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तीन बेटियों का जला दहेज, हाथ पीले होने के लाले
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फर्रुखाबाद। आग ऐसी दैवी आपदा है, जिसका प्रकोप सबसे भयावह होता है। मऊदरवाजा थाने के गांव कटरी भीमपुर के मजरा धौली की मड़ैया में बुधवार शाम लगी आग में तीन बेटियों की शादी के लिए एकत्रित किया गया सामान भी स्वाहा हो गया। अब इन बेटियों के हाथ पीले होने के लाले हैं। अग्निकांड में पीड़ितों को सरकारी मदद के नाम पर दो-दो किलो कच्चे चावल मिले हैं।
राम सिंह की बेटी कोमल की बारात 10 मई को आनी है। बेटी की शादी में देने के लिए खरीदी अंगूठी, तोड़िया, बक्सा, अलमारी, साड़ियां और लड़के का सूट समेत अन्य सभी सामान जलकर राख हो गया। जो गेहूं अधजले बचे हैं, उसी में से अच्छे गेहूं निकालने में परिवार लगा है। महिलाएं सबसे ज्यादा बेटी की शादी को लेकर चिंतित हैं।
गांव के ही मातादीन की बेटी पिंकी की 28 मई को बारात आएगी। बच्चों के साथ लगकर खेतों की कटाई की। गेहूं घर में एकत्रित किए। मातादीन ने बताया कि दो-चार दिन में गेहूं बेचने वाले थे। इससे जो पैसे आते, उससे पूरा दहेज खरीदना था। 3 बेटियों में पिंकी दूसरे नंबर की है। अब समझ नहीं आ रहा क्या करें।
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23 मई को संतराम वर्मा की बेटी अर्चना के हाथ पीले होने थे। तिलक का सामान खरीद लिया था। वहीं शादी के लिए जरूरी खरीदारी को घर में 75 हजार रुपये रखे थे। कुछ सामान और जेवरात ले भी आए थे। कुछ अभी लाना था। आग में सब कुछ जलकर राख हो गया। अब कैसे शादी होगी? सोच-सोच कर परेशान हूं।
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राम सिंह की बेटी कोमल की बारात 10 मई को आनी है। बेटी की शादी में देने के लिए खरीदी अंगूठी, तोड़िया, बक्सा, अलमारी, साड़ियां और लड़के का सूट समेत अन्य सभी सामान जलकर राख हो गया। जो गेहूं अधजले बचे हैं, उसी में से अच्छे गेहूं निकालने में परिवार लगा है। महिलाएं सबसे ज्यादा बेटी की शादी को लेकर चिंतित हैं।
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गांव के ही मातादीन की बेटी पिंकी की 28 मई को बारात आएगी। बच्चों के साथ लगकर खेतों की कटाई की। गेहूं घर में एकत्रित किए। मातादीन ने बताया कि दो-चार दिन में गेहूं बेचने वाले थे। इससे जो पैसे आते, उससे पूरा दहेज खरीदना था। 3 बेटियों में पिंकी दूसरे नंबर की है। अब समझ नहीं आ रहा क्या करें।
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23 मई को संतराम वर्मा की बेटी अर्चना के हाथ पीले होने थे। तिलक का सामान खरीद लिया था। वहीं शादी के लिए जरूरी खरीदारी को घर में 75 हजार रुपये रखे थे। कुछ सामान और जेवरात ले भी आए थे। कुछ अभी लाना था। आग में सब कुछ जलकर राख हो गया। अब कैसे शादी होगी? सोच-सोच कर परेशान हूं।