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बिजली को 638 करोड़ के प्रस्ताव
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sat, 25 Jul 2015 11:57 PM IST
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जिला विद्युत समिति की बैठक में दो बड़ी योजनाओं के प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के मजरों के लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 14470.33 लाख रुपये और इंटीग्रेटिड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम के तहत 49349.07 लाख रुपये (कुल 638 करोड़ रुपये) की योजनाएं शामिल हैं।
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सपा के राष्ट्रीय महासचिव सांसद प्रो. रामगोपाल यादव की उपस्थिति में इन प्रस्तावों पर विचार हुआ। इस मौके पर उन्होंने कहा कि डीपीआर को जल्द से जल्द शासन को भेजें ताकि इसे मंजूरी मिल सके।
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शनिवार को बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए हुई बैठक में श्री यादव ने जिले की बिजली व्यवस्था की गहराई जानकारी की। उन्होंने विभाग के एसई अनूप वर्मा से पूछा कि जिले में कितने प्रतिशत कनेक्शन हैं ताकि वास्तविक स्थिति पता चल सको। एसई ने बताया कि 80 फीसदी कनेक्शन हैं। करीब 20 प्रतिशत मजरों में नहीं हैं।
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लाइन लॉस के सवाल पर एसई ने कहा कि फिलहाल यह काफी ज्यादा है। हालांकि इसमें लगातार कमी लाई जा रही है। पहले जिस डिवीजन में ढाई करोड़ रुपये बिजली बिल भुगतान से प्राप्त होते थे। आज करीब साढ़े चार करोड़ रुपये मिल रहे हैं। लाइन लॉस टेक्नीकल एवं कामर्शियल दोनों प्रकार का है।
पुराने उपकरणों की वजह से टेक्नीकल लाइन लॉस हो रहा है। श्री यादव ने पूछा कि इटावा नगर में ही ऐसे कई इलाके हैं, जहां बिजली विभाग का कोई अधिकारी नहीं जाता? इस पर एसई ने कहा कि इस बार अभियान के दौरान कालीवाहन सब स्टेशन से जुड़े क्षेत्र को लिया गया है। एक एक घर में जाकर चेकिंग की जा रही है।
अभी तक एक हजार कनेक्शन चेक किए जा चुके हैं। जिसमें 100 मेकेनिकल मीटर लगे पाए गए, जिन्हें बदला गया है। 40 नए कनेक्शन दिए गए हैं। एक प्रश्न के उत्तर में एसई ने बताया कि जिले में कुल 2.25 लाख हाउस होल्ड हैं, जिसमें देहाती क्षेत्र में 90 हजार और नगरीय क्षेत्र में 45 हजार कनेक्शन हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में 40 और शहरी क्षेत्र में 13 विद्युत सब स्टेशन हैं। बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्थायी कर्मचारियों के न होने का दुखड़ा भी रोया। उनका कहना रहा कि जेई को छोड़कर समूचा स्टाफ प्राइवेट है जिससे कार्य प्रभावित होता है और यह विभाग की बेसिक दिक्कत है।
इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता यादव, सदर विधायक रघुराज सिंह शाक्य, सुखदेवी वर्मा, डीएम नितिन बंसल, एडीएम ईश्वर चंद्र, एसडीएम सदर महेंद्र कुमार सिंह, एक्सईएन शहरी राजेश कुमार ग्रोवर, ग्रामीण आरबी सिंह आदि भी मौजूद रहे।
चोरों का मन बदले, तभी रुकेगी बिजली चोरी
बैठक के बाद मीडिया से रूबरू हुए सांसद श्री यादव ने कहा कि लाइन लॉस कम न होने के पीछे बिजली चोरी है। यह चोरी पब्लिक करती है। जब तक चोरों का मन नहीं बदलेगा, तब तक बिजली चोरी नहीं रोकी जा सकती।
उन्होंने कहा कि बिजली चोरों के खिलाफ सख्त कदम उठने चाहिए। श्री यादव ने कहा कि इस बैठक में 100 से कम आबादी वाले गैर विद्युतीकृत मजरों के लिए प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इसे शासन को भेजा जाएगा। संसद में चल रहे गतिरोध पर उनका कहना रहा कि यह गतिरोध चलता रहता है। फिर भी काम होता रहता है।
वह स्वयं गतिरोध के बाद हर रोज करीब सात घंटे काम करते हैं। भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका हल भी चर्चा से ही निकलेगा।
डीएम से बुनकरों की बैठक बुलाने को कहा
जिला विद्युत समिति की बैठक में बुनकरों के कनेक्शन न लेने का मुद्दा भी उठा। नगरीय एक्सईएन राजेश कुमार ग्रोवर ने कहा कि बुनकरों में भ्रांति है कि कनेक्शन लेने पर उनकी सब्सिडी खत्म हो जाएगी। उन्होंने अमर उजाला में छपी खबर का हवाला देते हुए कहा कि इस भ्रांति दूर करने के प्रयास हो रहे हैं।
एसई ने कहा कि बुनकरों को बताया जा रहा है कि कनेक्शन लेने पर जितने का बिल आएगा। वह सभी माफ होगा। फिर भी उन्हें यकीन नहीं हो रहा है। इस पर सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने डीएम से कहा कि बुनकरों की बैठक बुलाएं। उसमें डीएम, एसएसपी और बिजली विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बुनकर समाज के लोगों को भली प्रकार पूरी बात समझाएं। इससे यह भ्रांति दूर होगी। डीएम ने जल्द ही बैठक का आयोजन करने की हामी भरी।