{"_id":"34-164886","slug":"Farrukhabad-164886-34","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो बूंद स्वच्छ पानी को तरसते नौनिहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो बूंद स्वच्छ पानी को तरसते नौनिहाल
Farrukhabad
Updated Wed, 01 Jan 2014 05:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। सर्दी हो या गर्मी, बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में नौनिहालों को दो बूंद स्वच्छ पानी नसीब नहीं होता है। साल भर अफसर स्कूलों में हैंडपंप लगाने की कवायद करते रहे, लेकिन हकीकत यह है कि 35 स्कूलों में साल के अंत तक हैंडपंप नहीं लगे और जो लगे हैं। उनमें अधिकांश खराब है।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के नौनिहालों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने को जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने साल भर मशक्कत की। एक विभाग से दूसरे विभाग तक पत्राचार किया, लेकिन नौनिहालों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की अफसरों की यह कवायद साल के अंत तक परवान नहीं चढ़ी। यह हकीकत सर्व शिक्षा अभियान निदेशक कार्यालय से मांगी गई जानकारी पर हुए विभागीय सर्वे में सामने आई है। जिले में लगभग 1650 संचालित स्कूलों में 27 प्राथमिक और 8 पूर्व माध्यमिक स्कूलों में हैंडपंप नहीं लगवाए गए। इसके अलावा 42 प्राथमिक एवं 25 पूर्व माध्यमिक स्कूलों में लगे हैंडपंप खराब निकले। इसकी रिपोर्ट आने से स्कूलों में नौनिहालों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था किए जाने की पोल खुलकर सामने आई। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि स्कूलों में लगे हैंडपंपों की जांच उच्च अधिकारियों के आदेश पर कराई गई है। जिले के 35 स्कूलों में हैंडपंप नहीं है। 67 स्कूलों में हैंडपंप खराब है।
निदेशक का आया फरमान
फर्रुखाबाद। परिषदीय स्कूलों में पेयजल व्यवस्था सुधार को बेसिक शिक्षा विभाग में राज्य परियोजना निदेशक का फरमान आया है। राज्य परियोजना निदेशक हरेन्द्रवीर सिंह ने खराब हैंडपंपों को शीघ्र सही कराने के आदेश दिए है। उन्होंने खराब शौचालयों की मरम्मत कराने का भी आदेश बीएसए को दिया है। इसकी रिपोर्ट 15 जनवरी 2014 तक मांगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के नौनिहालों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने को जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने साल भर मशक्कत की। एक विभाग से दूसरे विभाग तक पत्राचार किया, लेकिन नौनिहालों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की अफसरों की यह कवायद साल के अंत तक परवान नहीं चढ़ी। यह हकीकत सर्व शिक्षा अभियान निदेशक कार्यालय से मांगी गई जानकारी पर हुए विभागीय सर्वे में सामने आई है। जिले में लगभग 1650 संचालित स्कूलों में 27 प्राथमिक और 8 पूर्व माध्यमिक स्कूलों में हैंडपंप नहीं लगवाए गए। इसके अलावा 42 प्राथमिक एवं 25 पूर्व माध्यमिक स्कूलों में लगे हैंडपंप खराब निकले। इसकी रिपोर्ट आने से स्कूलों में नौनिहालों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था किए जाने की पोल खुलकर सामने आई। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि स्कूलों में लगे हैंडपंपों की जांच उच्च अधिकारियों के आदेश पर कराई गई है। जिले के 35 स्कूलों में हैंडपंप नहीं है। 67 स्कूलों में हैंडपंप खराब है।
विज्ञापन
निदेशक का आया फरमान
फर्रुखाबाद। परिषदीय स्कूलों में पेयजल व्यवस्था सुधार को बेसिक शिक्षा विभाग में राज्य परियोजना निदेशक का फरमान आया है। राज्य परियोजना निदेशक हरेन्द्रवीर सिंह ने खराब हैंडपंपों को शीघ्र सही कराने के आदेश दिए है। उन्होंने खराब शौचालयों की मरम्मत कराने का भी आदेश बीएसए को दिया है। इसकी रिपोर्ट 15 जनवरी 2014 तक मांगी है।
विज्ञापन