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शौचालय बने नहीं और गांव हो गया ओडीएफ
Updated Mon, 18 Sep 2017 11:55 PM IST
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राजेपुर (ब्यूरो)। जिले के अधिकारी स्वच्छता अभियान के नाम पर खानापूरी कर रहे हैं। राजेपुर ब्लॉक के डबरी गांव को शत प्रतिशत शौचालय बनवाए बगैर ही ओडीएफ घोषित कर गौरव यात्रा निकाल दी गई।
इस यात्रा में खुद भाजपा विधायक ने स्वच्छता की बड़ी-बड़ी बातें भी की थी, लेकिन ये जानने की कोशिश नहीं किया कि शौचालय बनाए गए हैं या नहीं। गांव में आधे घरों में भी शौचालय नहीं बन पाए हैं।
राजेपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत डबरी में करीब 259 परिवार रहते हैं। इनकी आबादी करीब 1652 है। इस गांव को ओडीएफ के लिए चुना गया था। इसके लिए पंचायती राज विभाग से गांव को 150 शौचालय दिए थे। अभी तक गांव में लगभग आधे ही शौचालय बने हैं और विभाग ने गांव को ओडीएफ घोषित करा दिया। गांव को ओडीएफ घोषित करने के दौरान गौरव यात्रा भी निकाली गई।
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भाजपा विधायक सुशील शाक्य ने ग्रामीणों की बातें सुने बिना स्वच्छता के लिए बड़ी-बड़ी बातें की थी। उन्होंने कहा कि गांव का हर व्यक्ति शौचालय का ही प्रयोग करेगा। किंतु हकीकत ये है कि गांव में अभी तक सभी घरों में शौचालय बने ही नहीं हैं।
गांव के वीरपाल और राजेंद्र ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए पहली किस्त के 6000 रुपये ही मिले हैं। इससे शौचालय नहीं बन पाया है। संतोष कुमार ने बताया कि मां कमला देवी के नाम शौचालय मिला था, लेकिन अभी तक एक भी रुपया नहीं मिला है। गांव के राकेश कुमार, विश्राम सिंह, जगन्नाथ, मुनेश्वर, दयाराम, वृंदावन, नवाब, दृगपाल, राजेंद्र कुमार, गिरंद, दिवारीलाल, नरेश कुमार, छबिनाथ, रामनरायन, वीरपाल, जगतराम और चंपा देवी सहित करीब पचास परिवारों के शौचालय अभी भी अधूरे हैं।
एडीओ पंचायत अजीत पाठक भी इसे मानते हैं। उन्होंने बताया कि करीब 96 लाभार्थियों के खातों में शौचालय का पैसा भेजा जा चुका है। शेष लाभार्थियों को को तकनीकि कमी के चलते दूसरी किस्त नहीं भेजी जा सकी है। जल्द दूसरी किस्त भेजी जाएगी। दूसरी ओर बीडीओ आशीष कुमार का दावा है कि गांव में 150 शौचालय बनवा दिए गए हैं।
अभी भी कुछ शौचालय की जरूरत
डबरी गांव को डायरेक्टर पंचायती राज की ओर से ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। गांव में गौरव यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने शौचालय न बने होने की शिकायत की थी। गांव में अभी कुछ और शौचालय की जरूरत है। इस संबंध में डीपीआरओ को पत्र लिख चुके हैं और डायरेक्टर पंचायती राज विभाग को पत्र लिखेंगे। - सुशील शाक्य, भाजपा विधायक अमृतपुर
डबरी गांव को अभी ओडीएफ नहीं किया गया है। शौचालय निर्माण और उनके उपयोग के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए गौरव यात्रा निकाली गई थी। दो अक्तूबर जिलास्तरीय पर गांव को ओडीएफ की घोषणा किया जा सकता है। - अमित त्यागी, डीपीआरओ
-भाजपा विधायक की मौजूदगी में निकाली गई थी गौरव यात्रा
-गांव को 170 शौचालय दिए गए थे, अभी तक 70 ही बन पाए
अमर उजाला ब्यूरो
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इस यात्रा में खुद भाजपा विधायक ने स्वच्छता की बड़ी-बड़ी बातें भी की थी, लेकिन ये जानने की कोशिश नहीं किया कि शौचालय बनाए गए हैं या नहीं। गांव में आधे घरों में भी शौचालय नहीं बन पाए हैं।
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राजेपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत डबरी में करीब 259 परिवार रहते हैं। इनकी आबादी करीब 1652 है। इस गांव को ओडीएफ के लिए चुना गया था। इसके लिए पंचायती राज विभाग से गांव को 150 शौचालय दिए थे। अभी तक गांव में लगभग आधे ही शौचालय बने हैं और विभाग ने गांव को ओडीएफ घोषित करा दिया। गांव को ओडीएफ घोषित करने के दौरान गौरव यात्रा भी निकाली गई।
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भाजपा विधायक सुशील शाक्य ने ग्रामीणों की बातें सुने बिना स्वच्छता के लिए बड़ी-बड़ी बातें की थी। उन्होंने कहा कि गांव का हर व्यक्ति शौचालय का ही प्रयोग करेगा। किंतु हकीकत ये है कि गांव में अभी तक सभी घरों में शौचालय बने ही नहीं हैं।
गांव के वीरपाल और राजेंद्र ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए पहली किस्त के 6000 रुपये ही मिले हैं। इससे शौचालय नहीं बन पाया है। संतोष कुमार ने बताया कि मां कमला देवी के नाम शौचालय मिला था, लेकिन अभी तक एक भी रुपया नहीं मिला है। गांव के राकेश कुमार, विश्राम सिंह, जगन्नाथ, मुनेश्वर, दयाराम, वृंदावन, नवाब, दृगपाल, राजेंद्र कुमार, गिरंद, दिवारीलाल, नरेश कुमार, छबिनाथ, रामनरायन, वीरपाल, जगतराम और चंपा देवी सहित करीब पचास परिवारों के शौचालय अभी भी अधूरे हैं।
एडीओ पंचायत अजीत पाठक भी इसे मानते हैं। उन्होंने बताया कि करीब 96 लाभार्थियों के खातों में शौचालय का पैसा भेजा जा चुका है। शेष लाभार्थियों को को तकनीकि कमी के चलते दूसरी किस्त नहीं भेजी जा सकी है। जल्द दूसरी किस्त भेजी जाएगी। दूसरी ओर बीडीओ आशीष कुमार का दावा है कि गांव में 150 शौचालय बनवा दिए गए हैं।
अभी भी कुछ शौचालय की जरूरत
डबरी गांव को डायरेक्टर पंचायती राज की ओर से ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। गांव में गौरव यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने शौचालय न बने होने की शिकायत की थी। गांव में अभी कुछ और शौचालय की जरूरत है। इस संबंध में डीपीआरओ को पत्र लिख चुके हैं और डायरेक्टर पंचायती राज विभाग को पत्र लिखेंगे। - सुशील शाक्य, भाजपा विधायक अमृतपुर
डबरी गांव को अभी ओडीएफ नहीं किया गया है। शौचालय निर्माण और उनके उपयोग के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए गौरव यात्रा निकाली गई थी। दो अक्तूबर जिलास्तरीय पर गांव को ओडीएफ की घोषणा किया जा सकता है। - अमित त्यागी, डीपीआरओ
-भाजपा विधायक की मौजूदगी में निकाली गई थी गौरव यात्रा
-गांव को 170 शौचालय दिए गए थे, अभी तक 70 ही बन पाए
अमर उजाला ब्यूरो