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Etawah News: चिकित्सा विश्वविद्यालय में बाहरी लोग की पैठ

Wed, 01 Nov 2023 11:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Wed, 01 Nov 2023 11:33 PM IST
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Infiltration of outsiders into medical university
फोटो 34:::::आयुर्विज्ञान विवि के ओपीडी परिसर में मरीज का जांच के लिए खून निकालते युवक। वीडियो ग्रेब
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मरीजों को बहला फुसलाकर निकाल रहे खून, वीडियो हो रहा वायरल
संवाद न्यूज एजेंसी
सैफई। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में मरीजों का इलाज कराने वाले तीमारदार बाहरी लोगों से सावधान रहें। ऐसा मामला एक वीडियो के वायरल होने पर सामने आया है। हालांकि अमर उजाला ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि का दावा नहीं कर रहा है।
औसतन चिकित्सा विश्वविद्यालय की ओपीडी में रोजाना करीब दस जिलों के दो से तीन हजार मरीज इलाज कराने आते हैं। इनमें ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के होते हैं और इसी वजह से दलाल उन तक पहुंचकर उनकी अज्ञानता का फायदा उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर बुधवार को दो वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें ओपीडी में मरीजों के बीच दो लोग बहला-फुसला कर खून की जांच कराने की बात करते हैं। रिपोर्ट भी दो दिन में आने की बात कहते हैं। जो रिपोर्ट आएगी उसमें सिर्फ विश्वविद्यालय के नाम की ही रिपोर्ट आएगी। सैंपल भी यहीं पर लिया जाएगा। थोड़ी देर बाद एक दलाल ब्लड जांच कक्ष के अंदर जाता है और सिरिंज लेकर आता है और ओपीडी के अंदर खुले में मरीज को बैठाकर खून निकालता नजर आ रहा है। दूसरे वीडियो में ओपीडी में एक महिला का खून निकालते हुए नजर आ रहा है।
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वायरल हो रहे वीडियो को देखकर लगता है कि दलालों की घुसपैठ विश्वविद्यालय में किस कदर अंदर तक है। रिपोर्ट कक्ष, जांच केंद्र समेत सभी कक्षों में बिना रोक-टोक के प्रवेश करते हैं। तीमादार यहीं पर धोखा खा जाते हैं। उन्हें विश्वविद्यालय का कर्मचारी समझने की भूल करते हुए उनके चक्कर में फंस जाते हैं। हैरानी इस बात की है कि इस खेल की भनक ओपीडी प्रभारी एवं सुरक्षा गार्ड तक को नहीं है।
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दो साल पूर्व एसटीएफ ने की थी गिरफ्तारी
विश्वविद्यालय में तत्कालीन ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अभय प्रताप सिंह को 21 सितंबर 2021 को स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ की टीम ने 45 यूनिट ब्लड के साथ गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज चुकी है। तत्कालीन कुलपति डॉ. रमाकांत यादव ने आरोपी को निलंबित करने के बाद उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे। लेकिन जेल से छूटने के बाद फिर से मेडिकल कॉलेज की लैब में अटैच कर दिया था। सूत्रों के अनुसार सितंबर में विश्वविद्यालय की हुई बैठक में उसे बहाल करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

वर्जन
वीडियो वायरल होने का मामला संज्ञान में आया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी किस प्रकार से ओपीडी में ब्लड निकाला जा रहा है।
- डॉ. एसपी सिंह, चिकित्सा अधीक्षक
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