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मंडी शुल्क के गबन में कर्मचारी निलंबित
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सातनपुर कृषि उत्पादन मंडी समिति के शुल्क गबन के मामले में चपरासी को निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। करोड़ों के शुल्क गबन के मामले में कई जिम्मेदार व आढ़ती फंसते नजर आ रहे हैं। कार्रवाई से बचने के लिए अब जोड़तोड़ भी शुरू हो गई है।
फर्जी गेटपास व कार्बन कापी पर पेन से वजन कम लिखकर वर्षों से मंडी शुल्क के गबन का खेल चलता रहा। करोड़ों के इस घोटाले में कई बार शिकायत हुई, लेकिन मामला दबा दिया गया। तत्कालीन मंडी सचिव ने सैफई से रिश्ता बताकर अपने कार्यकाल में खूब मनमानी की।
वह अपने करीबियों को ही गेट पास काटने की जिम्मेदारी सौंपता रहा। इसमें बड़े आढ़ती भी शुल्क चोरी कर खूब कमाई करते रहे। मामला खुला तो उपनिदेशक राजीव श्रीवास्तव ने जांच की। मंडी के चपरासी अभय प्रताप सिंह के हस्ताक्षर व मुहर से हजारों गेटपास जारी करने और कार्बन कापी पर पेन से लोडिंग के वजन में फेरबदल का मामला पकड़ा।
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इस पर उपनिदेशक ने 25 मई का चपरासी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रकरण की जांच में मंडी शुल्क चोरी करने में पूरा रैकेट शामिल होने की बात सामने आ रही है। इसमें मंडी के कई कर्मचारी, अधिकारी व आढ़ती भी फंसते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई से बचने के लिए जोड़तोड़ भी शुरू हो गई है। मंडी सचिव शिवकुमार राघव ने बताया कि उन्होंने चपरासी अभय प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है। वहीं मंडी के पदेन सभापति अतिरिक्त एसडीएम बृजेंद्र कुमार ने बताया कि मंडी शुल्क चोरी में गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंडी शुल्क के गबन में कर्मचारी निलंबित
जांच में फंसते दिख रहे कई जिम्मेदार व आढ़ती
कार्रवाई से बचने को शुरू हो गई जोड़तोड़
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फर्जी गेटपास व कार्बन कापी पर पेन से वजन कम लिखकर वर्षों से मंडी शुल्क के गबन का खेल चलता रहा। करोड़ों के इस घोटाले में कई बार शिकायत हुई, लेकिन मामला दबा दिया गया। तत्कालीन मंडी सचिव ने सैफई से रिश्ता बताकर अपने कार्यकाल में खूब मनमानी की।
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वह अपने करीबियों को ही गेट पास काटने की जिम्मेदारी सौंपता रहा। इसमें बड़े आढ़ती भी शुल्क चोरी कर खूब कमाई करते रहे। मामला खुला तो उपनिदेशक राजीव श्रीवास्तव ने जांच की। मंडी के चपरासी अभय प्रताप सिंह के हस्ताक्षर व मुहर से हजारों गेटपास जारी करने और कार्बन कापी पर पेन से लोडिंग के वजन में फेरबदल का मामला पकड़ा।
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इस पर उपनिदेशक ने 25 मई का चपरासी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। प्रकरण की जांच में मंडी शुल्क चोरी करने में पूरा रैकेट शामिल होने की बात सामने आ रही है। इसमें मंडी के कई कर्मचारी, अधिकारी व आढ़ती भी फंसते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई से बचने के लिए जोड़तोड़ भी शुरू हो गई है। मंडी सचिव शिवकुमार राघव ने बताया कि उन्होंने चपरासी अभय प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है। वहीं मंडी के पदेन सभापति अतिरिक्त एसडीएम बृजेंद्र कुमार ने बताया कि मंडी शुल्क चोरी में गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंडी शुल्क के गबन में कर्मचारी निलंबित
जांच में फंसते दिख रहे कई जिम्मेदार व आढ़ती
कार्रवाई से बचने को शुरू हो गई जोड़तोड़