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स्वास्थ्य कर्मी के पति और बेटी को डेंगू, आगरा रेफर
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ंदीप तिवारी
- फोटो : ETAWHA
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इटावा। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य कर्मी के पति और बेटी में भी डेंगू के शुरुआती लक्षण पाए गए हैं। दोनों को आगरा रेफर कर दिया गया है। तीन और मरीजों को डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। इनको मिलाकर मरीजों की संख्या 23 पहुंच गई है। पहले 17 लोगों में डेंगू के प्राथमिक लक्षण मिल चुके हैं।
कुपोषित बच्चों के लिए बने वाले एनआरसी की प्रभारी कमलेश शाक्य जिला अस्पताल में रहती हैं। अधिवक्ता पति दिनेश शाक्य और पुत्री सैफाली (23) को कई दिन से बुखार आ रहा है। दोनों तीन दिन से जिला अस्पताल में भर्ती थे। फिजिशियन डॉ. वीके शाहू दोनों का इलाज कर रहे थे।
डॉ. साहू ने बताया कि दोनों में डेंगू जैसे लक्षण दिख रहे थे। दिनेश शाक्य की प्लेटलेंट्स घटकर 15 हजार रह गई थी। इसके चलते उन्हें आगरा रेफर कर दिया है।
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डॉ. साहू ने बताया कि मंगलवार दोपहर संदीप तिवारी, शैलू और बुधवार को अनुज को भी डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। कई दिन से भर्ती उपासना देवी को चिकित्सा विवि सैफई कर दिया गया है।
डेंगू वार्ड में भर्ती अलकापुरी निवासी संदीप तिवारी पुत्र नरेश चंद्र तिवारी ने बताया कि करीब दस दिन से बुखार आ रहा है। प्लेट्लेट्स घटकर 25 हजार रह गई है। दो अलग-अलग जांच कराने पर डेंगू के लक्षण पाए गए हैं।
कानपुर देहात के रसूलाबाद निवासी शैलू पुत्र मान सिंह ने बताया कि रिश्तेदारी में इटावा आए थे, यहां बुखार की चपेट में आ गए। डेंगू के लक्षण होने पर भर्ती होना पड़ा। प्लेटलेट्स घटकर 54 हजार रह गई है।
बुधवार की सुबह ग्राम चकवा(बसरेहर) निवासी अनुज पुत्र विनोद को भर्ती कराया गया। प्लेट्लेट्स 30 हजार रह गई है। डॉ. वीके ने बताया कि प्लेटलेट्स 20 हजार तक गिरने पर खतरा नहीं रहता है।
खून की उल्टी, पखाना के साथ खून आने, ब्लड प्रेशर कम होने, शरीर में लाल चकत्ते पड़ने पर मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। सीरोलॉजी रिपोर्ट के बाद ही किसी मरीज को डेंगू पीड़ित कहा जा सकता है। सीरोलॉजी जांच चिकित्स विवि सैफई में होती है।
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कुपोषित बच्चों के लिए बने वाले एनआरसी की प्रभारी कमलेश शाक्य जिला अस्पताल में रहती हैं। अधिवक्ता पति दिनेश शाक्य और पुत्री सैफाली (23) को कई दिन से बुखार आ रहा है। दोनों तीन दिन से जिला अस्पताल में भर्ती थे। फिजिशियन डॉ. वीके शाहू दोनों का इलाज कर रहे थे।
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डॉ. साहू ने बताया कि दोनों में डेंगू जैसे लक्षण दिख रहे थे। दिनेश शाक्य की प्लेटलेंट्स घटकर 15 हजार रह गई थी। इसके चलते उन्हें आगरा रेफर कर दिया है।
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डॉ. साहू ने बताया कि मंगलवार दोपहर संदीप तिवारी, शैलू और बुधवार को अनुज को भी डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। कई दिन से भर्ती उपासना देवी को चिकित्सा विवि सैफई कर दिया गया है।
डेंगू वार्ड में भर्ती अलकापुरी निवासी संदीप तिवारी पुत्र नरेश चंद्र तिवारी ने बताया कि करीब दस दिन से बुखार आ रहा है। प्लेट्लेट्स घटकर 25 हजार रह गई है। दो अलग-अलग जांच कराने पर डेंगू के लक्षण पाए गए हैं।
कानपुर देहात के रसूलाबाद निवासी शैलू पुत्र मान सिंह ने बताया कि रिश्तेदारी में इटावा आए थे, यहां बुखार की चपेट में आ गए। डेंगू के लक्षण होने पर भर्ती होना पड़ा। प्लेटलेट्स घटकर 54 हजार रह गई है।
बुधवार की सुबह ग्राम चकवा(बसरेहर) निवासी अनुज पुत्र विनोद को भर्ती कराया गया। प्लेट्लेट्स 30 हजार रह गई है। डॉ. वीके ने बताया कि प्लेटलेट्स 20 हजार तक गिरने पर खतरा नहीं रहता है।
खून की उल्टी, पखाना के साथ खून आने, ब्लड प्रेशर कम होने, शरीर में लाल चकत्ते पड़ने पर मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। सीरोलॉजी रिपोर्ट के बाद ही किसी मरीज को डेंगू पीड़ित कहा जा सकता है। सीरोलॉजी जांच चिकित्स विवि सैफई में होती है।