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अब जिला अस्पताल में ही बनेंगे गोल्डन कार्ड
Updated Sat, 27 Oct 2018 10:53 PM IST
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फर्रुखाबाद। आयुष्मान योजना में शासन स्तर से लगातार सुधार किए जा रहे हैं। नये नियम के तहत अब आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड जनरेट करने की जिम्मेदारी जिला अस्पताल को सौंपी गई है।
जानकारी के मुताबिक जिले में 23 सितंबर से आयुष्मान योजना लांच हुई थी। जिसमें गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी लोकवाणी केंद्रों को सौंपी गई थी। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही व तकनीकी खामियों के चलते एक माह गुजरने के बाद भी अभी तक केवल 240 कार्ड ही जनरेट हो पाए हैं। अभी तक मात्र 14 मरीजों को ही इलाज का लाभ मिल सका है। इधर शासन के नये नियमों के तहत अब गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी जिला अस्पताल को दे दी गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि 1.28 लाख गोल्डन कार्ड जनरेट कराना आसान काम नहीं है। तीन ही कंप्यूटर ऑपरेटर हैं।
सीएमओ अरुण कुमार ने बताया कि शासन स्तर से निर्देश दिए गए हैं कि गोल्डन कार्ड अब जिला अस्पताल में ही जनरेट होंगे। इसी के चलते ऑपरेटरों को कार्ड जनरेट करने के निर्देश दिए हैं।
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जानकारी के मुताबिक जिले में 23 सितंबर से आयुष्मान योजना लांच हुई थी। जिसमें गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी लोकवाणी केंद्रों को सौंपी गई थी। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही व तकनीकी खामियों के चलते एक माह गुजरने के बाद भी अभी तक केवल 240 कार्ड ही जनरेट हो पाए हैं। अभी तक मात्र 14 मरीजों को ही इलाज का लाभ मिल सका है। इधर शासन के नये नियमों के तहत अब गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी जिला अस्पताल को दे दी गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि 1.28 लाख गोल्डन कार्ड जनरेट कराना आसान काम नहीं है। तीन ही कंप्यूटर ऑपरेटर हैं।
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सीएमओ अरुण कुमार ने बताया कि शासन स्तर से निर्देश दिए गए हैं कि गोल्डन कार्ड अब जिला अस्पताल में ही जनरेट होंगे। इसी के चलते ऑपरेटरों को कार्ड जनरेट करने के निर्देश दिए हैं।
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