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गोलीकांड में दो को दस साल की सजा
Farrukhabad
Updated Sat, 18 Jan 2014 05:48 AM IST
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फर्रुखाबाद। अपर जिला जज एमपी सिंह ने गोलीकांड मुकदमे के दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया। उनको दस-दस साल की सजा सुनाई। पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र गांव साहसपुर निवासी पंचम सिंह गांव के रामबहादुर के साहसपुर नदी पर उतराई ठेके पर वसूली करता था। 28 मार्च 2003 को कन्नौज जिले के थाना विशुनगढ़ के गांव उस्मानपुर नगरिया निवासी धरमा सिंह उर्फ धर्मा व अजय कुमार उर्फ मंटू नबीगंज की ओर से नाव में बाइक रखकर साहसपुर की ओर आए थे। नदी पार करने के बाद बाइक लेकर चल दिए। उनसे नदी पार कराई के रुपये मांगे तो देने से इनकार दिया। इसको लेकर हुए विवाद में दोनों ने जान से मारने की नीयत से फायर किया। गोली लगने से वह घायल हो गया। घायल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश कुमार सिंह ने दलीलें पेश की। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
जानलेवा हमले में पांच को सजा
फर्रुखाबाद। अपर जिला जज पीएन श्रीवास्तव ने जानलेवा हमले के मुकदमे के पांच आरोपियों को दोषी करार दिया। उनको सात-सात साल की सजा सुनाई। चार-चार हजार रुपये जुर्माना किया गया। जुर्माना अदा न किए जाने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
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कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव पैथान निवासी महेश चंद्र की गांव के रक्षपाल से पुरानी रंजिश थी। इसके चलते 31 मई 1993 को खेत जाते समय महेश चंद्र को गांव के रक्षपाल, भारत, अशोक, किशनलाल व बादमुकुंद ने घेर लिया। उसकी लाठी डंडों से पिटाई कर दी। शोरशराबे पर महेश चंद्र के पिता रामचंद्र, भाई बालकराम, नानकराम बचाने आए तो उनको भी लाठी डंडों से पीट दिया। जान से मारने की नीयत से फायर किया। मारपीट में चारों लोग घायल हो गए। घायल महेश चंद्र ने हमलावरों के खिलाफ रिपेार्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शिशुपाल सिंह यादव ने दलीलें पेश कीं। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने पांचों आरोपियों को जानलेवा हमले के जुर्म में दोषी करार दिया। सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र गांव साहसपुर निवासी पंचम सिंह गांव के रामबहादुर के साहसपुर नदी पर उतराई ठेके पर वसूली करता था। 28 मार्च 2003 को कन्नौज जिले के थाना विशुनगढ़ के गांव उस्मानपुर नगरिया निवासी धरमा सिंह उर्फ धर्मा व अजय कुमार उर्फ मंटू नबीगंज की ओर से नाव में बाइक रखकर साहसपुर की ओर आए थे। नदी पार करने के बाद बाइक लेकर चल दिए। उनसे नदी पार कराई के रुपये मांगे तो देने से इनकार दिया। इसको लेकर हुए विवाद में दोनों ने जान से मारने की नीयत से फायर किया। गोली लगने से वह घायल हो गया। घायल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश कुमार सिंह ने दलीलें पेश की। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
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जानलेवा हमले में पांच को सजा
फर्रुखाबाद। अपर जिला जज पीएन श्रीवास्तव ने जानलेवा हमले के मुकदमे के पांच आरोपियों को दोषी करार दिया। उनको सात-सात साल की सजा सुनाई। चार-चार हजार रुपये जुर्माना किया गया। जुर्माना अदा न किए जाने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
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कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव पैथान निवासी महेश चंद्र की गांव के रक्षपाल से पुरानी रंजिश थी। इसके चलते 31 मई 1993 को खेत जाते समय महेश चंद्र को गांव के रक्षपाल, भारत, अशोक, किशनलाल व बादमुकुंद ने घेर लिया। उसकी लाठी डंडों से पिटाई कर दी। शोरशराबे पर महेश चंद्र के पिता रामचंद्र, भाई बालकराम, नानकराम बचाने आए तो उनको भी लाठी डंडों से पीट दिया। जान से मारने की नीयत से फायर किया। मारपीट में चारों लोग घायल हो गए। घायल महेश चंद्र ने हमलावरों के खिलाफ रिपेार्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शिशुपाल सिंह यादव ने दलीलें पेश कीं। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने पांचों आरोपियों को जानलेवा हमले के जुर्म में दोषी करार दिया। सजा और जुर्माने से दंडित किया है।