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68 कालोनियां अवैध
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 27 May 2015 11:08 PM IST
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लेआउट पास कराए बिना प्लाटिंग करने पर 68 कालोनियां अवैध घोषित कर दी गई
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हैं। यह कालोनियां अभी बस रही हैं। इनमें प्लाट खरीदने वालों के विनियमित
क्षेेत्र से नक्शे पास नहीं होंगे। बिना नक्शा पास कराए निर्माण क राया तो
गिरवा दिया जाएगा। अवैध कालोनी डेवलप करने वालाें को विनियमित क्षेत्र के
अवर अभियंता ने नोटिस जारी किए हैं।
शहर व आसपास के इलाके में लेआउट पास कराए बिना प्लाटों की बिक्री का धंधा चल रहा है। माधौपुर, चांदपुर, अमेठी कोहना, कुटरा, धंसुआ के अलावा शहर को जाने वाले संपर्क मार्गों के किनारे प्लाटिंग हो रही है। सुनियोजित विकास के लिए प्लाटिंग से पहले विनियमित क्षेत्र से लेआउट पास कराना होता है। इसके लिए प्रति हेक्टेयर 500 रुपये शुल्क तय है। आवेदन केे बाद नियत प्राधिकारी व प्लाटिंग करने वालों के बीच में करार होता है। कालोनी में जरूरी सुविधाओं के
लिए बने स्टीमेट की कीमत का प्लाट विनियमित क्षेत्र को बंधक रखना पड़ता है। सारी सुविधाएं मुहैया कराने के बाद प्लाट मुक्त कर दिया जाता है। इसके बाद ही प्लाटों की बिक्री की जा सकती है। जिले में नियमों को ठेंगा दिखाकर 68 कालोनियों को डेवलप करने केे लिए प्लाट बेचे जा रहे हैं। यहां सुनियोजित विकास का कोई प्लान ही नहीं है। विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता एमके मिश्रा ने बताया कि जिले में 68 कालोनियां अवैध मिली हैं। प्रापर्टी डीलरों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
ऐसा होना चाहिए लेआउट
-कालोनी में 30 फीट की रोड बनाई जाए।
-कुल क्षेत्रफल का 10 फीसदी रकवा पार्क के लिए छोड़ना होगा।
- ड्रेनेज के साथ बिजली व पेयजल की व्यवस्था।
अवैध कालोनी में प्लाट खरीदा तो दिक्कत
- अवैध कालोनी में प्लाट खरीदने पर विनियमित क्षेत्र से नक्शा पास नहीं होगा।
- बिना नक्शा पास कराए निर्माण को ढहाया जा सकता है।
- विनियमित क्षेत्र मुकदमा चला सकता है।
- बिजली व पानी की समस्या आएगी।
शहर व आसपास के इलाके में लेआउट पास कराए बिना प्लाटों की बिक्री का धंधा चल रहा है। माधौपुर, चांदपुर, अमेठी कोहना, कुटरा, धंसुआ के अलावा शहर को जाने वाले संपर्क मार्गों के किनारे प्लाटिंग हो रही है। सुनियोजित विकास के लिए प्लाटिंग से पहले विनियमित क्षेत्र से लेआउट पास कराना होता है। इसके लिए प्रति हेक्टेयर 500 रुपये शुल्क तय है। आवेदन केे बाद नियत प्राधिकारी व प्लाटिंग करने वालों के बीच में करार होता है। कालोनी में जरूरी सुविधाओं के
लिए बने स्टीमेट की कीमत का प्लाट विनियमित क्षेत्र को बंधक रखना पड़ता है। सारी सुविधाएं मुहैया कराने के बाद प्लाट मुक्त कर दिया जाता है। इसके बाद ही प्लाटों की बिक्री की जा सकती है। जिले में नियमों को ठेंगा दिखाकर 68 कालोनियों को डेवलप करने केे लिए प्लाट बेचे जा रहे हैं। यहां सुनियोजित विकास का कोई प्लान ही नहीं है। विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता एमके मिश्रा ने बताया कि जिले में 68 कालोनियां अवैध मिली हैं। प्रापर्टी डीलरों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
ऐसा होना चाहिए लेआउट
-कालोनी में 30 फीट की रोड बनाई जाए।
-कुल क्षेत्रफल का 10 फीसदी रकवा पार्क के लिए छोड़ना होगा।
- ड्रेनेज के साथ बिजली व पेयजल की व्यवस्था।
अवैध कालोनी में प्लाट खरीदा तो दिक्कत
- अवैध कालोनी में प्लाट खरीदने पर विनियमित क्षेत्र से नक्शा पास नहीं होगा।
- बिना नक्शा पास कराए निर्माण को ढहाया जा सकता है।
- विनियमित क्षेत्र मुकदमा चला सकता है।
- बिजली व पानी की समस्या आएगी।