फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Nuisance of detainees in prison , to be mounted on the wall stones

जेल में बंदियों का उपद्रव, दीवार पर चढ़कर किया पथराव

Mon, 13 Apr 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Mon, 13 Apr 2015 11:49 PM IST
विज्ञापन
Nuisance of detainees in prison , to be mounted on the wall stones

फिरोजाबाद से इटावा जिला जेल भेजी गई महिला बंदी विजया यादव की तलाशी से भड़का बंदियों का आक्रोश सोमवार को दूसरे दिन और भड़क गया। बंदियों ने खाने का बहिष्कार करते हुए जमकर उपद्रव किया। जेल की दीवार पर चढ़कर जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क पर पत्थर फेंके।

विज्ञापन


उपद्रव की खबर पाकर आगरा और लखनऊ के डीआईजी जेल भी मौके पर पहुंचे। इधर, बंदी विजया यादव के रसूख का यह असर रहा कि उसकी तहरीर पर सिविल लाइन थाने में जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर तथा चार महिला बंदियों के खिलाफ मारपीट, छेड़खानी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
विज्ञापन


महिला बंदी का डाक्टरी परीक्षण भी कराया गया। इसके बाद भी बंदी शांत नहीं हुए। कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। शाम 6 बजे तक प्रशासनिक अमला और जेल अधिकारी उन्हें मनाने में जुटे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुरक्षा के लिहाज से जेल परिसर और जेल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस-पीएसी तैनात की गई है। देर शाम जेलर समर बहादुर सिंह व डाक्टर दयानंद सिंह को पद से हटा दिया गया था। शनिवार को महिला बंदी विजया यादव को इटावा जेल स्थानांतरित किया गया था।

जेल में दाखिल होते समय महिला बंदी रक्षकों ने उसकी तलाशी लेने की कोशिश की तो वह भड़क गई। उसने महिला बंदी रक्षक के साथ मारपीट की। बाद में जेल का अन्य स्टॉफ मौके पर पहुंचा और महिला बंदी की तलाशी ली। तलाशी की भनक पहले से इटावा जेल में बंद उसके साथियों को लगी तो उन्होंने हंगामा करते हुए खाने का बहिष्कार कर दिया।

सिटी मजिस्ट्रेट ईश्वरचंद्र के अलावा अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने बंदियों को समझाने का प्रयास किया। मामला शांत हुआ किंतु सोमवार को बंदियों ने फिर उपद्रव किया। बैरक से बाहर आकर हंगामा, नारेबाजी की। हालत यह थी कि बंदी जेल में बैरकों के बाहर जेल की दीवारों पर चढ़ गए और प्रशासनिक अमला मूकदर्शक बना था।

करीब दो घंटे तक बंदी जेल की दीवारों पर खड़े होकर प्रदर्शन करते रहे। कई कैदियों ने ईंट-पत्थर भी फेंके। कई ने ईटों में कागज बांधकर अपना संदेश भी जेल से बाहर फेंका। इन लेटरों के जरिए बंदियों ने जेल स्टॉफ पर एक महिला बंदी के साथ बलात्कार किए जाने आदि गंभीर आरोप लगाए।

उपद्रव के कारण पूरे जिले का पुलिस फोर्स तथा पीएसी को जेल में बुला लिया गया था। पुलिस व पीएसी के जवान भी बंदियों के तीखे तेवरों को देखकर अपनी जगह पर खड़े होकर तमाशा देखते रहे।

बंदियों की मांग पर सिविल लाइन थाने में जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर तथा चार महिला बंदियों के खिलाफ मारपीट करने और छेड़खानी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। साथ ही महिला बंदी का डाक्टरी परीक्षण भी कराया गया।


इधर हंगामे की सूचना पर डीआईजी जेल आगरा केदारनाथ तथा डीआईजी जेल लखनऊ शरद कुलश्रेष्ठ भी मौके पर पहुंचे। अधिकारी उन्हें समझा रहे हैं। बंदी इस मांग पर अड़े हैं कि इटावा के जेल स्टॉफ को तुरंत हटाया जाए तथा कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह को मौके पर बुलाया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed