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लक्ष्य से ज्यादा गेंहू खरीद, फिर भी किसान वापस
Updated Sat, 16 Jun 2018 11:04 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। दो मई से 15 जून तक क्रय केंद्रों में गेहूं खरीदा गया। डेढ़ महीने में क्रय केंद्रों पर लक्ष्य से ज्यादा गेहूं खरीदा गया है। इसके बावजूद किसान गेहूं न बिक पाने से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र पर दलालों से गेहूं खरीदा गया है।
गेहूं खरीद के लिए जिले सातों ब्लॉक में करीब 30 क्रय केंद्र बनाए गए थे। इन्हें 29200 मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष 36361 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। इसके बावजूद किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि अब खरीद बंद हो चुकी है। पहले भी हम लोगों का गेहूं नहीं खरीदा गया। दलालों से गेहूं ज्यादा खरीदा गया है।
इस मामले में अमर उजाला में खबर छपने के बाद आठ केंद्र प्रभारियों पर निलंबन की कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद क्रय केंद्रों के हालात नहीं बदले।
बंद रहा मोहम्मदाबाद केंद्र
मोहम्मदाबाद गेहूं क्रय केंद्र 24 मई से 11 जून तक बंद रहा। यहां पर तैनात अधिकारी को विभागीय कार्रवाई के चलते निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद नए केंद्र प्रभारी की नियुक्ति और चार्ज लेने में समय लग गया।
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कमालगंज और कंपिल में लगते रहे आरोप
कमालगंज और कंपिल के गेहूं क्रय केंद्रों पर लगातार बंद रहने या गेहूं न खरीदे जाने के आरोप लगते रहे। बताया जा रहा है कि कंपिल केंद्र पर देर रात दलालों के गेहूं की तुलाई होती रहती थी। जबकि दिन में बारदाना नहीं होने की बात कह कर किसानों को टहला दिया जाता था।
जिले में 30 लाख क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ है। हमारा लक्ष्य 29200 मीट्रिक टन का था। हमने इससे ज्यादा गेहूं खरीद लिया है। उत्पादन के सापेक्ष लक्ष्य काफी कम है। ऐसे में सभी किसानों का गेहूं खरीदना मुश्किल काम है। जब उनसे दलालों की बात कही गई तो उन्होंने बात ही नहीं की। - संजीव कुमार, खाद्य विपणन अधिकारी
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फर्रुखाबाद। दो मई से 15 जून तक क्रय केंद्रों में गेहूं खरीदा गया। डेढ़ महीने में क्रय केंद्रों पर लक्ष्य से ज्यादा गेहूं खरीदा गया है। इसके बावजूद किसान गेहूं न बिक पाने से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र पर दलालों से गेहूं खरीदा गया है।
गेहूं खरीद के लिए जिले सातों ब्लॉक में करीब 30 क्रय केंद्र बनाए गए थे। इन्हें 29200 मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष 36361 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। इसके बावजूद किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि अब खरीद बंद हो चुकी है। पहले भी हम लोगों का गेहूं नहीं खरीदा गया। दलालों से गेहूं ज्यादा खरीदा गया है।
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इस मामले में अमर उजाला में खबर छपने के बाद आठ केंद्र प्रभारियों पर निलंबन की कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद क्रय केंद्रों के हालात नहीं बदले।
बंद रहा मोहम्मदाबाद केंद्र
मोहम्मदाबाद गेहूं क्रय केंद्र 24 मई से 11 जून तक बंद रहा। यहां पर तैनात अधिकारी को विभागीय कार्रवाई के चलते निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद नए केंद्र प्रभारी की नियुक्ति और चार्ज लेने में समय लग गया।
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कमालगंज और कंपिल में लगते रहे आरोप
कमालगंज और कंपिल के गेहूं क्रय केंद्रों पर लगातार बंद रहने या गेहूं न खरीदे जाने के आरोप लगते रहे। बताया जा रहा है कि कंपिल केंद्र पर देर रात दलालों के गेहूं की तुलाई होती रहती थी। जबकि दिन में बारदाना नहीं होने की बात कह कर किसानों को टहला दिया जाता था।
जिले में 30 लाख क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ है। हमारा लक्ष्य 29200 मीट्रिक टन का था। हमने इससे ज्यादा गेहूं खरीद लिया है। उत्पादन के सापेक्ष लक्ष्य काफी कम है। ऐसे में सभी किसानों का गेहूं खरीदना मुश्किल काम है। जब उनसे दलालों की बात कही गई तो उन्होंने बात ही नहीं की। - संजीव कुमार, खाद्य विपणन अधिकारी