{"_id":"5a491f8c4f1c1bf61b8b5f83","slug":"the-goody-dolls-remember-the-days-of","type":"story","status":"publish","title_hn":" याद बहुत आते हैं गुड्डे गुड़ियों वाले दिन...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
याद बहुत आते हैं गुड्डे गुड़ियों वाले दिन...
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Sun, 31 Dec 2017 11:04 PM IST
विज्ञापन
काव्य पाठ करते हुए युवा कवि गौरव चौहान व मंचासीन कविगण।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। इटावा महोत्सव एवं प्रदर्शनी पंडाल में शनिवार देर रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। जिसका शुभारंभ सदर विधायक सरिता भदौरिया, भरथना विधायक सावित्री कठेरिया एवं एडीएम ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया।
विज्ञापन
कवि सम्मेलन का शुभारंभ कवयित्री डॉ. सुमन दुबे ने- जय जय हे वीणा वादिनी के साथ की। संचालन शशिकांत यादव ने किया। इसके बाद गीतकार प्रमोद तिवारी ने- याद बहुत आते हैं गुड्डे गुड़ियों वाले दिन, दस पैसे में चूरन की पुड़ियों वाले दिन सुनाकर श्रोताओं को बचपन के दिन याद दिलाया और श्रोताओं की तालियों बटोरीं।
विज्ञापन
राजस्थानी की सपना सोनी ने- मोहब्बत तुमसे बहुत करने लगे हैं हम, मैं तेरे इश्क में दीवानी हुई हर सुबह शाम के अलावा आपका प्यार सिंदूर से कम नहीं, मांग को अब सजा दीजिए जैसे गीत सुनाकर श्रोताओं की वाह-वाही लूटी। जिले के युवा कवि गौरव चौहान ने अपनी कविताओं से कन्हैया कुमार व अफजल गुरु को ललकारा।
विज्ञापन
कोटा से आये अजातशत्रु ने अपने काव्य पाठ से वर्तमान व्यवस्था पर चोट किया। कवि सम्मेलन में डॉ. सुरेश अवस्थी, कमलेश शर्मा, पवन आगरी, शशांक प्रभाकर ने भी काव्यपाठ किया। कवि सम्मेलन में सरदार के ऊपर बनने वाले चुटकलों पर भी प्रताप फौजदार ने काव्य प्रेमियों को खूब गुदगुदाया।
अध्यक्षता कर रहे प्रताप फौजदार ने कहा -देश की एकता और अखंडता का बनाए रखने के लिए एलओसी, वैलोसी कुछ नहीं खुला छोड़ दो सेना को जैसे चाहे वैसे मारे, खुली छूट दो सेना को, आतंकवाद न मिट जाए तो मेरी मूंछ मूड़ लेना, दूरबीन दे दूंगा पाकिस्तान ढूंढ लेना। डॉ. सर्वेश अस्थाना ने कहा कि विभाग ने पुल पर यह इल्जाम लगाया कि सारा सीमेंट और लोहा इसी ने खाया, पुल बहुत गिरा गिराया अपने आप को निर्दोष बताया, आखिर पुल अपने ऊपर लगे सारे इल्जाम सह गया और अगले दिन नदी में कूदकर आत्महत्या कर गया।
कवि सम्मेलन में प्रदर्शनी समिति के जनरल सेक्रेटरी एवं एसडीएम सदर सिद्धार्थ, संयोजक सिटी मजिस्ट्रेट शमशाद हुसैन, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका अनिल कुमार, राजकिशोर बाजपेई, शांती स्वरुप पाठक, विजय नारायण सिंघल, मेहरबान सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवमहेश दुबे, गोपाल मोहन शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष फुरकान अहमद आदि मौजूद रहे।