{"_id":"62c1e53acdb07776b14a28fa","slug":"referred-to-mother-and-child-after-death-etawah-news-knp7056670195","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौत के बाद किया जच्चा-बच्चा को रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौत के बाद किया जच्चा-बच्चा को रेफर
विज्ञापन
इटावा। शहर के आईटीआई चौराहे के पास स्थित श्री राधा कृष्ण हास्पिटल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। डॉक्टर ने हालत गंभीर बताकर दोनों को आगरा रेफर कर दिया। वहां डॉक्टर ने कई घंटे पहले मौत होने की जानकारी दी। परिजन शव लेकर लौटे और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। अस्पताल को सील कर दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
औरैया जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र के भदसान गांव की सुशीला देवी पत्नी अनिल कुमार गर्भवती थी। देवर दीपू ने बताया कि शनिवार शाम प्रसव पीड़ा शुरू होने पर न्यू प्राची हास्पिटल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने हालत गंभीर बताकर श्री राधाकृष्ण हास्पिटल रेफर कर दिया। रविवार सुबह चार बजे श्री राधाकृष्ण हास्पिटल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने 25 हजार रुपये जमा कराने के बाद ऑपरेशन किया।
दीपू ने आरोप लगाया कि अप्रशिक्षित स्टाफ होने की वजह से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई, लेकिन हालत गंभीर बताकर आगरा भेज दिया गया। आगरा के निजी हास्पिटल के डाक्टर ने बताया कि जच्चा-बच्चा की काफी देर पहले मौत हो चुकी थी। परिवार के लोग शव लेकर श्री राधाकृष्ण अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां संचालक और स्टाफ नहीं मिला।
विज्ञापन
परिजनों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के बाद अस्पताल सील कर दिया। फ्रेंड्स कॉलोनी थाना प्रभारी विवेक कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
30 अप्रैल को खत्म हो गया था पंजीकरण
एसीएमओ डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि श्री राधाकृष्ण अस्पताल का पंजीयन 30 अप्रैल को समाप्त हो चुका है। मई में संचालक को नोटिस देकर नवीनीकरण होने तक अस्पताल बंद रखने की चेतावनी दी गई थी। चोरी-छिपे अस्पताल का संचालन किया गया। अस्पताल को सील कर दिया गया है। लिखित शिकायत मिलने पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
ऊसराहार के अस्पतालों पर रिपोर्ट नहीं
ऊसराहार में आशा की मिलीभगत से चल रहे अवैध अस्पतालों को नोटिस और सील करने तक ही स्वास्थ्य विभाग सीमित है। सील अस्पताल खोले जाने की शिकायत भी अधिकारियों तक पहुंची लेकिन संचालकों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई।
विज्ञापन
औरैया जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र के भदसान गांव की सुशीला देवी पत्नी अनिल कुमार गर्भवती थी। देवर दीपू ने बताया कि शनिवार शाम प्रसव पीड़ा शुरू होने पर न्यू प्राची हास्पिटल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने हालत गंभीर बताकर श्री राधाकृष्ण हास्पिटल रेफर कर दिया। रविवार सुबह चार बजे श्री राधाकृष्ण हास्पिटल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने 25 हजार रुपये जमा कराने के बाद ऑपरेशन किया।
विज्ञापन
दीपू ने आरोप लगाया कि अप्रशिक्षित स्टाफ होने की वजह से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई, लेकिन हालत गंभीर बताकर आगरा भेज दिया गया। आगरा के निजी हास्पिटल के डाक्टर ने बताया कि जच्चा-बच्चा की काफी देर पहले मौत हो चुकी थी। परिवार के लोग शव लेकर श्री राधाकृष्ण अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां संचालक और स्टाफ नहीं मिला।
विज्ञापन
परिजनों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के बाद अस्पताल सील कर दिया। फ्रेंड्स कॉलोनी थाना प्रभारी विवेक कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
30 अप्रैल को खत्म हो गया था पंजीकरण
एसीएमओ डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि श्री राधाकृष्ण अस्पताल का पंजीयन 30 अप्रैल को समाप्त हो चुका है। मई में संचालक को नोटिस देकर नवीनीकरण होने तक अस्पताल बंद रखने की चेतावनी दी गई थी। चोरी-छिपे अस्पताल का संचालन किया गया। अस्पताल को सील कर दिया गया है। लिखित शिकायत मिलने पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
ऊसराहार के अस्पतालों पर रिपोर्ट नहीं
ऊसराहार में आशा की मिलीभगत से चल रहे अवैध अस्पतालों को नोटिस और सील करने तक ही स्वास्थ्य विभाग सीमित है। सील अस्पताल खोले जाने की शिकायत भी अधिकारियों तक पहुंची लेकिन संचालकों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई।