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शहर में बनेगा दिव्यांग पुनर्वास केंद्र
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। शहर में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का निर्माण होगा। इसे बनने के बाद दिव्यांगों को किसी काम के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। इसके संचालन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दस सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। मुख्य विकास अधिकारी व समाज कल्याण अधिकारी ने गुरुवार को लोहिया अस्पताल में भवन के लिए निरीक्षण किया।
अक्सर देखा जाता है कि दिव्यांगों को प्रमाण पत्र, पेंशन के लिए आवेदन करने के साथ ही शारीरिक दिक्कतों का इलाज कराने एवं उपकरण प्राप्त करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है। इसी के चलते शहर में जिले के नि:शक्त व्यक्तियों के लिए एक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का संचालन जल्दी ही शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से 15 लाख रुपये बजट जारी किया गया है। इसमें आठ लाख रुपये के दिव्यांगों को दिए जाने वाले उपकरण व सात लाख रुपये काम करने वाले कर्मियों को मानदेय व अन्य खर्चों के लिए दिए गए हैं।
इसका संचालन शुरू कराने के लिए जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में दस सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जिलाधिकारी के अलावा, सीडीओ, सीएमओ, एसपी, समाज कल्याण अधिकारी, डीपीओ आदि को शामिल किया गया है। इसी के चलते गुरुवार को सीडीओ अपूर्वा दुबे व समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार बघेल ने लोहिया अस्पताल पहुंच कर निरीक्षण किया। सीएमओ अरुण कुमार ने बताया कि केंद्र के संचालन के लिए लोहिया अस्पताल का 11 नंबर व 12 नंबर कमरा दिखाया गया। कमेटी के निर्णय के बाद ही केंद्र के संचालन की जगह निश्चित की जाएगी।
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फर्रुखाबाद। शहर में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का निर्माण होगा। इसे बनने के बाद दिव्यांगों को किसी काम के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। इसके संचालन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दस सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। मुख्य विकास अधिकारी व समाज कल्याण अधिकारी ने गुरुवार को लोहिया अस्पताल में भवन के लिए निरीक्षण किया।
अक्सर देखा जाता है कि दिव्यांगों को प्रमाण पत्र, पेंशन के लिए आवेदन करने के साथ ही शारीरिक दिक्कतों का इलाज कराने एवं उपकरण प्राप्त करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है। इसी के चलते शहर में जिले के नि:शक्त व्यक्तियों के लिए एक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का संचालन जल्दी ही शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से 15 लाख रुपये बजट जारी किया गया है। इसमें आठ लाख रुपये के दिव्यांगों को दिए जाने वाले उपकरण व सात लाख रुपये काम करने वाले कर्मियों को मानदेय व अन्य खर्चों के लिए दिए गए हैं।
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इसका संचालन शुरू कराने के लिए जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में दस सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जिलाधिकारी के अलावा, सीडीओ, सीएमओ, एसपी, समाज कल्याण अधिकारी, डीपीओ आदि को शामिल किया गया है। इसी के चलते गुरुवार को सीडीओ अपूर्वा दुबे व समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार बघेल ने लोहिया अस्पताल पहुंच कर निरीक्षण किया। सीएमओ अरुण कुमार ने बताया कि केंद्र के संचालन के लिए लोहिया अस्पताल का 11 नंबर व 12 नंबर कमरा दिखाया गया। कमेटी के निर्णय के बाद ही केंद्र के संचालन की जगह निश्चित की जाएगी।
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