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भरतकुंड की सैकड़ों डंपर मिट्टी बेची
अमर उजाला ब्यूरो / फैजाबाद
Updated Sun, 12 Jun 2016 11:01 PM IST
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फैजाबाद में भरतकुंड के सरोवर की मिट्टी से पाटा गया प्लाट
- फोटो : अमर उजाला
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ऐतिहासिक भरतकुंड की खोदाई से निकली पवित्र मिट्टी का भी गोरखधंधा शुरू हो गया है। सैकड़ों डंफर मिट्टी सरोवर से बाहर ले जाकर घरों, स्कूल और प्लाटों की पटाई करा दी गई। मिट्टी बेचने वालों ने मोटी रकम भी कमाई है। जबकि डीएम ने सरोवर की खोदाई से निकली मिट्टी से इसके किनारे ऊंचे करने के लिए चबूतरा बनवाने का सख्त निर्देश दिया था।
रविवार को एसडीएम सोहावल के निर्देश पर नायब तहसीलदार की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की तो इसका खुलासा हुआ। भरतकुंड के बाहर आठ स्थानों पर सरोवर की मिट्टी पाई गई है। मामले में जल्द दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
सिल्ट से पटे भरतकुंड के जीर्णोद्धार का काम पर्यटन विभाग ने कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद को सौंपा है। प्रभारी एसडीएम कंचन राम ने रविवार को बताया कि लक्ष्मण निषाद, विनोद, कोरी वंश पंचायती मंदिर के सदस्य अनूप, संजय, तेज बहादुर यादव, तुलसीराम, मनोज निषाद आदि ने नायब तहसीलदार को शिकायती पत्र दिए हैं।
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इनमें शिकायती पत्रों में कहा गया है कि, डीएम के निर्देश की अवहेलना करते हुए सरोवर की मिट्टी से ग्राम प्रधान व कार्यदायी संस्था के जेई अपने चहेतों के घरों और बागों में पटान करा रहे हैं।
सके बदले कमाई भी की जा रही है। क्षेत्रीय लोगों ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही रिसीवर तैनाती की मांग की। इस पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार पैगाम हैदर के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम भरतकुंड भेजकर जांच के निर्देश दिए।
टीम ने क्षेत्र के आठ स्थानों का दौरा किया। इसमें तीन प्लॉट, एक भवन की बाउंड्री में, खेत और बाग में मिट्टी गिराई मिली। टीम ने इसकी फोटोग्राफी भी की है। टीम ने आसपास के लोगों से जानकारी की तो पता चला कि ये मिट्टी भरतकुंड की खोदाई से निकली है। जिसे डंफर व ट्रैक्टर-ट्रॉली से लाकर यहां गिराया गया है।
जबकि भरतकुंड परिसर के अंदर कोरी वंश पंचायती मंदिर, निषाद मंदिर, श्मशान स्थल, पशु चिकित्सालय, पार्वती संस्कृत विद्यालय और नाई मंदिर के सामने मिट्टी नहीं गिराई गई। नायब तहसीलदार का कहना है कि, सरोवर से निकली मिट्टी बेचना अवैध खनन व तस्करी की श्रेणी में आता है। अवैध तरीके से सरोवर की मिट्टी घर, प्लॉट, बाग आदि में गिराई गई है। ये गंभीर मामला है।
डीएम को संबोधित जांच रिपोर्ट प्रभारी एसडीएम व तहसीलदार को सौंप दी है। मामले में डीएम के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। प्रभारी एसडीएम व तहसीलदार कंचनराम ने बताया कि जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है। मामले में नियमानुसार एफआईआर आदि की कार्रवाई होगी।
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रविवार को एसडीएम सोहावल के निर्देश पर नायब तहसीलदार की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की तो इसका खुलासा हुआ। भरतकुंड के बाहर आठ स्थानों पर सरोवर की मिट्टी पाई गई है। मामले में जल्द दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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सिल्ट से पटे भरतकुंड के जीर्णोद्धार का काम पर्यटन विभाग ने कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद को सौंपा है। प्रभारी एसडीएम कंचन राम ने रविवार को बताया कि लक्ष्मण निषाद, विनोद, कोरी वंश पंचायती मंदिर के सदस्य अनूप, संजय, तेज बहादुर यादव, तुलसीराम, मनोज निषाद आदि ने नायब तहसीलदार को शिकायती पत्र दिए हैं।
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इनमें शिकायती पत्रों में कहा गया है कि, डीएम के निर्देश की अवहेलना करते हुए सरोवर की मिट्टी से ग्राम प्रधान व कार्यदायी संस्था के जेई अपने चहेतों के घरों और बागों में पटान करा रहे हैं।
सके बदले कमाई भी की जा रही है। क्षेत्रीय लोगों ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही रिसीवर तैनाती की मांग की। इस पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार पैगाम हैदर के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम भरतकुंड भेजकर जांच के निर्देश दिए।
टीम ने क्षेत्र के आठ स्थानों का दौरा किया। इसमें तीन प्लॉट, एक भवन की बाउंड्री में, खेत और बाग में मिट्टी गिराई मिली। टीम ने इसकी फोटोग्राफी भी की है। टीम ने आसपास के लोगों से जानकारी की तो पता चला कि ये मिट्टी भरतकुंड की खोदाई से निकली है। जिसे डंफर व ट्रैक्टर-ट्रॉली से लाकर यहां गिराया गया है।
जबकि भरतकुंड परिसर के अंदर कोरी वंश पंचायती मंदिर, निषाद मंदिर, श्मशान स्थल, पशु चिकित्सालय, पार्वती संस्कृत विद्यालय और नाई मंदिर के सामने मिट्टी नहीं गिराई गई। नायब तहसीलदार का कहना है कि, सरोवर से निकली मिट्टी बेचना अवैध खनन व तस्करी की श्रेणी में आता है। अवैध तरीके से सरोवर की मिट्टी घर, प्लॉट, बाग आदि में गिराई गई है। ये गंभीर मामला है।
डीएम को संबोधित जांच रिपोर्ट प्रभारी एसडीएम व तहसीलदार को सौंप दी है। मामले में डीएम के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। प्रभारी एसडीएम व तहसीलदार कंचनराम ने बताया कि जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है। मामले में नियमानुसार एफआईआर आदि की कार्रवाई होगी।