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Etawah News: राज्यसभा, लोकसभा में हो 20 फीसदी व्यापारियों की भागीदारी
Wed, 20 Mar 2024 01:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 20 Mar 2024 01:02 AM IST
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इटावा। शहर के लोहन्ना चौराहा स्थित एक होटल में मंगलवार को उद्यमियों की बैठक हुई। इसमें लोकसभा और राज्यसभा में 20 प्रतिशत व्यापारियों के लिए आरक्षित करने की मांग उठी। साथ ही आगामी दिनों में होने वाले वार्षिक चुनाव व अधिवेशन को लेकर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष संजय कुमार वर्मा ने कहा कि देश के बजट में विभिन्न प्रकार के कर के माध्यम से सर्वाधिक भागीदारी व्यापारी समाज की होती है। इसलिए लोकसभा व राज्यसभा में व्यापारियों के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित होनी चाहिए। वहीं, त्योहारों पर नमूने के नाम पर खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से वसूली करने का आरोप भी लगाया गया।
प्रदेश उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान ने फूड एक्ट की विसंगतियों पर बोलते हुए कहा कि खाने-पीने के सभी सामान खेत से निकलकर आते हैं। खेत में डाली जाने वाले रासायनिक खाद व कीटनाशक के मानक तय नहीं है। जबकि खेती से पैदा होने वाले पदार्थों की वजह से खाद्य पदार्थों के मानक बदल जाते हैं।
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कहा कि मल्टीनेशनल कंपनी व कॉरपोरेट घराने के सील बंद खाद्य पदार्थों के नमूने फेल होने पर कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में रिटेल के दुकानदार को बिना किसी अपराध किए दंडित किया जा रहा है। बिना किसी कारण निरापराध रिटेल के व्यापारियों को दंडित किया जाना बिल्कुल गलत है।
प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलेश वर्मा ने कहा कि प्रांतीय अधिवेशन से पहले संपूर्ण उत्तर प्रदेश के सभी नगर पालिका व नगर पंचायत में व्यापारी सम्मान की रक्षा के लिए इकाइयां बनाने का संकल्प लिया है। साप्ताहिक बंदी के नाम पर हो रहे व्यापारी उत्पीड़न के विषय में बोलते हुए कहा कि शॉपिंग माल व ऑनलाइन शॉपिंग 24 घंटे 365 दिन चालू व रिटेल का बाजार बंद, यह दो तरह की व्यवस्था बिल्कुल गलत है।
साप्ताहिक बंदी यदि आवश्यक है, तो सभी बंद होने चाहिए। उद्योग मंच के जिलाध्यक्ष भारतेंद्र नाथ भारद्वाज ने कहा कि जीएसटी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बड़े नगरों को छोड़ अब गांव तथा छोटे कस्बों में दुकान चलाने वाले व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। जिनका टर्नओवर कभी भी 40 लाख के दायरे को नहीं छू सकता, जबकि सरकार की ओर से 40 लाख तक टर्नओवर वाले व्यापारियों जीएसटी पंजीकरण से बाहर रखा है।
सरकारी आदेश को दरकिनार कर अधिकारी अवैध वसूली के लिए दबाव बनाकर व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। महिला प्रदेश मंत्री सुशीला राजवत ने कहा कि अधिकांश दुकानों में पानी के कनेक्शन की जरूरत नहीं होती है, लेकिन स्थानीय निकाय की ओर से गृहकर के बिलों सभी से जलकर वसूला जा रहा है। व्यापार मंडल के संरक्षक हाजी शहंशाह वारसी, शहर अध्यक्ष संजय वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान, प्रदेश जिला महासचिव रिषी पोरवाल, कोषाध्यक्ष कामिल कुरैशी, प्रदेश महासचिव महिला सुशीला राजावत, महिला जिलाध्यक्ष अर्चना कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष संजय कुमार वर्मा ने कहा कि देश के बजट में विभिन्न प्रकार के कर के माध्यम से सर्वाधिक भागीदारी व्यापारी समाज की होती है। इसलिए लोकसभा व राज्यसभा में व्यापारियों के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित होनी चाहिए। वहीं, त्योहारों पर नमूने के नाम पर खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से वसूली करने का आरोप भी लगाया गया।
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प्रदेश उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान ने फूड एक्ट की विसंगतियों पर बोलते हुए कहा कि खाने-पीने के सभी सामान खेत से निकलकर आते हैं। खेत में डाली जाने वाले रासायनिक खाद व कीटनाशक के मानक तय नहीं है। जबकि खेती से पैदा होने वाले पदार्थों की वजह से खाद्य पदार्थों के मानक बदल जाते हैं।
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कहा कि मल्टीनेशनल कंपनी व कॉरपोरेट घराने के सील बंद खाद्य पदार्थों के नमूने फेल होने पर कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में रिटेल के दुकानदार को बिना किसी अपराध किए दंडित किया जा रहा है। बिना किसी कारण निरापराध रिटेल के व्यापारियों को दंडित किया जाना बिल्कुल गलत है।
प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलेश वर्मा ने कहा कि प्रांतीय अधिवेशन से पहले संपूर्ण उत्तर प्रदेश के सभी नगर पालिका व नगर पंचायत में व्यापारी सम्मान की रक्षा के लिए इकाइयां बनाने का संकल्प लिया है। साप्ताहिक बंदी के नाम पर हो रहे व्यापारी उत्पीड़न के विषय में बोलते हुए कहा कि शॉपिंग माल व ऑनलाइन शॉपिंग 24 घंटे 365 दिन चालू व रिटेल का बाजार बंद, यह दो तरह की व्यवस्था बिल्कुल गलत है।
साप्ताहिक बंदी यदि आवश्यक है, तो सभी बंद होने चाहिए। उद्योग मंच के जिलाध्यक्ष भारतेंद्र नाथ भारद्वाज ने कहा कि जीएसटी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बड़े नगरों को छोड़ अब गांव तथा छोटे कस्बों में दुकान चलाने वाले व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। जिनका टर्नओवर कभी भी 40 लाख के दायरे को नहीं छू सकता, जबकि सरकार की ओर से 40 लाख तक टर्नओवर वाले व्यापारियों जीएसटी पंजीकरण से बाहर रखा है।
सरकारी आदेश को दरकिनार कर अधिकारी अवैध वसूली के लिए दबाव बनाकर व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। महिला प्रदेश मंत्री सुशीला राजवत ने कहा कि अधिकांश दुकानों में पानी के कनेक्शन की जरूरत नहीं होती है, लेकिन स्थानीय निकाय की ओर से गृहकर के बिलों सभी से जलकर वसूला जा रहा है। व्यापार मंडल के संरक्षक हाजी शहंशाह वारसी, शहर अध्यक्ष संजय वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान, प्रदेश जिला महासचिव रिषी पोरवाल, कोषाध्यक्ष कामिल कुरैशी, प्रदेश महासचिव महिला सुशीला राजावत, महिला जिलाध्यक्ष अर्चना कुशवाहा आदि मौजूद रहे।