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दो हिस्सों में बंटी मालगाड़ी, 15 डिब्बे पटरी से उतरे
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हादसे के बाद टूटकर गिरा ओएचई लाइन का खंभा,बिखरा पड़ा कोयला। संवाद
- फोटो : ETAWAH
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भरथना (इटावा)। न्यू इकदिल और भरथना रेलवे स्टेशन के बीच नगला डीएफसी अपलाइन के पोल संख्या 615/25 के पास शनिवार सुबह कोयला लदी मालगाड़ी दो हिस्सों में बंट गई। इससे मालगाड़ी के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में ओएचई लाइन के दो खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
मालगाड़ी कानपुर से कालबोर स्टेशन कोयला लेकर जा रही थी। हादसे की जानकारी पर लोको पायलट ने लगभग एक किलोमीटर दूर पोल संख्या 615/19 पर मालगाड़ी को रोका। डीएफसी के स्थानीय अधिकारी-कर्मचारी, आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे। एक रेलकर्मी ने बताया कि कोयला लेकर मालगाड़ी कालबोर स्टेशन (खुर्जा) जा रही थी। डीएम श्रुति सिंह और एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने भी अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर जानकारी ली। डीएफसी के आला अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। शाम को टूंडला और कानपुर से पहुंची डीएफसी की टीम ने डिब्बे ट्रैक से हटाना शुरू कर दिया। टीम के अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द डिब्बों को हटाकर अप ट्रैक को बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
सवारी ट्रेनें नहीं हुईं प्रभावित
मालगाड़ी के लिए बनाए गए डीएफसी ट्रैक पर हादसा होने की वजह से यात्री ट्रेनों पर कोई असर नहीं पड़ा है। बिजली संकट के बीच कई राज्यों तक कोयला पहुंचाने के लिए मालगाड़ियों को नॉन स्टॉप चलाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इस हादसे के बाद अप लाइन पर जाने वाले कई मालगाड़ी प्रभावित हुई हैं।
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हादसे का कारण स्पष्ट नहीं
हादसे की सही वजह पता नहीं चल सकी है। बताते हैं कि वैगन की कपलिंग टूटने की वजह से हादसा हुआ है। हालांकि डीएफसी की टीम सही कारण जानने की कोशिश में जुटी है। 23 अगस्त को जसवंत नगर में अप लाइन पर भी मालगाड़ी के डिब्बे उतर गए थे। इस वजह से लगभग सात दिन तक रूट बाधित रहा था। इसके लगभग एक महीने बाद ही 20 सितंबर को वैदपुरा जैतिया के पास ट्रैक से कई डिब्बे उतरे थे। इस हादसे में ट्रैक किनारे पशु चरा रहे एक बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हो गए थे।
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मालगाड़ी कानपुर से कालबोर स्टेशन कोयला लेकर जा रही थी। हादसे की जानकारी पर लोको पायलट ने लगभग एक किलोमीटर दूर पोल संख्या 615/19 पर मालगाड़ी को रोका। डीएफसी के स्थानीय अधिकारी-कर्मचारी, आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे। एक रेलकर्मी ने बताया कि कोयला लेकर मालगाड़ी कालबोर स्टेशन (खुर्जा) जा रही थी। डीएम श्रुति सिंह और एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने भी अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर जानकारी ली। डीएफसी के आला अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। शाम को टूंडला और कानपुर से पहुंची डीएफसी की टीम ने डिब्बे ट्रैक से हटाना शुरू कर दिया। टीम के अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द डिब्बों को हटाकर अप ट्रैक को बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
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सवारी ट्रेनें नहीं हुईं प्रभावित
मालगाड़ी के लिए बनाए गए डीएफसी ट्रैक पर हादसा होने की वजह से यात्री ट्रेनों पर कोई असर नहीं पड़ा है। बिजली संकट के बीच कई राज्यों तक कोयला पहुंचाने के लिए मालगाड़ियों को नॉन स्टॉप चलाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इस हादसे के बाद अप लाइन पर जाने वाले कई मालगाड़ी प्रभावित हुई हैं।
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हादसे का कारण स्पष्ट नहीं
हादसे की सही वजह पता नहीं चल सकी है। बताते हैं कि वैगन की कपलिंग टूटने की वजह से हादसा हुआ है। हालांकि डीएफसी की टीम सही कारण जानने की कोशिश में जुटी है। 23 अगस्त को जसवंत नगर में अप लाइन पर भी मालगाड़ी के डिब्बे उतर गए थे। इस वजह से लगभग सात दिन तक रूट बाधित रहा था। इसके लगभग एक महीने बाद ही 20 सितंबर को वैदपुरा जैतिया के पास ट्रैक से कई डिब्बे उतरे थे। इस हादसे में ट्रैक किनारे पशु चरा रहे एक बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हो गए थे।

हादसे के बाद टूटकर गिरा ओएचई लाइन का खंभा,बिखरा पड़ा कोयला। संवाद- फोटो : ETAWAH