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दिसंबर तक शहर को खुले में शौैचमुक्त कराना मुश्किल

Fri, 29 Sep 2017 11:23 PM IST
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:23 PM IST
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दिसंबर तक शहर को खुले में शौैचमुक्त कराना मुश्किल
फर्रुखाबाद। स्वच्छ भारत मिशन के तहत दिसंबर तक शहर को खुले में शौच मुक्त करना मुश्किल दिखा रहा है। नगर पालिका ने शहर में खुले में शौच जाने वाले सात हजार से अधिक परिवार चिह्नित किए हैं। इन परिवारों के यहां दिसंबर तक शौचालय बनने हैं, ढाई हजार से अधिक परिवारों को पहली किस्त भी जारी हो चुकी है, लेकिन 15 सितंबर तक केवल 300 शौचालय ही बन पाए हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगरीय क्षेत्र में शौचालय विहीन परिवारों के यहां शौचालय बनाए जाने हैं। इसके लिए नगर पालिका ने आवेदन मांगे थे। 12000 आवेदकों में सर्वे के बाद नपा ने 7064 परिवारों का शौचालय के लिए चयन किया था।
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इन परिवारों के यहां 31 दिसंबर तक शौचालय बनाने का लक्ष्य है। पालिका की ओर से 2861 लाभार्थियों को पहले किस्त जारी हो चुकी है लेकिन अभी तक केवल 300 शौचालय ही बन पाए हैं। अभी तक शौचालय के लिए लाभार्थियों को आठ हजार रुपये देने का प्राविधान था। ये पैसा दो किस्तों में मिलना होता है। पालिका 2861 लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त यानी 4000 रुपये भेज चुकी है।
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पिछले साल दिसंबर में पहले 436 लाभार्थियों के खाते में 17.44 लाख फिर 200 लाभार्थियों के खाते में आठ लाख रुपये भेजे गए। 21 अप्रैल को 200 लाभार्थियों के खाते में आठ लाख, मई 2017 को पांच बार में 400 लाभार्थियों के खातों में 16 लाख रुपये भेजे गए।

जून में 600 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में 24 लाख रुपया जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक केवल 300 शौचालय ही बन पाए हैं। ऐसा तब है जब इसी साल दिसंबर तक पालिका प्रशासन को शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूर्ण करना है। कुछ महीने पहले शासन से जवाब तलब होने पर अधिकारियाें ने शौचालय न बनवाने पर करीब 60 लाभार्थियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।

उसके बाद फिर अधिकारी शांत हैं। ये जानने की कोशिश नहीं की कि शौचालय क्यों नहीं बन पा रहे हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका शौचालय बन चुका है लेकिन दूसरी किस्त नहीं मिली है। नक्कारचियान के रहने वाले सरताज ने बताया शौचालय बने काफी समय हो गया है लेकिन दूसरी किस्त मिलनी बाकी है।

इस संबंध में नगर पालिका के मुख्य सफाई निरीक्षक केपी सिंह का कहना है जिन लाभार्थियों से अभी तक निर्माण कार्य शुरू ही नहीं कराया है, उनको चिह्नित किया जा रहा है।

अब मिलेंगे 20 हजार रुपये
शासन ने शहरी स्वच्छता मिशन के तहत बनने वाले शौचालयों का पैसा बढ़ा दिया है। अब लाभार्थी को बीस हजार रुपये दिए जाएंगे। इसमें वह लाभार्थी भी शामिल हैं, जिनका पहले चयन किया जा चुका है। ईओ नगर पालिका रोली गुप्ता ने बताया नया शासनादेश आ गया है। जिन लाभार्थियों को पहली किस्त के चार हजार रुपये मिले चुके हैं, उन्हें 16 हजार रुपये और दिए जाएंगे। टीम लगाकर शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।

शौचालय निर्माण को तीन किश्त में मिलेगा पैसा
नए शासनादेश के तहत लाभार्थी का चयन होने के बाद उसके खाते में राज्य मिशन निदेशालय स्तर से 4000 की पहली किश्त भेज दी जाएगी। सेप्टिक टैंक का बेस तैयार होने के बाद लाभार्थी के खाते में नगर निकाय 12000 रुपये की धनराशि भेजेगा। सेप्टिक टैंक पूर्ण होने, कमोड के बैठाने, सुपर स्ट्रक्चर बनाने के उपरांत छत पड़ने से पहले राज्य मिशन निदेशालय 4000 रुपये की तीसरी किश्त लाभार्थी के खाते में डालेगा।



इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत शौचालय निर्माण के नए शासनादेश के तहत उन लाभार्थियों को 20000 रुपये नहीं मिलेंगे, जिनके शौचालय पूर्ण हो चुके हैं या निर्माणाधीन हैं। ऐसे लाभार्थियों को भी लाभ नहीं मिलेगा, जिसके घर के पास से सीवर लाइन 30 मीटर के अंदर है।

-स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने हैं 7064 परिवारों के शौचालय
-नगर पालिका जारी कर चुकी है 2861 लाभार्थियों को पहली किस्त
-अभी तक केवल 300 परिवारों के ही शौचालय बन पाए हैं
अमर उजाला ब्यूरो
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