{"_id":"69935885c827daca6a036c34","slug":"ration-of-one-lakh-beneficiaries-stopped-for-not-getting-e-kyc-done-etawah-news-c-216-1-etw1002-137925-2026-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: ई-केवाईसी न कराने पर एक लाख लाभार्थियों का राशन बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: ई-केवाईसी न कराने पर एक लाख लाभार्थियों का राशन बंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा। जिले में राशन कार्ड धारकों पर विभाग की सख्ती का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। बार-बार चेतावनी और समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद अभी भी जिले के करीब 10 फीसदी लाभार्थियों ने अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है। विभागीय आदेश के बाद अब ऐसे एक लाख से अधिक लोगों का राशन कार्ड रोक दिया गया है। अब इन्हें कोटे की दुकान से खाद्यान्न तभी मिलेगा जब ये अपनी केवाईसी की औपचारिकता पूरी कर लेंगे।
वर्तमान में जिले में 2.87 लाख राशन कार्डों में 10.91 लाख उपभोक्ता जुड़े हुए है। इनमें पात्र ग्रहस्थी और अन्त्योदय दोनों प्रकार के लाभार्थी शामिल है। सरकार की ओर से पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। जिले के लगभग एक लाख लाभार्थियों ने शासन की सख्ती के बाद भी इस प्रक्रिया में रुचि नहीं दिखाई। नतीजा यह हुआ कि विभाग ने इन सभी का राशन वितरण तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, ई-केवाईसी न कराने वालों में बड़ी संख्या उन लोगों की है जो या तो जिले से बाहर रह रहे हैं या फिर अपात्र होने के बावजूद कार्ड धारक बने हुए हैं। बायोमेट्रिक मिलान न होने के कारण फर्जी या दोहरे लाभार्थियों को हटाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया को शत-प्रतिशत पूरा करना अनिवार्य है। जिन लाभार्थियों का राशन रुका है, वे अपने नजदीकी कोटेदार के पास जाकर पोस मशीन के माध्यम से अपनी केवाईसी तुरंत पूरी कराएं। इसके बिना राशन मिलना संभव नहीं होगा।
विज्ञापन
सीमा त्रिपाठी, जिला पूर्ति अधिकारी
विज्ञापन
वर्तमान में जिले में 2.87 लाख राशन कार्डों में 10.91 लाख उपभोक्ता जुड़े हुए है। इनमें पात्र ग्रहस्थी और अन्त्योदय दोनों प्रकार के लाभार्थी शामिल है। सरकार की ओर से पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। जिले के लगभग एक लाख लाभार्थियों ने शासन की सख्ती के बाद भी इस प्रक्रिया में रुचि नहीं दिखाई। नतीजा यह हुआ कि विभाग ने इन सभी का राशन वितरण तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, ई-केवाईसी न कराने वालों में बड़ी संख्या उन लोगों की है जो या तो जिले से बाहर रह रहे हैं या फिर अपात्र होने के बावजूद कार्ड धारक बने हुए हैं। बायोमेट्रिक मिलान न होने के कारण फर्जी या दोहरे लाभार्थियों को हटाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
ई-केवाईसी की प्रक्रिया को शत-प्रतिशत पूरा करना अनिवार्य है। जिन लाभार्थियों का राशन रुका है, वे अपने नजदीकी कोटेदार के पास जाकर पोस मशीन के माध्यम से अपनी केवाईसी तुरंत पूरी कराएं। इसके बिना राशन मिलना संभव नहीं होगा।
विज्ञापन
सीमा त्रिपाठी, जिला पूर्ति अधिकारी