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एनडी विश्वविद्यालय प्रवासियों को देगा रोजगार
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अयोध्या। कोविड-19 में बेरोजगारी का दंश झेल रहे प्रवासी मजदूरों के लिए अच्छी खबर है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में मनरेगा कार्यों के लिए 4.68 करोड़ रुपये शासन से स्वीकृत हुए। इस धनराशि से कैंपस समेत विश्वविद्यालय के प्रक्षेपों पर विभिन्न कार्य कराए जाएंगे।
भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रवासियों को प्रशिक्षण एवं रोजगार दिए जाने के क्रम में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने सरकार के निर्देश के क्रम में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना अंतर्गत कच्ची नाली, मेड़बंदी, कच्चा मार्ग एवं फेंसिंग बनवाए जाने के लिए कई परियोजनाएं प्रस्तुत की थी।
शासन ने इसके लिए 468.29 लाख की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसमें 284.88 रुपये श्रमांश तथा सामग्री मद में 183.41 रुपये सहित कुल 468.29 लाख शर्तों एवं प्रतिबंधों के तहत स्वीकृत किया गया है।
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परियोजनाओं की कार्य स्वीकृति धनराशि के सापेक्ष 60 प्रतिशत धनराशि खर्च किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। 60 प्रतिशत धनराशि व्यय के बाद द्वितीय किस्त 40 प्रतिशत की धनराशि दी जाएगी।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इन परियोजनाओं को तैयार करने एवं अंतिम रूप देने में ई. एसएस सिंह एवं ई. यूपी सिंह का विशेष योगदान रहा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने सरकार के इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस कोविड महामारी संक्रमण काल में प्रवासियों को इससे रोजगार मिलेगा एवं उनका विकास होगा।
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भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रवासियों को प्रशिक्षण एवं रोजगार दिए जाने के क्रम में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने सरकार के निर्देश के क्रम में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना अंतर्गत कच्ची नाली, मेड़बंदी, कच्चा मार्ग एवं फेंसिंग बनवाए जाने के लिए कई परियोजनाएं प्रस्तुत की थी।
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शासन ने इसके लिए 468.29 लाख की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसमें 284.88 रुपये श्रमांश तथा सामग्री मद में 183.41 रुपये सहित कुल 468.29 लाख शर्तों एवं प्रतिबंधों के तहत स्वीकृत किया गया है।
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परियोजनाओं की कार्य स्वीकृति धनराशि के सापेक्ष 60 प्रतिशत धनराशि खर्च किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। 60 प्रतिशत धनराशि व्यय के बाद द्वितीय किस्त 40 प्रतिशत की धनराशि दी जाएगी।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इन परियोजनाओं को तैयार करने एवं अंतिम रूप देने में ई. एसएस सिंह एवं ई. यूपी सिंह का विशेष योगदान रहा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने सरकार के इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस कोविड महामारी संक्रमण काल में प्रवासियों को इससे रोजगार मिलेगा एवं उनका विकास होगा।