद पर बाजार हुए गुलजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईद पर बाजार हुए गुलजार
Farrukhabad
Updated Mon, 28 Jul 2014 05:30 AM IST
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फर्रुखाबाद। इदुल फितर को दो दिन ही बाकी हैं। ऐसे में शो रूमों, दुकानों और मॉल में खरीददारों की भीड़ उमड़ रही है। रेडीमेड कपड़े हों या फिर कॉस्मेटिक का सामान, फैशनेवल पैंट, जींस, शर्ट और बनियान के साथ लखनवी कुर्ता-पायजामा युवाओं की पहली पसंद बने हैं। युवतियों में अनारकली ड्रेस का काफी क्रेज है। जूता-चप्पल की दुकानें भी गुलजार हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए दुकानदारों ने सेवइयों की कई वैरायटियां सजा ली हैं। मार्केट में जरदोजी कारोबार की मंदी और महंगाई का असर भी साफ दिखाई दे रहा है। दुकानदारों की मानें तो 20 से 25 फीसदी बिक्री डाउन हुई है। हालांकि उनका कहना है कि चांद रात को बिक्री में इजाफा होगा। त्योहार नजदीक होने से रविवार को दुकानों पर खासी रौनक रही।
लखनवी कुर्ता-पायजामा पहली पसंद
ईद के मौके पर रेडीमेड कपड़ों के बाजार में चमक आ गई है। बढ़ी मांग को देखते हुए पैंट, जींस, बनियान शर्ट की दुकानदारी में 20 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। रेलवे रोड स्थित पप्पू बख्श कहते हैं कि उनकी दुकान पर बच्चों और बड़ों के रेडीमेड कपड़े उपलब्ध हैं। दुकानदार नाजिम ने बताया कि रेडीमेड का बच्चों व युवाओं में काफी क्रेज है। नमाज के लिए कुर्ता-पायजामा जरूरी समझा जाता है। युवाओं में लखनवी कुर्ता-पायजामा का क्रेज है। डिमांड को देखते हुए बाजार में अस्थायी दुकानें भी सज गई हैं। मोहम्मद इमरान बताते हैं कि ईदगाह में नमाज के वक्त कुर्ता-पायजमा ही अच्छा लगता है।
अनारकली ड्रेस व आर्टीफिशियल ज्वैलरी का क्रेज
फर्रुखाबाद। महिलाओं और युवतियों में आर्टिफिशियल ज्वैलरी और अनारकली ड्रेस का क्रेज है। पर्दानशीन महिलाएं और युवतियां भी मनपसंद सामान की खरीददारी में जुटी हैं। सौंदर्य प्रसाधन और चूड़ी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ दिखाई दे रही है।
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दर्जियों को नहीं मिल रही फुरसत
फर्रुखाबाद। रेडीमेड कपड़ों की डिमांड चाहे जितनी हो लेकिन दर्जियों के पास भी काम की कमी नहीं है। अधिकांश टेलरों ने ग्राहकों को लौटाना शुरू कर दिया है। रेलवे रोड स्थित ब्यूटी टेलर्स के मास्टर वाहिद अंसारी कहते हैं कि पहले से ही काफी आर्डर लगे हुए हैं। अब जो ग्राहक आ रहे हैं, उन्हें लौटाने को मजबूर हैं। लड्डन मास्टर कहते हैं कि जो आर्डर पहले से बुक हैं, उन्हें ही पूरा करना मुश्किल लग रहा है। मजबूरन ग्राहकों को लौटाना पड़ रहा है।
त्योहार को परदेसी लौट रहे घर
फर्रुखाबाद। इअपनों के बीच ईद मनाने का मजा ही कुछ और है। इसलिए कमाई के लिए परदेश में धंधा और नौकरी करने वाले लोग घर लौटने लगे हैं। शहर के हर मोहल्ले के लोग दिल्ली, मुंबई, जयपुर अमृतसर जैसे महानगरों में रोजीरोटी कमाते हैं। ईद आते ही उन्हें अपने शहर की याद आ गई है।
सज गईं सेंवइयों की दुकानें
सेवइयों के बिना भाईचारे का त्योहार ईदुल फितर की कल्पना भी नहीं की जा सकती। जब ईद सिर पर है तो दुकानदारों ने कई तरह की सेवइयां बाजार में उतार दी हैं। बनारसी, शाहजहांपुर, किमामी के साथ ही कानपुर और कोलकाता की सेवइयां बाजार में हैं। सुतहट्टी, पक्कापुल, रकाबगंज और बीबीगंज में सेवइयों की दुकानें सजी हैं। ठिलिया वाले मोहल्लों में घूम-घूमकर सेवइयां बेच रहे हैं। नसीम बताते हैं कि सेवईं 30 से 200 रुपये तक किलो की है।
लखनवी कुर्ता-पायजामा पहली पसंद
ईद के मौके पर रेडीमेड कपड़ों के बाजार में चमक आ गई है। बढ़ी मांग को देखते हुए पैंट, जींस, बनियान शर्ट की दुकानदारी में 20 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। रेलवे रोड स्थित पप्पू बख्श कहते हैं कि उनकी दुकान पर बच्चों और बड़ों के रेडीमेड कपड़े उपलब्ध हैं। दुकानदार नाजिम ने बताया कि रेडीमेड का बच्चों व युवाओं में काफी क्रेज है। नमाज के लिए कुर्ता-पायजामा जरूरी समझा जाता है। युवाओं में लखनवी कुर्ता-पायजामा का क्रेज है। डिमांड को देखते हुए बाजार में अस्थायी दुकानें भी सज गई हैं। मोहम्मद इमरान बताते हैं कि ईदगाह में नमाज के वक्त कुर्ता-पायजमा ही अच्छा लगता है।
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अनारकली ड्रेस व आर्टीफिशियल ज्वैलरी का क्रेज
फर्रुखाबाद। महिलाओं और युवतियों में आर्टिफिशियल ज्वैलरी और अनारकली ड्रेस का क्रेज है। पर्दानशीन महिलाएं और युवतियां भी मनपसंद सामान की खरीददारी में जुटी हैं। सौंदर्य प्रसाधन और चूड़ी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ दिखाई दे रही है।
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दर्जियों को नहीं मिल रही फुरसत
फर्रुखाबाद। रेडीमेड कपड़ों की डिमांड चाहे जितनी हो लेकिन दर्जियों के पास भी काम की कमी नहीं है। अधिकांश टेलरों ने ग्राहकों को लौटाना शुरू कर दिया है। रेलवे रोड स्थित ब्यूटी टेलर्स के मास्टर वाहिद अंसारी कहते हैं कि पहले से ही काफी आर्डर लगे हुए हैं। अब जो ग्राहक आ रहे हैं, उन्हें लौटाने को मजबूर हैं। लड्डन मास्टर कहते हैं कि जो आर्डर पहले से बुक हैं, उन्हें ही पूरा करना मुश्किल लग रहा है। मजबूरन ग्राहकों को लौटाना पड़ रहा है।
त्योहार को परदेसी लौट रहे घर
फर्रुखाबाद। इअपनों के बीच ईद मनाने का मजा ही कुछ और है। इसलिए कमाई के लिए परदेश में धंधा और नौकरी करने वाले लोग घर लौटने लगे हैं। शहर के हर मोहल्ले के लोग दिल्ली, मुंबई, जयपुर अमृतसर जैसे महानगरों में रोजीरोटी कमाते हैं। ईद आते ही उन्हें अपने शहर की याद आ गई है।
सज गईं सेंवइयों की दुकानें
सेवइयों के बिना भाईचारे का त्योहार ईदुल फितर की कल्पना भी नहीं की जा सकती। जब ईद सिर पर है तो दुकानदारों ने कई तरह की सेवइयां बाजार में उतार दी हैं। बनारसी, शाहजहांपुर, किमामी के साथ ही कानपुर और कोलकाता की सेवइयां बाजार में हैं। सुतहट्टी, पक्कापुल, रकाबगंज और बीबीगंज में सेवइयों की दुकानें सजी हैं। ठिलिया वाले मोहल्लों में घूम-घूमकर सेवइयां बेच रहे हैं। नसीम बताते हैं कि सेवईं 30 से 200 रुपये तक किलो की है।