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बच्चेदानी निकालने के प्रकरण की जांच शुरु
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शहर के पक्का बाग स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों के इलाज के दौरान महिला के परिजनों को बिना बताए बच्चेदानी निकाल लेने के प्रकरण की जांच डिप्टी सीएमओ ने शुरू कर दी है। डिप्टी सीएमओ ने दोनों पक्षों को नोटिस भेजकर पक्ष रखने को कहना है।
जनपद मैनपुरी किशनी के ग्राम खरगपुर निवासी ध्रुव सिंह चौहान के अनुसार उसकी शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुई थी। पत्नी को 26 जून की रात प्रसव पीड़ा होने पर पक्का बाग स्थित निजी अस्पताल लाया था।
27 जून को ऑपरेशन से बच्चा होने के बाद हालात बिगड़ने पर पत्नी को बिना बताए सैफई रेफर कर दिया था। रेफर पर्चे पर डॉक्टर के हस्ताक्षर और मुहर नहीं होने पर सैफई पीजीआई में भर्ती नहीं किया गया।
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पति के अनुसार हालत बिगड़ने पर पत्नी को कानपुर ले गए तो पता चला की ऑपरेशन दोबारा किया गया। इसी दौरान बच्चेदानी निकाल ली गई। इस बारे में सीएमओ डॉ. एनएस तोमर ने बताया कि प्रकरण के उनके संज्ञान में आने के बाद इसकी जांच डिप्टी सीएमओ डॉ.अवधेश यादव को सौंप दी है।
जांच रिपोर्ट का कब तक देने के निर्देश दिए हैं के सवाल पर बताया कि एक सप्ताह या इससे भी अधिक समय लग सकता है। दूसरी ओर जांच अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. अवधेश यादव का कहना है कि उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इसके लिए अस्पताल प्रशासन और पीड़ित पक्ष को अपना-अपना पक्ष रखने के संबंध में नोटिस भेज दिया है। बताया महिला का इलाज अभी कानपुर के एक अस्पताल में चल रहा है।
कानपुर से के डॉक्टरों से भी इलाज संबंधी रिपोर्ट मांगी गई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को सौंप दी जाएगी।
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जनपद मैनपुरी किशनी के ग्राम खरगपुर निवासी ध्रुव सिंह चौहान के अनुसार उसकी शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुई थी। पत्नी को 26 जून की रात प्रसव पीड़ा होने पर पक्का बाग स्थित निजी अस्पताल लाया था।
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27 जून को ऑपरेशन से बच्चा होने के बाद हालात बिगड़ने पर पत्नी को बिना बताए सैफई रेफर कर दिया था। रेफर पर्चे पर डॉक्टर के हस्ताक्षर और मुहर नहीं होने पर सैफई पीजीआई में भर्ती नहीं किया गया।
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पति के अनुसार हालत बिगड़ने पर पत्नी को कानपुर ले गए तो पता चला की ऑपरेशन दोबारा किया गया। इसी दौरान बच्चेदानी निकाल ली गई। इस बारे में सीएमओ डॉ. एनएस तोमर ने बताया कि प्रकरण के उनके संज्ञान में आने के बाद इसकी जांच डिप्टी सीएमओ डॉ.अवधेश यादव को सौंप दी है।
जांच रिपोर्ट का कब तक देने के निर्देश दिए हैं के सवाल पर बताया कि एक सप्ताह या इससे भी अधिक समय लग सकता है। दूसरी ओर जांच अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. अवधेश यादव का कहना है कि उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इसके लिए अस्पताल प्रशासन और पीड़ित पक्ष को अपना-अपना पक्ष रखने के संबंध में नोटिस भेज दिया है। बताया महिला का इलाज अभी कानपुर के एक अस्पताल में चल रहा है।
कानपुर से के डॉक्टरों से भी इलाज संबंधी रिपोर्ट मांगी गई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को सौंप दी जाएगी।