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अलेपुरपीत में बुखार से एक और जान गई
Updated Tue, 03 Oct 2017 12:07 AM IST
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शमसाबाद (ब्यूरो)। अलेपुरपीत धौलेश्वर में संक्रामक रोग तेजी से फैल रहा है। शमसाबाद ब्लाक के अलेपुरपीत में फैले संक्रामक रोग से मौतों का सिलसिला भी जारी है। सोमवार की सुबह एक और किसान की बुखार से मौत हो गई। इस तरह अभी तक मरने वालों की संख्या आठ पहुंच गई है।
अलेपुरपीत धौलेश्वर में संक्रामक रोग के कारण ग्रामीण दहशत में है। गांव के रहने वाले बालकराम (58) पुत्र मूलचंद्र को शनिवार को बुखार आया था। मूलचंद्र ने कस्बा स्थित एक क्लीनिक से दवा ली। रविवार को मूलचंद्र के पेट में भी दर्द होने लगा। इस पर परिजनों ने उसे डाक्टर के यहां दिखाया।
मगर कोई लाभ नहीं हुआ। सोमवार सुबह मूलचंद्र की मौत हो गई। पति की मौत से विमला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के तीन पुत्र व दो पुत्रियां हैं। गांव के नन्हेलाल राजपूत, प्रधान के पति जयवीर राजपूत, पप्पू, दिनेशचंद्र और राजेश कुमार का कहना है कि गांव में गंदगी का अंबार है।
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एसडीएम कायमगंज दो दिन पहले आकर कह गए थे कि सफाई कराई जाएगी। लेकिन अभी तक गांव में सफाई नहीं हुई है। तीन दिन से चिकित्सीय टीम भी नहीं आ रही है। गांव में फैले संक्रामक रोग से ग्रामीण बुखार, पेट दर्द से जूझ रहे है। एक पखवारे में गांव में मूलचंद्र समेत आठ लोगों की मौत हो चुकी है।
अलेपुरपीत में एक पखवारे से संक्रामक बीमारी फैली है। बीमारी से अब तक आठ लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले ओमवती (52) पत्नी गिरंद, नीतू (22) पत्नी उमेश, इनका पुत्र (दो दिन का), रामवती (40) पत्नी रामआसरे , दीवान सिंह (59), विशुनपाल (55), बंशीलाल (60) की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। इससे ग्रामीण डरे हुए हैं।
-पखवारे में संक्रामक बीमारी से मरने वालों की संख्या हुई आठ
-तीन दिन से गांव नहीं पहुंची डाक्टरों की टीम, लोग बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो
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अलेपुरपीत धौलेश्वर में संक्रामक रोग के कारण ग्रामीण दहशत में है। गांव के रहने वाले बालकराम (58) पुत्र मूलचंद्र को शनिवार को बुखार आया था। मूलचंद्र ने कस्बा स्थित एक क्लीनिक से दवा ली। रविवार को मूलचंद्र के पेट में भी दर्द होने लगा। इस पर परिजनों ने उसे डाक्टर के यहां दिखाया।
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मगर कोई लाभ नहीं हुआ। सोमवार सुबह मूलचंद्र की मौत हो गई। पति की मौत से विमला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के तीन पुत्र व दो पुत्रियां हैं। गांव के नन्हेलाल राजपूत, प्रधान के पति जयवीर राजपूत, पप्पू, दिनेशचंद्र और राजेश कुमार का कहना है कि गांव में गंदगी का अंबार है।
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एसडीएम कायमगंज दो दिन पहले आकर कह गए थे कि सफाई कराई जाएगी। लेकिन अभी तक गांव में सफाई नहीं हुई है। तीन दिन से चिकित्सीय टीम भी नहीं आ रही है। गांव में फैले संक्रामक रोग से ग्रामीण बुखार, पेट दर्द से जूझ रहे है। एक पखवारे में गांव में मूलचंद्र समेत आठ लोगों की मौत हो चुकी है।
अलेपुरपीत में एक पखवारे से संक्रामक बीमारी फैली है। बीमारी से अब तक आठ लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले ओमवती (52) पत्नी गिरंद, नीतू (22) पत्नी उमेश, इनका पुत्र (दो दिन का), रामवती (40) पत्नी रामआसरे , दीवान सिंह (59), विशुनपाल (55), बंशीलाल (60) की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। इससे ग्रामीण डरे हुए हैं।
-पखवारे में संक्रामक बीमारी से मरने वालों की संख्या हुई आठ
-तीन दिन से गांव नहीं पहुंची डाक्टरों की टीम, लोग बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो