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Etawah News: अवैध कटः जल्दबाजी में जिंदगी दांव पर न लगाएं
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जसवंतनगर में सेंट पीटर्स स्कूल के सामने डिवाइडर पार करके दूसरी ओर जातीं साइकिल सवार छात्राएं। स?
- फोटो : ETAWAH
इटावा। लोगों की जल्दबाजी और अवैध कट कभी-कभी मौत के शॉर्टकट भी बन जाते हैं। जिले से निकले कानपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर अवैध कटों की भरमार है। इससे निकलने में आए दिन हादसे होते रहते हैं।
धौलपुर खेड़ा गांव से महेवा के टिली टिला गांव तक करीब 60 किलोमीटर का दायरा कानपुर-आगरा सिक्सलेन हाईवे पर पड़ता है। हाईवे पर पड़ने वाले सैकड़ों गांव, पेट्रोलपंप और ढाबा संचालक अपनी सुविधा के लिए डिवाइडर तोड़कर कट बना लेते हैं।
इन अवैध कटों से बाइक सवार, साइकिल सवार के साथ ही स्कूली बच्चे भी निकल रहे हैं। कई बार इन अवैध कटों से निकलने में तेज रफ्तार वाहन टक्कर मारकर निकल जाता है। अब सर्दियों में हाईवे पर धुंध होने की वजह से इन अवैध कटों पर हादसों की संख्या बढ़ जाती है।
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तेज रफ्तार वाहन चालक कोहरे की वजह से अवैध कट से निकल रहे लोगों को नहीं देख पाते हैं। दिसंबर के 15 दिनों में इन अवैध कटों पर हादसे होने की वजह से कई लोग हादसे के शिकार हो चुके हैं। नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर अमन रोहिला ने कहा कि अधिकांश कट बंद करा दिए गए हैं। जो रह गए हैं, उन्हें भी जल्द बंद कराया जाएगा। इसमें ग्रामीणों और अन्य लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। लोग कट बंद कराने पर अपनी सुविधा के हिसाब से खोल लेते हैं।
अवैध कटों से अक्सर होते हादसे
जसवंतनगर क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर गांव कैस्त के बाईपास से और नहर तक करीब पांच किलोमीटर के दायरे में 12 अवैध हैं। यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। इसके बावजूद नेशनल हाईवे की ओर से अवैध कट बंद नहीं कराए जा रहे हैं।
मानिकपुर मोड़ पर डिवाइडर से निकलते लोग
शहर से लगे मानिकपुर मोड़ से कानपुर की ओर लगभग एक किलोमीटर के दायरे में अस्थायी सीमेंट के डिवाइडर रखे गए हैं। दो डिवाइडर के बीच में बचे स्थान से बाइक सवार, साइकिल सवार और पैदल जाते लोग निकलकर हादसों का दावत देते रहते हैं।
करवाखेड़ा और सराय मिट्ठे में अवैध कट करा रहे हादसे
बकेवर क्षेत्र के करवाखेड़ा में ज्ञानस्थली स्कूल के सामने लोगों ने डिवाइडर तोड़कर रास्ता बना लिया है। इससे छोटे वाहनों के साथ ही बड़े स्कूली वाहन भी निकलते हैं। आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं। वहीं, अवैध कट से निकलने वाले बच्चों के अभिभावक भी चिंतित रहते हैं।
अवैध कट से हुए हादसे
पिछले साल नेशनल हाईवे पर परशुपुरा गांव के सामने बने अवैध कट से निकलते वक्त बाइक सवार पिता-पुत्र में बड़े वाहन ने टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों की मौत हो गई थी। हालांकि उसके बाद इस कट को बंद करा दिया गया है। इसी तरह, करीब छह माह पहले सराय मिट्ठे पर बने अवैैध कट से बाइक सवार पिता पुत्र निकल रहे थे। इस दौरान डीसीएम ने टक्कर मार दी थी। बाइक डीसीएम के नीचे फंसने की वजह से डीसीएम में आग लग गई थी। इस हादसे में भी पिता-पुत्र की मौत हो गई थी।
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धौलपुर खेड़ा गांव से महेवा के टिली टिला गांव तक करीब 60 किलोमीटर का दायरा कानपुर-आगरा सिक्सलेन हाईवे पर पड़ता है। हाईवे पर पड़ने वाले सैकड़ों गांव, पेट्रोलपंप और ढाबा संचालक अपनी सुविधा के लिए डिवाइडर तोड़कर कट बना लेते हैं।
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इन अवैध कटों से बाइक सवार, साइकिल सवार के साथ ही स्कूली बच्चे भी निकल रहे हैं। कई बार इन अवैध कटों से निकलने में तेज रफ्तार वाहन टक्कर मारकर निकल जाता है। अब सर्दियों में हाईवे पर धुंध होने की वजह से इन अवैध कटों पर हादसों की संख्या बढ़ जाती है।
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तेज रफ्तार वाहन चालक कोहरे की वजह से अवैध कट से निकल रहे लोगों को नहीं देख पाते हैं। दिसंबर के 15 दिनों में इन अवैध कटों पर हादसे होने की वजह से कई लोग हादसे के शिकार हो चुके हैं। नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर अमन रोहिला ने कहा कि अधिकांश कट बंद करा दिए गए हैं। जो रह गए हैं, उन्हें भी जल्द बंद कराया जाएगा। इसमें ग्रामीणों और अन्य लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। लोग कट बंद कराने पर अपनी सुविधा के हिसाब से खोल लेते हैं।
अवैध कटों से अक्सर होते हादसे
जसवंतनगर क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर गांव कैस्त के बाईपास से और नहर तक करीब पांच किलोमीटर के दायरे में 12 अवैध हैं। यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। इसके बावजूद नेशनल हाईवे की ओर से अवैध कट बंद नहीं कराए जा रहे हैं।
मानिकपुर मोड़ पर डिवाइडर से निकलते लोग
शहर से लगे मानिकपुर मोड़ से कानपुर की ओर लगभग एक किलोमीटर के दायरे में अस्थायी सीमेंट के डिवाइडर रखे गए हैं। दो डिवाइडर के बीच में बचे स्थान से बाइक सवार, साइकिल सवार और पैदल जाते लोग निकलकर हादसों का दावत देते रहते हैं।
करवाखेड़ा और सराय मिट्ठे में अवैध कट करा रहे हादसे
बकेवर क्षेत्र के करवाखेड़ा में ज्ञानस्थली स्कूल के सामने लोगों ने डिवाइडर तोड़कर रास्ता बना लिया है। इससे छोटे वाहनों के साथ ही बड़े स्कूली वाहन भी निकलते हैं। आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं। वहीं, अवैध कट से निकलने वाले बच्चों के अभिभावक भी चिंतित रहते हैं।
अवैध कट से हुए हादसे
पिछले साल नेशनल हाईवे पर परशुपुरा गांव के सामने बने अवैध कट से निकलते वक्त बाइक सवार पिता-पुत्र में बड़े वाहन ने टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों की मौत हो गई थी। हालांकि उसके बाद इस कट को बंद करा दिया गया है। इसी तरह, करीब छह माह पहले सराय मिट्ठे पर बने अवैैध कट से बाइक सवार पिता पुत्र निकल रहे थे। इस दौरान डीसीएम ने टक्कर मार दी थी। बाइक डीसीएम के नीचे फंसने की वजह से डीसीएम में आग लग गई थी। इस हादसे में भी पिता-पुत्र की मौत हो गई थी।

मलाजनी में डिवाइडर पार करके दूसरी ओर जाते साइकिल व बाइक सवार। संवाद- फोटो : ETAWAH

बकेवर के करवाखेड़ा में हाईवे पर अवैध कट से निकलता पिकअप। संवाद- फोटो : ETAWAH

मानिकपुर मोड़ के पास डिवाइडर से चढ़कर दूसरी ओर जाता बाइक सवार। संवाद- फोटो : ETAWAH