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फोरेंसिक टीम की लक्जरी गाड़ी पुलिस विभाग के पास
Updated Mon, 29 Oct 2018 11:14 PM IST
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फर्रुखाबाद। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर ने पुलिस लाइन आकर विभाग को दी जाने वाली गाड़ी के बारे में जांच की। मालूम हो कि जिले में दी गई कीमती कार पुलिस विभाग में चले जाने की शिकायत की गई थी। इसी की जांच के लिए डिप्टी डायरेक्टर आए थे।
फतेहगढ़ के विधि विज्ञान प्रयोगशाला को लखनऊ से 34 लाख रुपये कीमत की कार को कुछ समय पहले दिया गया था। इस कार में 6 लाख रुपये की किट लगी थी। उसमें विधि विज्ञान से संबंधित उपकरण रखे जाते हैं। जिससे विभागीय लोगों को घटनास्थल पर जाकर किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। कुछ समय पहले यह कार पुलिस विभाग के पास पहुंच गई। इसकी किट को विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लोगों को दे दी गई। कार के चले जाने से विभागीय लोगों को काम करने में दिक्कत होने लगी। इसकी शिकायत शासन से की गई। इसी की जांच के लिए सोमवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर सुरेश चंद्रा पुलिस लाइन पहुंचे। यहां पर फोरेंसिक टीम प्रभारी ओमप्रकाश से वार्ता की। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर ने शासन से दी जाने वाली गाड़ी के बारे में पूछताछ की गई।
यहां पर बताया गया कि वह गाड़ी पुलिस विभाग के पास है। जांच के बाद डिप्टी डायरेक्टर यहां से चले गए। ओमप्रकाश ने बताया कि तत्कालीन प्रभारी संतोष कुमार कुरील की एक जांच चल रही है। इसी की जांच के लिए वह आए थे। जांच के बाद चले गए। हालांकि उन्होंने बताया कि जो गाड़ी मिली थी वह उनके पास नहीं है।
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फतेहगढ़ के विधि विज्ञान प्रयोगशाला को लखनऊ से 34 लाख रुपये कीमत की कार को कुछ समय पहले दिया गया था। इस कार में 6 लाख रुपये की किट लगी थी। उसमें विधि विज्ञान से संबंधित उपकरण रखे जाते हैं। जिससे विभागीय लोगों को घटनास्थल पर जाकर किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। कुछ समय पहले यह कार पुलिस विभाग के पास पहुंच गई। इसकी किट को विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लोगों को दे दी गई। कार के चले जाने से विभागीय लोगों को काम करने में दिक्कत होने लगी। इसकी शिकायत शासन से की गई। इसी की जांच के लिए सोमवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर सुरेश चंद्रा पुलिस लाइन पहुंचे। यहां पर फोरेंसिक टीम प्रभारी ओमप्रकाश से वार्ता की। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर ने शासन से दी जाने वाली गाड़ी के बारे में पूछताछ की गई।
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यहां पर बताया गया कि वह गाड़ी पुलिस विभाग के पास है। जांच के बाद डिप्टी डायरेक्टर यहां से चले गए। ओमप्रकाश ने बताया कि तत्कालीन प्रभारी संतोष कुमार कुरील की एक जांच चल रही है। इसी की जांच के लिए वह आए थे। जांच के बाद चले गए। हालांकि उन्होंने बताया कि जो गाड़ी मिली थी वह उनके पास नहीं है।
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