चौथे दिन भी जारी रहा मूल्यांकन का बहिष्कार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मानदेय की मांग को लेकर बोर्ड के मूल्यांकन का विरोध कर रहे वित्तविहीन विद्यालयों के सैकड़ों शिक्षकों ने गुरुवार को सपा सरकार की अर्थी निकालकर विरोध जताया। अर्थी का जीआईसी गेट पर अंतिम संस्कार कर दिया। वित्तविहीन शिक्षकों ने एलान किया है कि यदि मानदेय देने की घोषणा नहीं की गई तो अप्रैल के बाद जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।
बुधवार को सद्बुद्धि यज्ञ के बाद गुरुवार को दोपहर शिक्षकों ने सपा सरकार की अर्थी निकाली। शास्त्री चौराहे से शुरू हुआ प्रदर्शन जीआईसी परिसर में चारों ओर घुमाया। बाद में जीआईसी गेट के बाहर ही अर्थी को आग के हवाले कर दिया गया।
संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने बताया कि सपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान वित्तविहीन शिक्षकाें क ो जीविकोपार्जन के लिए मानदेय दिए जाने की घोषणा की थी लेकिन तीन साल से अधिक का समय गुजरने के बाद भी सरकार ने वादा पूरा नहीं किया है।
विनोद वर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो शिक्षक अप्रैल के बाद जेल भरो आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस अवसर पर सतीश चंद्र राजपूत, सत्यराम यादव, अमरेश द्विवेदी, नीता राजपूत, अरविंद यादव, उपेंद्र यादव, कमलेश कुमार पांडेय, योगेंद्र यादव, रूप लाल शाक्य, दयाल सिंह आदि प्रमुख हैं।
पांडेय गुट ने भी दिया धरना
तदर्थ शिक्षक ों का विनियमितीकरण, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, सीटी ग्रेेड का एलटी में संविलियन, वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय देने की मांग को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने मूल्यांकन का बहिष्कार करते हुए जीआईसी के सामने धरना दिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रमेश चंद मिश्रा, प्रदेश मंत्री शिवकुमार गुप्ता, इद्रनारायण पांडेय, रामकृष्ण शर्मा, अरविंद कैथवार, विपिन कुमार, प्रेमसिंह आदि मौजूद रहे।
शिक्षकों से मूल्यांकन की अपील
जसवंतनगर (इटावा) हिंदू विद्यालय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य एंव बोर्ड के उपनियंत्रक राजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि केेंद्र पर इंटरमीडिएट की भूगोल, संस्कृत, शिक्षाशास्त्र, समाजशास्त्र की उत्तरपुस्तिकांए मूल्यांकन के लिए आ चुकी है। उक्त विषयों के शिक्षकों से मूल्यांकन केंद्र पर उपस्थित रहने की अपील की गई है।
शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
इटावा। डीआईओएस डॉ. देवेंद्र प्रकाश ने बताया कि सभी परीक्षकों को मूल्यांकन कार्य के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है। यदि कोई परीक्षक मूल्यांकन कें द्र पर उपस्थित नहीं होता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।