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बापू के चरखे की गति पड़ रही धीमी
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। महात्मा गांधी के चरखे की गति मंद होती जा रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम मदारवाड़ी से फर्रुखाबाद व कन्नौज में संचालित 21 शाखाओं में मात्र नौ ही काम कर रही हैं। इन शाखाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को करीब पांच माह से वेतन भी नहीं मिला है।
वर्ष 1960 में शहर के मोहल्ला मदारवाड़ी में क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम कार्यालय खोला गया था। इस क्षेत्रीय कार्यालय से ही जिले भर में खोली गई 21 शाखाओं का संचालन होता था। इनमें करीब 95 कर्मचारी कार्यरत थे। सरकारों के ध्यान न देने और खादी की उपेक्षा से गांधी आश्रम धीरे-धीरे कम होने लगे। क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम के सचिव बजरंगबहादुर और कार्यालय प्रबंधक शिवकुमार मिश्र का कहना है कि मौजूदा समय में कन्नौज और फर्रुखाबाद की शाखाओं में 95 में से महज 22 कर्मचारी ही गांधी आश्रम की शाखाओं में कार्यरत हैं।
2014 से अब तक कन्नौज में सात और फर्रुखाबाद जिले में कंपिल, शमसाबाद, मंझना, नवाबगंज और राजेपुर की शाखाएं बंद हो चुकी हैं। अब कन्नौज में तीन और फर्रुखाबाद में सिर्फ छह शाखाएं ही बची हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2018 से कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिला है। इसके साथ ही कर्मचारियों के फंड के भुगतान का मामला भी लंबित चल रहा है। गांधी आश्रम की दुकानों पर माल का अभाव है। उन्होंने टीस व्यक्त करते हुए कहा कि गांधी आश्रम आजादी से जुड़ी संस्था है लेकिन सरकारों के पास इसे व्यवस्थित करने के लिए पैसा नहीं है। उन्होंने बताया कि किसी कर्मचारी का तीस तो किसी का बीस साल का फंड बकाया है।
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फर्रुखाबाद। महात्मा गांधी के चरखे की गति मंद होती जा रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम मदारवाड़ी से फर्रुखाबाद व कन्नौज में संचालित 21 शाखाओं में मात्र नौ ही काम कर रही हैं। इन शाखाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को करीब पांच माह से वेतन भी नहीं मिला है।
वर्ष 1960 में शहर के मोहल्ला मदारवाड़ी में क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम कार्यालय खोला गया था। इस क्षेत्रीय कार्यालय से ही जिले भर में खोली गई 21 शाखाओं का संचालन होता था। इनमें करीब 95 कर्मचारी कार्यरत थे। सरकारों के ध्यान न देने और खादी की उपेक्षा से गांधी आश्रम धीरे-धीरे कम होने लगे। क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम के सचिव बजरंगबहादुर और कार्यालय प्रबंधक शिवकुमार मिश्र का कहना है कि मौजूदा समय में कन्नौज और फर्रुखाबाद की शाखाओं में 95 में से महज 22 कर्मचारी ही गांधी आश्रम की शाखाओं में कार्यरत हैं।
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2014 से अब तक कन्नौज में सात और फर्रुखाबाद जिले में कंपिल, शमसाबाद, मंझना, नवाबगंज और राजेपुर की शाखाएं बंद हो चुकी हैं। अब कन्नौज में तीन और फर्रुखाबाद में सिर्फ छह शाखाएं ही बची हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2018 से कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिला है। इसके साथ ही कर्मचारियों के फंड के भुगतान का मामला भी लंबित चल रहा है। गांधी आश्रम की दुकानों पर माल का अभाव है। उन्होंने टीस व्यक्त करते हुए कहा कि गांधी आश्रम आजादी से जुड़ी संस्था है लेकिन सरकारों के पास इसे व्यवस्थित करने के लिए पैसा नहीं है। उन्होंने बताया कि किसी कर्मचारी का तीस तो किसी का बीस साल का फंड बकाया है।
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