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महोरिकापुर में स्वास्थ्य टीम को मिले 79 रोगी
farrukhabad
Updated Fri, 25 Aug 2017 12:38 AM IST
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दवा लेने के लिए उमड़ी उल्टी-दस्त से पीड़ित रोगियों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। गांव महोरिकापुर में डायरिया से 25 लोगों के बीमार होने की खबर अमर उजाला में छपने के बाद गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद और न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरगांव के स्वास्थ्यकर्मियों ने गांव में शिविर लगाकर 79 रोगियों को चिह्नित किया।
गांव महोरिकापुर में पहुंचे डॉ. अनुराग सिंह, जबर सिंह, मोहम्मद और प्रमोद कुमार ने किशन, श्यामलाल, ललिता, योगेंद्र, अंशुल, अंशिका, सुनीता, सुमन, पन्नालाल, शिखा, रेनू, पारुल, अनीता, काजल, रोहित, कलावती, मालती, पायल, रामदेवी, पवन, उषा और राजकुमार समेत 79 रोगियों को उल्टी-दस्त से पीड़ित पाया। इन सभी की जांच कर दवाएं उपलब्ध कराईं।
डॉ. अनुराग सिंह ने बताया कि गैस्ट्रोइनटाइटिस और गंदगी की वजह से यहां लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो रहे हैं। गांव में साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। फिलहाल बीमार मिले रोगियों को दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ता इस गांव पर विशेष नजर रखेंगे। उन्होंने बताया कि सभी रोगी पुराने हैं। शुक्रवार तक स्थिति पर काबू हो जाएगा। जिस समय डॉक्टरों ने शिविर लगाकर यहां दवाएं बांटनी शुरू कीं, पीड़ित बच्चों और महिलाओं की भीड़ लग गई। भीड़ को संभालने में टीम को मशक्कत करनी पड़ी।
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गांव महोरिकापुर में पहुंचे डॉ. अनुराग सिंह, जबर सिंह, मोहम्मद और प्रमोद कुमार ने किशन, श्यामलाल, ललिता, योगेंद्र, अंशुल, अंशिका, सुनीता, सुमन, पन्नालाल, शिखा, रेनू, पारुल, अनीता, काजल, रोहित, कलावती, मालती, पायल, रामदेवी, पवन, उषा और राजकुमार समेत 79 रोगियों को उल्टी-दस्त से पीड़ित पाया। इन सभी की जांच कर दवाएं उपलब्ध कराईं।
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डॉ. अनुराग सिंह ने बताया कि गैस्ट्रोइनटाइटिस और गंदगी की वजह से यहां लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो रहे हैं। गांव में साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। फिलहाल बीमार मिले रोगियों को दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ता इस गांव पर विशेष नजर रखेंगे। उन्होंने बताया कि सभी रोगी पुराने हैं। शुक्रवार तक स्थिति पर काबू हो जाएगा। जिस समय डॉक्टरों ने शिविर लगाकर यहां दवाएं बांटनी शुरू कीं, पीड़ित बच्चों और महिलाओं की भीड़ लग गई। भीड़ को संभालने में टीम को मशक्कत करनी पड़ी।
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