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लोहिया अस्पताल के सेपरेट फीडर निर्माण में घोटाले की जांच शुरू
Updated Wed, 24 Oct 2018 11:34 PM IST
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फर्रुखाबाद। डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल में 24 घंटे बिजली दिए जाने के लिए सपा सरकार में अलग फीडर का निर्माण हुआ था। इसमें करीब 23 लाख रुपये का गोलमाल सामने आया। इसकी जांच एमडी के आदेश पर मुख्य अभियंता कानपुर ने शुरू कर दी है। उन्होंने लोहिया अस्पताल पहुंच कर अलग फीडर की बनाई गई विद्युत लाइन का सर्वे किया। जांच में निगम के कुछ अधिकारियों का फंसना तय है।
लोहिया अस्पताल के लिए बेवर रोड भोलेपुर स्थित ट्रांसमिशन से 33 केवी लाइन अलग से बनकर आई है। अलग फीडर की लाइन बनने का एस्टीमेट करीब 3.50 किलोमीटर का पास हुआ था। मौके पर लाइन पौने दो किलोमीटर की बनाई गई। इसमें पूरा धन खर्च होना दिखा दिया गया और भुगतान भी निगम के अफसरों ने कर दिया। इसकी शिकायत शासन को भेजी गई थी। एक्सईएन शहरी ने जांच की तो 23 लाख की अधिक सामग्री का गोलमाल होने का मामला सामने आया। यह सामग्री स्टोर में जमा करने के कार्यदायी संस्था को आदेश दिए गए। विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच टीम का गठन किया।
मुख्य अभियंता कानपुर एके श्रीवास्तव और एमडी कार्यालय के एक्सईएन मनोज जैन ने बुधवार को लोहिया अस्पताल आकर जांच की। उन्होंने एक्सईएन शहरी पंकज अग्रवाल के साथ लोहिया अस्पताल के लिए अलग फीडर की बनवाई गई लाइन, अलग फीडर में लगाए गए उपकरणों की जांच की। मुख्य अभियंता ने बताया कि जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर एमडी को भेजी जाएगी। जांच में जो दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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लोहिया अस्पताल के लिए बेवर रोड भोलेपुर स्थित ट्रांसमिशन से 33 केवी लाइन अलग से बनकर आई है। अलग फीडर की लाइन बनने का एस्टीमेट करीब 3.50 किलोमीटर का पास हुआ था। मौके पर लाइन पौने दो किलोमीटर की बनाई गई। इसमें पूरा धन खर्च होना दिखा दिया गया और भुगतान भी निगम के अफसरों ने कर दिया। इसकी शिकायत शासन को भेजी गई थी। एक्सईएन शहरी ने जांच की तो 23 लाख की अधिक सामग्री का गोलमाल होने का मामला सामने आया। यह सामग्री स्टोर में जमा करने के कार्यदायी संस्था को आदेश दिए गए। विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच टीम का गठन किया।
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मुख्य अभियंता कानपुर एके श्रीवास्तव और एमडी कार्यालय के एक्सईएन मनोज जैन ने बुधवार को लोहिया अस्पताल आकर जांच की। उन्होंने एक्सईएन शहरी पंकज अग्रवाल के साथ लोहिया अस्पताल के लिए अलग फीडर की बनवाई गई लाइन, अलग फीडर में लगाए गए उपकरणों की जांच की। मुख्य अभियंता ने बताया कि जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर एमडी को भेजी जाएगी। जांच में जो दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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