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बाढ़ प्रभावितों की मदद में लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को बाढ़ बचाव एवं राहत पहुंचाने की तैयारियों की समीक्षा हुई। बैठक में जिलाधिकारी मोनिका रानी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों के जो लोग गांव छोड़कर नहीं आना चाहते, उनकी व्यवस्थाएं उसी गांव में किसी ऊंचे स्थान पर करवाएं। वहां पर टेंट, गद्दे डलवाकर, खाना, मोबाइल शौचालय, चिकित्सा सुविधा आदि सभी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि बाढ़ से प्रभावित गांवों में तत्काल खाद्य सामग्री व केरोसिन वितरण सुनिश्चित करवाएं। सभी पूर्ति निरीक्षक क्षेत्रों में भ्रमण कर खाद्य सामग्री वितरण की जानकारी करें। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को बाढ़ प्रभावित गांवों के क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिये। सभी तहसीलों में पांच कानूनगो की टीम बना कर बाढ़ प्रभावित गांवों की क्रास चेकिंग करवाएं। बिजली विभाग से कहाकि बाढ़ प्रभावित गांवों में पर्याप्त विद्युत व्यवस्था कराने व जर्जर व खुले में रखे ट्रांसफार्मर से करंट जैसी समस्याओं का तत्काल निदान करें। यदि इससे कोई अप्रिय घटना होती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जहां कटान अधिक हो रहा है वहां तत्काल तिरपाल डलवाया जाए।
जिला पंचायत राज अधिकारी को बाढ़ प्रभावित ग्रामों में पंपिंग सेट लगवाने निर्देश दिये। एडीएम को बाढ़ प्रभावित ग्रामों की सूची बनाकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पशुपालन, चिकित्सा विभाग, खाद्य विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए तात्कालिक व्यवस्था कराने के आदेश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि समय में चिकित्सा सुविधा न मिल पाने से कोई दुर्घटना हुई तो तत्काल कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि खुले गड्ढे में गिर जाने से दुर्घटना होने पर संबंधित अधिकारी पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई होगी। मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकार ,अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी व तहसीलदार आदि रहे।
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फर्रुखाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को बाढ़ बचाव एवं राहत पहुंचाने की तैयारियों की समीक्षा हुई। बैठक में जिलाधिकारी मोनिका रानी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों के जो लोग गांव छोड़कर नहीं आना चाहते, उनकी व्यवस्थाएं उसी गांव में किसी ऊंचे स्थान पर करवाएं। वहां पर टेंट, गद्दे डलवाकर, खाना, मोबाइल शौचालय, चिकित्सा सुविधा आदि सभी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि बाढ़ से प्रभावित गांवों में तत्काल खाद्य सामग्री व केरोसिन वितरण सुनिश्चित करवाएं। सभी पूर्ति निरीक्षक क्षेत्रों में भ्रमण कर खाद्य सामग्री वितरण की जानकारी करें। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को बाढ़ प्रभावित गांवों के क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिये। सभी तहसीलों में पांच कानूनगो की टीम बना कर बाढ़ प्रभावित गांवों की क्रास चेकिंग करवाएं। बिजली विभाग से कहाकि बाढ़ प्रभावित गांवों में पर्याप्त विद्युत व्यवस्था कराने व जर्जर व खुले में रखे ट्रांसफार्मर से करंट जैसी समस्याओं का तत्काल निदान करें। यदि इससे कोई अप्रिय घटना होती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जहां कटान अधिक हो रहा है वहां तत्काल तिरपाल डलवाया जाए।
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जिला पंचायत राज अधिकारी को बाढ़ प्रभावित ग्रामों में पंपिंग सेट लगवाने निर्देश दिये। एडीएम को बाढ़ प्रभावित ग्रामों की सूची बनाकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पशुपालन, चिकित्सा विभाग, खाद्य विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए तात्कालिक व्यवस्था कराने के आदेश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि समय में चिकित्सा सुविधा न मिल पाने से कोई दुर्घटना हुई तो तत्काल कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि खुले गड्ढे में गिर जाने से दुर्घटना होने पर संबंधित अधिकारी पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई होगी। मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकार ,अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी व तहसीलदार आदि रहे।
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