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Etawah News: मिट्टी के परीक्षण से कम खर्च में अधिक मुनाफा
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बकेवर। जनता कॉलेज बकेवर ने बल्लमपुर गांव में किसान गोष्ठी आयोजित की। यह ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ। कार्यकारी प्राचार्य डॉ. एके पाण्डेय के निर्देश पर कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जानकारी दी।
उन्होंने फसल की पैदावार बढ़ाने के उपाय बताए। खेती की लागत कम करने के तरीके भी सुझाए गए। कार्यक्रम संयोजक डॉ. पीके राजपूत ने मृदा परीक्षण की सलाह दी। उन्होंने संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने को कहा। इससे उत्पादन लागत घटती है और भूमि की उर्वरता बनी रहती है। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने वैज्ञानिक खेती पर जोर दिया। उन्होंने उचित फसल चक्र अपनाने और गर्मियों में गहरी जोताई करने को प्रेरित किया।
उन्नत प्रजातियां और पशुपालन
किसानों को अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत प्रजातियों का चयन करने के लिए कहा गया। गेहूं की उन्नत प्रजातियां डीबीडब्ल्यू-327, डीबीडब्ल्यू-222, डीबीडब्ल्यू-187, एचडी-330, एचडी-3086 और एचडी-2967 सुझाई गईं। देर से बोआई के लिए पीबीडब्ल्यू-373, मालवीय-234 और गोल्डन हलना जैसी प्रजातियां अपनाने को प्रेरित किया। पशुपालन विभाग के प्रभारी डॉ. आदित्य कुमार ने पशुओं के संतुलित आहार की जानकारी दी। उन्होंने प्रमुख पशु रोगों के लक्षण, उनकी रोकथाम व उपचार भी बताए।
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उन्होंने फसल की पैदावार बढ़ाने के उपाय बताए। खेती की लागत कम करने के तरीके भी सुझाए गए। कार्यक्रम संयोजक डॉ. पीके राजपूत ने मृदा परीक्षण की सलाह दी। उन्होंने संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने को कहा। इससे उत्पादन लागत घटती है और भूमि की उर्वरता बनी रहती है। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने वैज्ञानिक खेती पर जोर दिया। उन्होंने उचित फसल चक्र अपनाने और गर्मियों में गहरी जोताई करने को प्रेरित किया।
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उन्नत प्रजातियां और पशुपालन
किसानों को अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत प्रजातियों का चयन करने के लिए कहा गया। गेहूं की उन्नत प्रजातियां डीबीडब्ल्यू-327, डीबीडब्ल्यू-222, डीबीडब्ल्यू-187, एचडी-330, एचडी-3086 और एचडी-2967 सुझाई गईं। देर से बोआई के लिए पीबीडब्ल्यू-373, मालवीय-234 और गोल्डन हलना जैसी प्रजातियां अपनाने को प्रेरित किया। पशुपालन विभाग के प्रभारी डॉ. आदित्य कुमार ने पशुओं के संतुलित आहार की जानकारी दी। उन्होंने प्रमुख पशु रोगों के लक्षण, उनकी रोकथाम व उपचार भी बताए।
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