{"_id":"d763f5206b1274906f5f528e34db38bf","slug":"the-cut-off-on-the-highway-sikslen-bkevr-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिक्सलेन हाइवे पर बकेवर जाने वाला कट बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिक्सलेन हाइवे पर बकेवर जाने वाला कट बंद
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
Updated Wed, 19 Aug 2015 11:24 PM IST
विज्ञापन
सिक्सलेन का निर्माण कर रही ओरियंटल कंपनी पुराने रोड
विज्ञापन
से सिक्स लेन को जोड़ने वाला कट बंद कर रही है। अब सिक्स लेन से पुराना
मुगल रोड होते हुए बकेवर, चकरनगर, लखना, भिंड आदि स्थानों की ओर जाने वाले
वाहनों को लंबा चक्कर लगाकर जाना होगा।
फोरलेन हाइवे निर्माण के दौरान बकेवर कस्बे में बाईपास बना था। बाईपास से कस्बे की ओर जाने वाले पश्चिमी एवं पूर्वी दोनों ओर तिराहे बने थे। इससे लोगों को बकेवर, लखना, चकरनगर आदि स्थानों पर जाने में आसानी रहती थी। अब हाइवे को सिक्स लेन किया जा रहा है।
पश्चिमी तिराहे के कट को निर्माण एजेंसी अब बंद करने जा रही है। इस कारण क्षेत्र के आसपास के लोगों को तीन किमी का चक्कर काटकर लखना, चकरनगर की ओर जाना पड़ेगा। आवागमन के लिए सिर्फ बकेवर चौराहे का ही प्रयोग कर सकेंगे।
पश्चिमी ओर स्थित सराय मिट्ठे, कुुड़रिया, रमपुरा, किशनपुरा, मलूपुर, कंढैया आदि गांवों के लोग दिन में कई-कई बार बकेवर जाते हैं। अब दो या दो किमी की दूरी आठ से 10 किमी में बदल जाएगी। पहले आसपास गांवों के बच्चे स्कूल कालेज के लिए पैदल ही निकल जाया करते थे, अब उनके सामने भी समस्या खड़ी हो रही है।
लोगों की जेब पर भी इसका असर पड़ेगा। अब बकेवर जाने के लिए भी किराया अदा करना होगा। बाइक वालों को भी अधिक पेट्रोल फूंकना पड़ेगा। हाइवे पर दोनों ओर जाने के लिए सर्विस रोड होगी लेकिन हाइवे पार करने के लिए छह किमी से पहले कट नहीं होगा।
सराय मिठ्ठे गांव के सामने भी हाइवे पर कट बना था। उसको भी बंद कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने अब सत्ताधारी दल के नेताओं के सामने विरोध जताने का निर्णय लिया है।
ओरियंटल कंपनी के बकेवर स्थित प्लांट के सब प्रोजेक्ट मैनेजर रवि शंकर सिंह ने बताया कि सिक्स लेन में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कट बनाने के मानक अलग हैं। पश्चिमी तिराहे वाले कट पर दुर्घटनाएं अधिक होती हैं, इसलिए इस कट को बंद किया जा रहा है।
फोरलेन हाइवे निर्माण के दौरान बकेवर कस्बे में बाईपास बना था। बाईपास से कस्बे की ओर जाने वाले पश्चिमी एवं पूर्वी दोनों ओर तिराहे बने थे। इससे लोगों को बकेवर, लखना, चकरनगर आदि स्थानों पर जाने में आसानी रहती थी। अब हाइवे को सिक्स लेन किया जा रहा है।
पश्चिमी तिराहे के कट को निर्माण एजेंसी अब बंद करने जा रही है। इस कारण क्षेत्र के आसपास के लोगों को तीन किमी का चक्कर काटकर लखना, चकरनगर की ओर जाना पड़ेगा। आवागमन के लिए सिर्फ बकेवर चौराहे का ही प्रयोग कर सकेंगे।
पश्चिमी ओर स्थित सराय मिट्ठे, कुुड़रिया, रमपुरा, किशनपुरा, मलूपुर, कंढैया आदि गांवों के लोग दिन में कई-कई बार बकेवर जाते हैं। अब दो या दो किमी की दूरी आठ से 10 किमी में बदल जाएगी। पहले आसपास गांवों के बच्चे स्कूल कालेज के लिए पैदल ही निकल जाया करते थे, अब उनके सामने भी समस्या खड़ी हो रही है।
लोगों की जेब पर भी इसका असर पड़ेगा। अब बकेवर जाने के लिए भी किराया अदा करना होगा। बाइक वालों को भी अधिक पेट्रोल फूंकना पड़ेगा। हाइवे पर दोनों ओर जाने के लिए सर्विस रोड होगी लेकिन हाइवे पार करने के लिए छह किमी से पहले कट नहीं होगा।
सराय मिठ्ठे गांव के सामने भी हाइवे पर कट बना था। उसको भी बंद कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने अब सत्ताधारी दल के नेताओं के सामने विरोध जताने का निर्णय लिया है।
ओरियंटल कंपनी के बकेवर स्थित प्लांट के सब प्रोजेक्ट मैनेजर रवि शंकर सिंह ने बताया कि सिक्स लेन में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कट बनाने के मानक अलग हैं। पश्चिमी तिराहे वाले कट पर दुर्घटनाएं अधिक होती हैं, इसलिए इस कट को बंद किया जा रहा है।