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Etawah News: जिला अस्पताल में बनेगी माइक्रोबायोलॉजी लैब, होंगी 40 जांचें
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इटावा। जिला अस्पताल में जल्द ही माइक्रोबायोलॉजी लैब शुरू होगी। जिला अस्पताल के मरीज आरटीपीसीआर, वायरल लोड, कल्चर सेंसिटिविटी बैक्टीरियल समेत करीब 40 तरह की जांचें यह करा सकेंगे। अभी उन्हें इन जांचों के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज या फिर निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ता है।
रविवार को अपर निदेशक कानपुर डॉ. रचना गुप्ता संयुक्त जिला अस्पताल पहुंच गईं। उन्होंने जिला अस्पताल के लिए प्रस्तावित माइक्रोबायोलॉजी लैब के लिए जगह देखी। पुरुष, महिला एवं 100 बेड एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल) में तीन जगह देखीं। इनमें रिसेप्शन को लैब के लिए बेहतर माना। उन्होंने बताया कि भविष्य में बीमारियों के रोगाणुओं की जांच होने से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
जिला अस्पताल में इस समय हेपेटाइटिस बी, सी और एचआईवी समेत कई जांचें होती हैं, लेकिन माइक्रोबायोलॉजी लैब न होने की वजह से आरटीपीसीआर, कल्चर सेंसिटिविटी बैक्टीरियल और वायरल लोड जैसी जांचें नहीं हो पाती हैं। इससे संक्रमित मरीजों को जांच कराने के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। यहां जांचों की संख्या अधिक होने की वजह से मरीज को रिपोर्ट के लिए कई-कई दिन का समय लगता था। अब जिला अस्पताल में जल्द ही लैब बनने से करीब 40 तरह की जांचें होने की उम्मीद है।
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सीएचसी और पीएचसी के सैंपलों की भी जांच कराने की तैयारी
जिला पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमएम आर्या ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी लैब बनने से काफी सुविधा मिलेगी। प्रयास है कि जिला अस्पताल की जांचों के साथ ही सीएचसी और पीएचसी से आने वाले आरटीपीसीआर समेत अन्य बैक्टीरियल जांचें की जा सकेंगी।
100 बेड की एमसीएच विंग को जल्द शुरू कराने के लिए चेताया
एडी ने एमसीएच विंग शुरू न होने पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि इस इमारत में जब अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब सबकी सुविधा है तो सामान्य प्रसव और ऑपरेशन वाली व्यवस्था यहां क्यों नहीं लाई जा रही है। इस पर जिला महिला अस्पताल के सीएमएस ने सीएमओ के पास से यह इमारत हैंडओवर न होने की बात कही। इस पर उन्होंने सीएमओ और सीएमएस दोनों को समाधान करके जल्द समस्या का निदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों कोई कार्रवाई के लिए भी चेताया। पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमएम आर्या, महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार, एसीएम डॉ. बीएल संजय, डिवीजनल प्रोजेक्ट मैनेजर राजन, मैनेजर निखिलेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
प्रमुख रूप से इनसे हो सकेंगी जांच
कल्चर बैक्टीरियल : खून में संक्रमण होने की वजह से शरीर में बदलाव आने पर कल्चर बैक्टीरियल जांच कराई जाती है। सांस तेज चलना, ह्रदय गति तेज होना, लगातार सिर दर्द होना, शरीर में झंझनाहट होना आदि की वजह से जांच कराई जाती हैं।
आरटीपीसीआर : कोविड 19 के लक्षण होने पर इस जांच को कराया जाता है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही व्यक्ति को कोविड पॉजिटिव माना जाता है।
वायरल लोड : आनुवांशिक या कोई और संक्रमण की बीमारी लगातार बढ़ने पर यह जांच कराई जाती है।
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रविवार को अपर निदेशक कानपुर डॉ. रचना गुप्ता संयुक्त जिला अस्पताल पहुंच गईं। उन्होंने जिला अस्पताल के लिए प्रस्तावित माइक्रोबायोलॉजी लैब के लिए जगह देखी। पुरुष, महिला एवं 100 बेड एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल) में तीन जगह देखीं। इनमें रिसेप्शन को लैब के लिए बेहतर माना। उन्होंने बताया कि भविष्य में बीमारियों के रोगाणुओं की जांच होने से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
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जिला अस्पताल में इस समय हेपेटाइटिस बी, सी और एचआईवी समेत कई जांचें होती हैं, लेकिन माइक्रोबायोलॉजी लैब न होने की वजह से आरटीपीसीआर, कल्चर सेंसिटिविटी बैक्टीरियल और वायरल लोड जैसी जांचें नहीं हो पाती हैं। इससे संक्रमित मरीजों को जांच कराने के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। यहां जांचों की संख्या अधिक होने की वजह से मरीज को रिपोर्ट के लिए कई-कई दिन का समय लगता था। अब जिला अस्पताल में जल्द ही लैब बनने से करीब 40 तरह की जांचें होने की उम्मीद है।
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सीएचसी और पीएचसी के सैंपलों की भी जांच कराने की तैयारी
जिला पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमएम आर्या ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी लैब बनने से काफी सुविधा मिलेगी। प्रयास है कि जिला अस्पताल की जांचों के साथ ही सीएचसी और पीएचसी से आने वाले आरटीपीसीआर समेत अन्य बैक्टीरियल जांचें की जा सकेंगी।
100 बेड की एमसीएच विंग को जल्द शुरू कराने के लिए चेताया
एडी ने एमसीएच विंग शुरू न होने पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि इस इमारत में जब अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब सबकी सुविधा है तो सामान्य प्रसव और ऑपरेशन वाली व्यवस्था यहां क्यों नहीं लाई जा रही है। इस पर जिला महिला अस्पताल के सीएमएस ने सीएमओ के पास से यह इमारत हैंडओवर न होने की बात कही। इस पर उन्होंने सीएमओ और सीएमएस दोनों को समाधान करके जल्द समस्या का निदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों कोई कार्रवाई के लिए भी चेताया। पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमएम आर्या, महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार, एसीएम डॉ. बीएल संजय, डिवीजनल प्रोजेक्ट मैनेजर राजन, मैनेजर निखिलेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
प्रमुख रूप से इनसे हो सकेंगी जांच
कल्चर बैक्टीरियल : खून में संक्रमण होने की वजह से शरीर में बदलाव आने पर कल्चर बैक्टीरियल जांच कराई जाती है। सांस तेज चलना, ह्रदय गति तेज होना, लगातार सिर दर्द होना, शरीर में झंझनाहट होना आदि की वजह से जांच कराई जाती हैं।
आरटीपीसीआर : कोविड 19 के लक्षण होने पर इस जांच को कराया जाता है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही व्यक्ति को कोविड पॉजिटिव माना जाता है।
वायरल लोड : आनुवांशिक या कोई और संक्रमण की बीमारी लगातार बढ़ने पर यह जांच कराई जाती है।