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इंतजार खत्म, तीन शेर बाड़े से बाहर निकाले
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इटावा। आखिर पर्यटकों का इंतजार खत्म हो गया। इटावा लॉयन सफारी पार्क प्रशासन ने पर्यटकों के दीदार के लिए तीन बब्बर शेरों को बाड़े के बाहर निकाला दिया।
सफारी प्रशासन ने भरत, रूपा व सोना को बाड़े से बाहर निकाला, ताकि वह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने और इटावा सफारी प्रबंधन की आय में इजाफा भी हो सके।
प्रबंधन की मानें, तो कोरोना काल के बाद से सफारी आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि, यह शेर लगभग डेढ़ हेक्टेयर एरिया में ही चहल-कदमी को पर्यटकों को रिझा रहे हैं।
इटावा सफारी पार्क का नाम पहले इटावा लॉयन सफारी पार्क रखा गया था। बाद में इस पार्क का नाम इटावा सफारी पार्क रखा गया। सफारी पार्क में पर्यटक सफारी पार्क में शेरों को देखने आते थे, लेकिन उनकी निगाहें शेरों को तलाशती रहती थी, लेकिन वह नजर नहीं आते थे।
इससे पर्यटकों को निराशा होती थी। इधर, काफी समय से सफारी प्रबंधन लॉयन सफारी को शुरू करने की कवायद में लगा था। सफारी पार्क की मिट्टी को जांच के लखनऊ स्थित नेशनल वर्टिकल रिसर्च सेंटर (राष्ट्रीय मुदा प्रयोगशाला) भेजा था।
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जांच में मिट्टी शेरों के लिए मुफीद पाई गई थी। उसके बाद से लॉयन सफारी को पर्यटकों के लिए खोलने की कोशिश शुरू की गई। वैसे तो लॉयन सफारी पार्क में 18 शेर, लेकिन पर्यटकों के दीदार के लिए अभी केवल तीन शेरों को पर्यटकों के दीदार के लिए बाड़े से बाहर निकाला गया है।
इनमें रूपा, भरत और सोना शामिल हैं। सफारी प्रबंधन की मानें तो लॉयन सफारी को अभी डेढ़ हेक्टेयर के एरिया में शुरू किया गया है। बताया कि धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 27 हेक्टेयर एरिया में किया जाएगा।
तय एरिया में लगी झाड़ियों को साफ कराने का काम चल रहा है। अभी दूसरे जानवर लॉयन सफारी क्षेत्र में घुसकर शेरों को नुकसान न पहुंचा सके, इसलिए वहां पीछे की तरफ जाली आदि की व्यवस्था की जानी है।
वॉच टॉवर के साथ ही कुछ और चीजों की व्यवस्था की जानी है। इसके लिए सफारी प्रबंधन ने शासन से बजट भी मांगा है।
पार्क में बढ़ेगी कर्मचारी की संख्या
लॉयन सफारी पार्क के विधिवत तरीके से शुरू होने पर कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अभी तक अफसरों को छोड़ दें, तो करीब 80 कर्मचारी सफारी पार्क में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इनमें कुछ कर्मचारियों को छोड़ दिया जाए, तो अधिकांश कर्मचारी आउट सोर्सिंग के हैं। सफारी प्रबंधन की मानें, तो लॉयन सफारी के विधिवत तरीके से शुरू होने शेरों की देखभाल के साथ दर्शकों की निगरानी आदि के लिए और कर्मचारियों की जरूरत होगी।
इसलिए और कर्मचारियों की भर्ती के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र भी लिखा जाएगा।
पाक में पांच सफारी पार्क बने हैं
इटावा लायन सफारी पार्क 350 हेक्टेयर जमीन पर बना हुआ है। इसकी खासियत है कि यहां पांच सफारी पार्क बने हैं, जिनमें लॉयन सफारी (शेर), डियर सफारी (हिरण), बेयर (भालू) सफारी और लेपर्ड (तेंदुआ) भी शामिल है।
लॉयन सफारी को अभी शुरू नहीं किया गया है। बाकी सफारी चल रहे हैं और देश-विदेश से पर्यटक यहां पशु-पक्षियों का दीदार करने के लिए बड़ी संख्या में आते हैं।
लॉयन सफारी पार्क में अभी हैं 18 शेर
लॉयन सफारी पार्क में इस समय 18 शेर हैं। इनमें शेरनी जेनिफर और गौरी भी हैं, जिन्हें दूसरी कोरोना लहर के दौरान संक्रमण हो गया था। दोनों को दो महीने से अधिक समय तक पार्क में बने पशु अस्पताल में भर्ती रखा गया था।
वन विभाग और लायन सफारी पार्क प्रशासन ने देश व प्रदेश के नामचीन पशु चिकित्सकों की देखरेख में दोनों शेरनियों का उपचार कराया। अब दोनों स्वस्थ हैं।
पार्क में प्रजनन केंद्र भी है
बब्बर शेरों का प्रजनन केंद्र भी है। यहां कई शावकों का जन्म भी हो चुका है। प्रजनन केंद्र बनाने के पीछे शासन की मंशा रही कि लायन सफारी पार्क में शेरों के दूसरे स्थानों से लेकर न आना पड़े।
यहां शावकों का जन्म हो और वो ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने। जरूरत होने पर शेरों को दूसरे प्रांतों व जिले के चिड़ियाघरों में भेजा जा सके।
पार्क में ये भी हैं
छह लैपर्ड, तीन भालू, 66 ब्लैक बक, 12 सांभर और 37 डीयर के अलावा कई और पशु-पक्षी हैं।
शेर रूपा, भरत व सोना को बाड़े से बाहर निकाला गया है, ताकि पर्यटक सफारी पार्क में शेरों का दीदार कर सकें। शेरों को देखने की आस लेकर यहां आने वाले पर्यटकों को यहां से निराश होकर न लौटना पड़े।
अभी शेरों की चहल-कदमी के लिए डेढ़ हेक्टेयर का एरिया तैयार किया गया है। धीरे-धीरे से लॉयन सफारी पार्क के एरिया को बढ़ा कर 27 हेक्टेयर किया जाएगा। अभी संसाधनों व कर्मचारियों की जरूरत है।
इसके लिए शासन से बजट की मांग की गई है। कोरोनाकाल के बाद से पार्क में आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
-अरुण कुमार सिंह, उप निदेशक सफारी पार्क इटावा
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सफारी प्रशासन ने भरत, रूपा व सोना को बाड़े से बाहर निकाला, ताकि वह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने और इटावा सफारी प्रबंधन की आय में इजाफा भी हो सके।
प्रबंधन की मानें, तो कोरोना काल के बाद से सफारी आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि, यह शेर लगभग डेढ़ हेक्टेयर एरिया में ही चहल-कदमी को पर्यटकों को रिझा रहे हैं।
इटावा सफारी पार्क का नाम पहले इटावा लॉयन सफारी पार्क रखा गया था। बाद में इस पार्क का नाम इटावा सफारी पार्क रखा गया। सफारी पार्क में पर्यटक सफारी पार्क में शेरों को देखने आते थे, लेकिन उनकी निगाहें शेरों को तलाशती रहती थी, लेकिन वह नजर नहीं आते थे।
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इससे पर्यटकों को निराशा होती थी। इधर, काफी समय से सफारी प्रबंधन लॉयन सफारी को शुरू करने की कवायद में लगा था। सफारी पार्क की मिट्टी को जांच के लखनऊ स्थित नेशनल वर्टिकल रिसर्च सेंटर (राष्ट्रीय मुदा प्रयोगशाला) भेजा था।
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जांच में मिट्टी शेरों के लिए मुफीद पाई गई थी। उसके बाद से लॉयन सफारी को पर्यटकों के लिए खोलने की कोशिश शुरू की गई। वैसे तो लॉयन सफारी पार्क में 18 शेर, लेकिन पर्यटकों के दीदार के लिए अभी केवल तीन शेरों को पर्यटकों के दीदार के लिए बाड़े से बाहर निकाला गया है।
इनमें रूपा, भरत और सोना शामिल हैं। सफारी प्रबंधन की मानें तो लॉयन सफारी को अभी डेढ़ हेक्टेयर के एरिया में शुरू किया गया है। बताया कि धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 27 हेक्टेयर एरिया में किया जाएगा।
तय एरिया में लगी झाड़ियों को साफ कराने का काम चल रहा है। अभी दूसरे जानवर लॉयन सफारी क्षेत्र में घुसकर शेरों को नुकसान न पहुंचा सके, इसलिए वहां पीछे की तरफ जाली आदि की व्यवस्था की जानी है।
वॉच टॉवर के साथ ही कुछ और चीजों की व्यवस्था की जानी है। इसके लिए सफारी प्रबंधन ने शासन से बजट भी मांगा है।
पार्क में बढ़ेगी कर्मचारी की संख्या
लॉयन सफारी पार्क के विधिवत तरीके से शुरू होने पर कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अभी तक अफसरों को छोड़ दें, तो करीब 80 कर्मचारी सफारी पार्क में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इनमें कुछ कर्मचारियों को छोड़ दिया जाए, तो अधिकांश कर्मचारी आउट सोर्सिंग के हैं। सफारी प्रबंधन की मानें, तो लॉयन सफारी के विधिवत तरीके से शुरू होने शेरों की देखभाल के साथ दर्शकों की निगरानी आदि के लिए और कर्मचारियों की जरूरत होगी।
इसलिए और कर्मचारियों की भर्ती के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र भी लिखा जाएगा।
पाक में पांच सफारी पार्क बने हैं
इटावा लायन सफारी पार्क 350 हेक्टेयर जमीन पर बना हुआ है। इसकी खासियत है कि यहां पांच सफारी पार्क बने हैं, जिनमें लॉयन सफारी (शेर), डियर सफारी (हिरण), बेयर (भालू) सफारी और लेपर्ड (तेंदुआ) भी शामिल है।
लॉयन सफारी को अभी शुरू नहीं किया गया है। बाकी सफारी चल रहे हैं और देश-विदेश से पर्यटक यहां पशु-पक्षियों का दीदार करने के लिए बड़ी संख्या में आते हैं।
लॉयन सफारी पार्क में अभी हैं 18 शेर
लॉयन सफारी पार्क में इस समय 18 शेर हैं। इनमें शेरनी जेनिफर और गौरी भी हैं, जिन्हें दूसरी कोरोना लहर के दौरान संक्रमण हो गया था। दोनों को दो महीने से अधिक समय तक पार्क में बने पशु अस्पताल में भर्ती रखा गया था।
वन विभाग और लायन सफारी पार्क प्रशासन ने देश व प्रदेश के नामचीन पशु चिकित्सकों की देखरेख में दोनों शेरनियों का उपचार कराया। अब दोनों स्वस्थ हैं।
पार्क में प्रजनन केंद्र भी है
बब्बर शेरों का प्रजनन केंद्र भी है। यहां कई शावकों का जन्म भी हो चुका है। प्रजनन केंद्र बनाने के पीछे शासन की मंशा रही कि लायन सफारी पार्क में शेरों के दूसरे स्थानों से लेकर न आना पड़े।
यहां शावकों का जन्म हो और वो ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने। जरूरत होने पर शेरों को दूसरे प्रांतों व जिले के चिड़ियाघरों में भेजा जा सके।
पार्क में ये भी हैं
छह लैपर्ड, तीन भालू, 66 ब्लैक बक, 12 सांभर और 37 डीयर के अलावा कई और पशु-पक्षी हैं।
शेर रूपा, भरत व सोना को बाड़े से बाहर निकाला गया है, ताकि पर्यटक सफारी पार्क में शेरों का दीदार कर सकें। शेरों को देखने की आस लेकर यहां आने वाले पर्यटकों को यहां से निराश होकर न लौटना पड़े।
अभी शेरों की चहल-कदमी के लिए डेढ़ हेक्टेयर का एरिया तैयार किया गया है। धीरे-धीरे से लॉयन सफारी पार्क के एरिया को बढ़ा कर 27 हेक्टेयर किया जाएगा। अभी संसाधनों व कर्मचारियों की जरूरत है।
इसके लिए शासन से बजट की मांग की गई है। कोरोनाकाल के बाद से पार्क में आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
-अरुण कुमार सिंह, उप निदेशक सफारी पार्क इटावा