{"_id":"59b6dac44f1c1bb0488b5e37","slug":"150515580119-farrukhabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेघर ग्रामीणों ने बाग में ली शरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेघर ग्रामीणों ने बाग में ली शरण
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। गांव अलादपुर भटौली में रामगंगा की कटान से बेघर हुए ग्रामीणों ने परिवारों के साथ बाग में डेरा डाल दिया है। ग्रामीण खुले आसमान के नीचे परिवार के साथ बाग में रात-दिन गुजार रहे है।
सिर पर छाया करने को पालीथिन खरीदने तक का पैसा नहीं है। उधर, तीसराम की मडैया में कटान तेज होने के कारण दो ग्रामीण परिवार गांव से पलायन कर गए। एसडीएम ने सीएचसी प्रभारी के साथ तीसराम गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
अलादपुर भटौली में रामगंगा कटान कर रही है। रामगंगा की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं। जब रहने को जगह नहीं मिली तो ग्रामीणों ने परिवार के साथ बाग में डेरा डाल लिया।
विज्ञापन
बाग में घरेलू सामान रखे हैं। यहीं पर चूल्हे पर खाना बनाया जाता है। गांव निवासी मोरपाल, दयाराम, बृजेश, ऋषिपाल का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें रहने के लिए जगह उपलब्ध नहीं कराई। इस कारण वह सपरिवार बाग में पेड़ों की छांव में रह रहे हैं।
सो रहे थे, कुछ देर में कटान में बह गई झोपड़ी
रविवार की रात रामदीन झोपड़ी में सो रहे थे। कटान में पहाड़ी की मिट्टी कटकर गिरी तो उनकी आंख खुल गई और वह भाग कर झोपड़ी से बाहर आए। कुछ देर बाद उनकी झोपड़ी कटान की चपेट में आने से रामगंगा में समा गई। उधर, तीसराम की मडैया में गंगा की तेज धारा से कटान ने गति पकड़ ली है। रविवार को राजपाल और देवराज का मकान कटान की चपेट में आ गया। परिवार ने मकान से घरेलू सामान निकाल लिया था। इन दोनों लोगों के मकान कटान की चपेट में आने से टूट गए। गांव में रहने की जगह न होने के कारण दोनों ग्रामीण परिवार के साथ सोमवार को गांव से पलायान कर गए।
बोले एसडीएम, गांव बचना मुश्किल
एसडीएम वृजकिशोर दुबे, सीएचसी राजेपुर प्रभारी डा. मोहम्मद आरिफ सिद्दीकी ने लेखपाल प्रकाश सिंह के साथ गांव का निरीक्षण किया। कटान की स्थिति देखकर एसडीएम ने कहा कि गांव बचना मुश्किल है। गांव के लोगों को रहने के लिए जल्द जगह दी जाएगी। लेखपाल को जगह चिह्नित कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। इसके अलावा अन्य सहायता भी दी जाएगी।
गंगा का 10 और रामगंगा का 20 सेंटीमीटर जलस्तर घटा
गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी हुई है। जलस्तर 136.10 से घटकर 136.00 मीटर पर आ गया है। इसमें सोमवार को नरौरा से 28630 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की कमी हुई है। इस कारण जलस्तर 135.55 से घटकर 135.25 मीटर पर आ गया है। इसमें खो हरेली रामनगर से 2742 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
-अलादपुर भटौली और तीसराम की मडैया में रामगंगा की कटान जारी
-एसडीएम ने सीएचसी प्रभारी के साथ गांव का लिया जायजा, जताई चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
सिर पर छाया करने को पालीथिन खरीदने तक का पैसा नहीं है। उधर, तीसराम की मडैया में कटान तेज होने के कारण दो ग्रामीण परिवार गांव से पलायन कर गए। एसडीएम ने सीएचसी प्रभारी के साथ तीसराम गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
अलादपुर भटौली में रामगंगा कटान कर रही है। रामगंगा की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं। जब रहने को जगह नहीं मिली तो ग्रामीणों ने परिवार के साथ बाग में डेरा डाल लिया।
विज्ञापन
बाग में घरेलू सामान रखे हैं। यहीं पर चूल्हे पर खाना बनाया जाता है। गांव निवासी मोरपाल, दयाराम, बृजेश, ऋषिपाल का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें रहने के लिए जगह उपलब्ध नहीं कराई। इस कारण वह सपरिवार बाग में पेड़ों की छांव में रह रहे हैं।
सो रहे थे, कुछ देर में कटान में बह गई झोपड़ी
रविवार की रात रामदीन झोपड़ी में सो रहे थे। कटान में पहाड़ी की मिट्टी कटकर गिरी तो उनकी आंख खुल गई और वह भाग कर झोपड़ी से बाहर आए। कुछ देर बाद उनकी झोपड़ी कटान की चपेट में आने से रामगंगा में समा गई। उधर, तीसराम की मडैया में गंगा की तेज धारा से कटान ने गति पकड़ ली है। रविवार को राजपाल और देवराज का मकान कटान की चपेट में आ गया। परिवार ने मकान से घरेलू सामान निकाल लिया था। इन दोनों लोगों के मकान कटान की चपेट में आने से टूट गए। गांव में रहने की जगह न होने के कारण दोनों ग्रामीण परिवार के साथ सोमवार को गांव से पलायान कर गए।
बोले एसडीएम, गांव बचना मुश्किल
एसडीएम वृजकिशोर दुबे, सीएचसी राजेपुर प्रभारी डा. मोहम्मद आरिफ सिद्दीकी ने लेखपाल प्रकाश सिंह के साथ गांव का निरीक्षण किया। कटान की स्थिति देखकर एसडीएम ने कहा कि गांव बचना मुश्किल है। गांव के लोगों को रहने के लिए जल्द जगह दी जाएगी। लेखपाल को जगह चिह्नित कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। इसके अलावा अन्य सहायता भी दी जाएगी।
गंगा का 10 और रामगंगा का 20 सेंटीमीटर जलस्तर घटा
गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी हुई है। जलस्तर 136.10 से घटकर 136.00 मीटर पर आ गया है। इसमें सोमवार को नरौरा से 28630 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की कमी हुई है। इस कारण जलस्तर 135.55 से घटकर 135.25 मीटर पर आ गया है। इसमें खो हरेली रामनगर से 2742 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
-अलादपुर भटौली और तीसराम की मडैया में रामगंगा की कटान जारी
-एसडीएम ने सीएचसी प्रभारी के साथ गांव का लिया जायजा, जताई चिंता
अमर उजाला ब्यूरो