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अब बिजली चोरों को लगाएंगे ‘करंट’
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Sat, 10 Jan 2015 11:25 PM IST
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बिजली चोरी से बाज नहीं आ रहे लोगों की अब खैर नहीं। शासन और प्रशासन की मंशा बिल्कुल साफ है। वे या तो सुधर जाएं या फिर कार्रवाई झेलने को तैयार रहें। शासन के निर्देश पर 12 दिसंबर से शुरू होने वाला छापामारी अभियान लगातार छह सप्ताह तक चलेगा।
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जिस मोहल्ले या गांव में टीम घुसेगी, उसे आदर्श बनाकर ही लौटेगी। यानी फीडर से जितना करंट सप्लाई हो रहा होगा, उतने की वसूली नियमित करके ही टीम वहां से हटेगी। अभियान की खास बात यह होगी कि इस बार कनेक्शन देने पर नहीं बल्कि जुर्माना और एफआईआर दर्ज करने पर जोर रहेगा। जिले में कुल छह टीमें लगाई गई हैं। इसके अलावा विजिलेंस की टीम भी मौजूद रहेगी।
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एक दिन बाद जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए व्यापक अभियान शुरू होगा। इस अभियान को लेकर शासन और प्रशासन कितना संजीदा है, यह सेकंड शटर्डे के अवकाश के दिन भी कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक से साफ हो जाता है। डीएम नितिन बंसल ने प्रशासनिक एवं बिजली अधिकारियों को अभियान को लेकर शासन के निर्देशों से अवगत कराया।
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पिछली बार जब अभियान चला था, तब नए कनेक्शन देने पर जोर रहा।
इसमें कामयाबी भी मिली। मौजूदा समय में ग्रामीण क्षेत्र में करीब 75 हजार और शहरी क्षेत्र में 54 हजार बिजली कनेक्शन हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में करीब 26 हजार और शहरी क्षेत्र में करीब साढ़े आठ हजार नए कनेक्शन दिए गए थे। विभाग अभी भी मानता है कि ग्रामीण क्षेत्र में करीब सवा लाख और शहरी क्षेत्र में करीब 60 हजार बिजली कनेक्शन होने चाहिए।
मगर इस बार कनेक्शन देने पर जोर नहीं रहेगा।
शासन और प्रशासन की मंशा है कि बिजली चोरी रोकी जाए। विशेष कर जिन्होंने मीटर में छेड़छाड़ कर रखी है। कटिया डालकर बिजली का उपयोग कर रहे हैं, उन पर शिकंजा कसा जाए। इसके लिए कुल छह टीमें बनाई गई हैं। इसमें चार टीमें ग्रामीण क्षेत्र में और दो टीमें शहर में घूमेंगी।
प्रत्येक टीम में 75 अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहेंगे। बिजली विभाग के जेई और एसडीओ आदि कर्मचारी होंगे तो प्रशासन से एसडीएम, सीओ और तहसीलदार भी मौजूद रहेंगे। इन टीमों के अलावा कानपुर की विजिलेंस टीम भी यहां पहुंचेगी। अभियान हर रोज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा।